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Muzaffarnagar News: जसोई में हंगामे के बाद बहाल हुए निरस्त किए गए नामांकन पत्र
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किसान सेवा सहकारी समिति जसोई पर बैठे ग्रामीण
किसान सेवा सहकारी समिति जसोई का मामला
विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठे, एसडीएम ने किया मामला शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सहकारी समिति के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चला। किसान सेवा सहकारी समिति जसोई पर तीन नामांकन निरस्त कर दिए गए। ग्रामीण धरने पर बैठ गए। एसडीएम सदर परमानंद झा मौके पर पहुंचे। जांच में नामांकन सही पाए गए, जिन्हें दोबारा बहाल किया गया। रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक भी पहुंचे।
जसोई समिति पर गांव के वार्ड एक से जयवीर सिंह, दो पर खुर्रम और तीन पर अनुज कुमार ने नामांकन दाखिल किया था। बुधवार को तीनों नामांकन निरस्त कर दिए गए। गांव के तीनों वार्डों के नामांकन निरस्त होने के बाद ग्रामीण समिति पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि गलत तरीके से जांच की गई है। रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठे।
कई घंटे बाद एसडीएम सदर परमानंद झा और सहकारी विभाग के अधिकारी समिति पर गए। नामांकन फार्म दोबारा जांच में सही घोषित किए गए, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए। तावली समिति पर भी मांडी गांव क नामांकन निरस्त होने पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चला। रालोद जिलाध्यक्ष ने डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी से शिकायत करते हुए कहा कि गलत तरीके से नामांकन रद्द किया गया है।
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आज नामांकन वापसी
मुजफ्फरनगर। चुनाव में बृहस्पतिवार को नामांकन वापसी का समय तय है। संचालकों के लिए चुनाव 18 मार्च को होगा। जिले में 65 सहकारी समिति है। प्रत्येक समिति के लिए नौ-नौ संचालकों का चुनाव होना है। जिले में लगभग एक लाख 70 हजार किसान सहकारी संघों के चुनाव से जुड़े हैं। संचालक के चुनाव के बाद सभापति और उप सभापति के चुनाव होंगे।
नामांकन निरस्त करने की मांग
शाहपुर। गांव निरमानी के गांव प्रधान सत्येंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कहा कि गांव तावली स्थित किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के संचालक पद के लिए गांव के ही ओमपाल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। आरोप है कि ओमपाल कस्बे के सहायता प्राप्त राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है । नियमानुसार कोई भी सरकारी व अर्ध सरकारी कर्मचारी चुनाव नहीं लड़ सकता। जिलाधिकारी से नामांकन पत्र निरस्त करने की मांग की है ।
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विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठे, एसडीएम ने किया मामला शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सहकारी समिति के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चला। किसान सेवा सहकारी समिति जसोई पर तीन नामांकन निरस्त कर दिए गए। ग्रामीण धरने पर बैठ गए। एसडीएम सदर परमानंद झा मौके पर पहुंचे। जांच में नामांकन सही पाए गए, जिन्हें दोबारा बहाल किया गया। रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक भी पहुंचे।
जसोई समिति पर गांव के वार्ड एक से जयवीर सिंह, दो पर खुर्रम और तीन पर अनुज कुमार ने नामांकन दाखिल किया था। बुधवार को तीनों नामांकन निरस्त कर दिए गए। गांव के तीनों वार्डों के नामांकन निरस्त होने के बाद ग्रामीण समिति पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि गलत तरीके से जांच की गई है। रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठे।
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कई घंटे बाद एसडीएम सदर परमानंद झा और सहकारी विभाग के अधिकारी समिति पर गए। नामांकन फार्म दोबारा जांच में सही घोषित किए गए, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए। तावली समिति पर भी मांडी गांव क नामांकन निरस्त होने पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चला। रालोद जिलाध्यक्ष ने डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी से शिकायत करते हुए कहा कि गलत तरीके से नामांकन रद्द किया गया है।
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आज नामांकन वापसी
मुजफ्फरनगर। चुनाव में बृहस्पतिवार को नामांकन वापसी का समय तय है। संचालकों के लिए चुनाव 18 मार्च को होगा। जिले में 65 सहकारी समिति है। प्रत्येक समिति के लिए नौ-नौ संचालकों का चुनाव होना है। जिले में लगभग एक लाख 70 हजार किसान सहकारी संघों के चुनाव से जुड़े हैं। संचालक के चुनाव के बाद सभापति और उप सभापति के चुनाव होंगे।
नामांकन निरस्त करने की मांग
शाहपुर। गांव निरमानी के गांव प्रधान सत्येंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कहा कि गांव तावली स्थित किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के संचालक पद के लिए गांव के ही ओमपाल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। आरोप है कि ओमपाल कस्बे के सहायता प्राप्त राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है । नियमानुसार कोई भी सरकारी व अर्ध सरकारी कर्मचारी चुनाव नहीं लड़ सकता। जिलाधिकारी से नामांकन पत्र निरस्त करने की मांग की है ।