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दस दिन पूर्व हुई शिकायत पर हुआ भंडाफोड़
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मामला खुलते ही फरार हुआ जीजा की जगह नौकरी कर रहा साला
मुजफ्फरनगर/खतौली। मुरादाबाद में जीजा के स्थान पर नौकरी कर रहे साले के प्रकरण का खुलासा दस दिन पूर्व हुई शिकायत के आधार पर हुआ। मुरादाबाद पुलिस ने मामले की जांच की, जिसकी भनक लगने पर साला फरार हो गया। इसके बाद बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने खतौली क्षेत्र के गांव दाहौड़ में दबिश देकर आरोपी सिपाही (जीजा) को गिरफ्तार कर लिया।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव दाहौड़ निवासी कांस्टेबल अनिल कुमार की मुरादाबाद में डायल-112 में तैनाती है। अनिल की शादी करीब छह साल पूर्व गांव गंगधाड़ी निवासी युवती से हुई थी। अनिल की पत्नी के तीन भाई हैं, जिनमें सुनील सबसे छोटा है, जबकि उससे बड़े दो भाइयों मोनू व विक्की की शादी हो चुकी है। विक्की व मोनू गांव में ही राजमिस्त्री का काम करते हैं, जबकि सुनील को शादी के बाद जीजा अनिल करीब पांच साल पूर्व काम दिलाने के नाम पर अपने साथ मुरादाबाद ले गया था। इसके बाद अनिल ने साले सुनील को अपने साथ मुरादाबाद में ही उसे पुलिस के काम की जानकारी दी और इसके बाद खुद वहां से शिक्षक भर्ती की तैयारी के लिए घर लौट गया। सुनील को बड़ी सफाई से अपनी जगह ड्यूटी पर भेजने लगा।
तभी से सुनील डायल-112 में जीजा के स्थान पर ड्यूटी कर रहा था, जबकि अनिल गांव दाहौड़ में रहकर शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटा था। करीब एक पखवाड़े पूर्व अनिल का गांव दाहौड़ में ही किसी से विवाद हो गया था, जिसके द्वारा दस दिन पूर्व मुरादाबाद में पुलिस अफसरों को अनिल के स्थान पर उसके साले सुनील द्वारा नौकरी किए जाने की जानकारी दी। मुरादाबाद पुलिस ने जांच की तो मामला सही पाया गया, जिसकी भनक लगने पर सुनील वहां से फरार हो गया।
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गांव में नहीं किसी को फर्जीवाड़े की भनक
मुजफ्फरनगर। गांव गंगधाड़ी निवासी सुनील मुरादाबाद में अपने जीजा के स्थान पर पुलिस विभाग में काम कर रहा था, इसकी भनक गांव में तो छोड़ दें, उसके अपने परिजनों को भी नहीं है। सिपाही अनिल की दाहौड़ से गिरफ्तारी होने के बाद शुक्रवार को जब ग्रामीणों व परिजनों को मामले की सच्चाई पता चली तो वे भी दंग रह गए। बड़े भाइयों विक्की व मोनू ने बताया कि उन्हें तो यही पता था कि सुनील अपने जीजा के पास रहकर कोई नौकरी कर रहा है। सुनील ने भी उन्हें कभी इसकी जानकारी नहीं दी कि वह जीजा के स्थान पर ड्यूटी करता है।
बेहद कमजोर है माली हालत, घर भी सामान्य
मुजफ्फरनगर। पांच साल से अपने जीजा के स्थान पर मुरादाबाद में पुलिस की नौकरी कर रहे गांव गंगधाड़ी निवासी सुनील की माली हालत बेहद कमजोर है। उसके परिवार में केवल दो बड़े भाई विक्की व मोनू ही हैं। एक बहन है, जिसकी शादी करीब छह साल पूर्व दाहौड़ निवासी अनिल से हुई थी। परिवार में दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है, जबकि सुनील अभी अविवाहित है। गांव में तीनों भाइयों के घर भी बेहद सामान्य ही हैं और उनके पास अपना कोई वाहन तक नहीं है।
गंगधाड़ी में काफी कम आता था सुनील
मुजफ्फरनगर। मुरादाबाद में अपने जीजा के स्थान पर नौकरी कर रहा सुनील काफी कम अपने घर आता था। जब कभी वह घर आता, अपने जीजा की बाइक लेकर ही आता था। उसके पास अब तक भी अपना कोई वाहन तक नहीं है।
