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मिल के अधिकारी पर मुकदमा दर्ज
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खतौली मिल के अध्यासी और तौल लिपिक पर मुकदमा दर्ज
खतौली/मुजफ्फरनगर। डीसीओ के निरीक्षण में खतौली चीनी मिल सहित क्रय केंद्रों पर काफी अनियमितताएं सामने आईं। डीसीओ ने जांच में पाया कि चीनी मिल ने बिना नोटिस के ही तौल केंद्र बंद कर दिए, जो तौल केंद्र चालू मिले उन पर घटतौली पकड़ी गई। किसानों को इंडेंट जारी नहीं किया गया और एडवांस में गन्ने की खरीद कर ली गई। खतौली गन्ना समिति सचिव की ओर से मिल के अध्यासी डॉ अशोक कुमार और तौल लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ खतौली चीनी मिल के गन्ना तौल क्रय केन्द्रों पचैंडा कलां द्वितीय, मुस्तफाबाद, मखियाली, चांदपुर, ककरौली द्वितीय, जानसठ प्रथम एवं द्वितीय का निरीक्षण किया। डीसीओ ने बताया कि पचैंडा कलां द्वितीय के निरीक्षण के समय क्रय केंद्र बंद मिला। चौकीदार घसीटा ही मिला। मौके पर लगभग एक हजार क्विंटल गन्ना जमीन पर पड़ा मिला। यहां मिले किसान प्रदीप कुमार पचैंडा कलां ने बताया कि 28 मई से तौल बंद है। मखियाली तौल केंद्र के निरीक्षण के समययहां 27 मई से तौल नहीं होना बताया गया। चांदपुर का तौल केंद्र भी बंद मिला। मौके पर लगभग 400 क्विंटल गन्ना जमीन पर तुला हुआ पड़ा मिला। ककरौली द्वितीय निरीक्षण के समय क्रय केंद्र पर लगभग 50 किसान मिले। मोरना-जानसठ मार्ग पर गन्ने से भरी गाड़ियां तौल की प्रतीक्षा में खड़ी मिली। किसानों ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों के किसान इसी क्रय केंद्र पर गन्ना डालने को मजबूर हैं।
डीसीओ ने बताया कि जानसठ प्रथम का तौल केंद्र चलता मिला। यहां पाया गया कि कांटे पर मिल द्वारा लगभग चार प्रतिशत की घटतौली की जा रही हैं। डीसीओ आरडी द्विवेदी ने बताया कि जानसठ प्रथम क्रय केंद्र पर घटतौली कर गन्ना किसानों के साथ धोखाधड़ी कर उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही थी। गन्ना समिति खतौली के सचिव महिपाल सिंह की ओर से खतौली कोतवाली में मिल के अध्यासी डॉ अशोक कुमार, मिल तौल लिपिक दीपक कुमार निवासी तुलसीपुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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खतौली/मुजफ्फरनगर। डीसीओ के निरीक्षण में खतौली चीनी मिल सहित क्रय केंद्रों पर काफी अनियमितताएं सामने आईं। डीसीओ ने जांच में पाया कि चीनी मिल ने बिना नोटिस के ही तौल केंद्र बंद कर दिए, जो तौल केंद्र चालू मिले उन पर घटतौली पकड़ी गई। किसानों को इंडेंट जारी नहीं किया गया और एडवांस में गन्ने की खरीद कर ली गई। खतौली गन्ना समिति सचिव की ओर से मिल के अध्यासी डॉ अशोक कुमार और तौल लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ खतौली चीनी मिल के गन्ना तौल क्रय केन्द्रों पचैंडा कलां द्वितीय, मुस्तफाबाद, मखियाली, चांदपुर, ककरौली द्वितीय, जानसठ प्रथम एवं द्वितीय का निरीक्षण किया। डीसीओ ने बताया कि पचैंडा कलां द्वितीय के निरीक्षण के समय क्रय केंद्र बंद मिला। चौकीदार घसीटा ही मिला। मौके पर लगभग एक हजार क्विंटल गन्ना जमीन पर पड़ा मिला। यहां मिले किसान प्रदीप कुमार पचैंडा कलां ने बताया कि 28 मई से तौल बंद है। मखियाली तौल केंद्र के निरीक्षण के समययहां 27 मई से तौल नहीं होना बताया गया। चांदपुर का तौल केंद्र भी बंद मिला। मौके पर लगभग 400 क्विंटल गन्ना जमीन पर तुला हुआ पड़ा मिला। ककरौली द्वितीय निरीक्षण के समय क्रय केंद्र पर लगभग 50 किसान मिले। मोरना-जानसठ मार्ग पर गन्ने से भरी गाड़ियां तौल की प्रतीक्षा में खड़ी मिली। किसानों ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों के किसान इसी क्रय केंद्र पर गन्ना डालने को मजबूर हैं।
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डीसीओ ने बताया कि जानसठ प्रथम का तौल केंद्र चलता मिला। यहां पाया गया कि कांटे पर मिल द्वारा लगभग चार प्रतिशत की घटतौली की जा रही हैं। डीसीओ आरडी द्विवेदी ने बताया कि जानसठ प्रथम क्रय केंद्र पर घटतौली कर गन्ना किसानों के साथ धोखाधड़ी कर उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही थी। गन्ना समिति खतौली के सचिव महिपाल सिंह की ओर से खतौली कोतवाली में मिल के अध्यासी डॉ अशोक कुमार, मिल तौल लिपिक दीपक कुमार निवासी तुलसीपुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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