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मुजफ्फरनगर/खतौली। मुरादाबाद में जीजा के स्थान पर नौकरी कर रहे साले के प्रकरण का खुलासा दस दिन पूर्व हुई शिकायत के आधार पर हुआ। मुरादाबाद पुलिस ने मामले की जांच की, जिसकी भनक लगने पर साला फरार हो गया। इसके बाद बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने खतौली क्षेत्र के गांव दाहौड़ में दबिश देकर आरोपी सिपाही (जीजा) को गिरफ्तार कर लिया।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव दाहौड़ निवासी कांस्टेबल अनिल कुमार की मुरादाबाद में डायल-112 में तैनाती है। अनिल की शादी करीब छह साल पूर्व गांव गंगधाड़ी निवासी युवती से हुई थी। अनिल की पत्नी के तीन भाई हैं, जिनमें सुनील सबसे छोटा है, जबकि उससे बड़े दो भाइयों मोनू व विक्की की शादी हो चुकी है। विक्की व मोनू गांव में ही राजमिस्त्री का काम करते हैं, जबकि सुनील को शादी के बाद जीजा अनिल करीब पांच साल पूर्व काम दिलाने के नाम पर अपने साथ मुरादाबाद ले गया था। इसके बाद अनिल ने साले सुनील को अपने साथ मुरादाबाद में ही उसे पुलिस के काम की जानकारी दी और इसके बाद खुद वहां से शिक्षक भर्ती की तैयारी के लिए घर लौट गया। सुनील को बड़ी सफाई से अपनी जगह ड्यूटी पर भेजने लगा।
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तभी से सुनील डायल-112 में जीजा के स्थान पर ड्यूटी कर रहा था, जबकि अनिल गांव दाहौड़ में रहकर शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटा था। करीब एक पखवाड़े पूर्व अनिल का गांव दाहौड़ में ही किसी से विवाद हो गया था, जिसके द्वारा दस दिन पूर्व मुरादाबाद में पुलिस अफसरों को अनिल के स्थान पर उसके साले सुनील द्वारा नौकरी किए जाने की जानकारी दी। मुरादाबाद पुलिस ने जांच की तो मामला सही पाया गया, जिसकी भनक लगने पर सुनील वहां से फरार हो गया।
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गांव में नहीं किसी को फर्जीवाड़े की भनक
मुजफ्फरनगर। गांव गंगधाड़ी निवासी सुनील मुरादाबाद में अपने जीजा के स्थान पर पुलिस विभाग में काम कर रहा था, इसकी भनक गांव में तो छोड़ दें, उसके अपने परिजनों को भी नहीं है। सिपाही अनिल की दाहौड़ से गिरफ्तारी होने के बाद शुक्रवार को जब ग्रामीणों व परिजनों को मामले की सच्चाई पता चली तो वे भी दंग रह गए। बड़े भाइयों विक्की व मोनू ने बताया कि उन्हें तो यही पता था कि सुनील अपने जीजा के पास रहकर कोई नौकरी कर रहा है। सुनील ने भी उन्हें कभी इसकी जानकारी नहीं दी कि वह जीजा के स्थान पर ड्यूटी करता है।
बेहद कमजोर है माली हालत, घर भी सामान्य
मुजफ्फरनगर। पांच साल से अपने जीजा के स्थान पर मुरादाबाद में पुलिस की नौकरी कर रहे गांव गंगधाड़ी निवासी सुनील की माली हालत बेहद कमजोर है। उसके परिवार में केवल दो बड़े भाई विक्की व मोनू ही हैं। एक बहन है, जिसकी शादी करीब छह साल पूर्व दाहौड़ निवासी अनिल से हुई थी। परिवार में दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है, जबकि सुनील अभी अविवाहित है। गांव में तीनों भाइयों के घर भी बेहद सामान्य ही हैं और उनके पास अपना कोई वाहन तक नहीं है।
गंगधाड़ी में काफी कम आता था सुनील
मुजफ्फरनगर। मुरादाबाद में अपने जीजा के स्थान पर नौकरी कर रहा सुनील काफी कम अपने घर आता था। जब कभी वह घर आता, अपने जीजा की बाइक लेकर ही आता था। उसके पास अब तक भी अपना कोई वाहन तक नहीं है।