{"_id":"5a00b48b4f1c1b72548bb46b","slug":"bolero-scorpio-car","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना फिटनेस के चल रही हैं 308 बोलेरो, स्कॉर्पियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना फिटनेस के चल रही हैं 308 बोलेरो, स्कॉर्पियो
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
सड़क पर चलते वाहन (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन निगम का 46 लाख रुपये बतौर जुर्माना दबाकर लग्जरी कारें शहर, देहात की सड़कों पर दौड़ रही हैं। सेवन सीटर से ऊपर की सभी कारों का फिटनेस कराना अनिवार्य हैै, लेकिन जिले में कार स्वामी इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। एआरटीओ ने नए-पुराने वाहनों की कुंडली खंगाल कर करीब 308 वाहन खोजे हैं। इनके स्वामियों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई है।
नवंबर माह लगते ही सरकारी विभागों में राजस्व वसूली की पूर्ति के लिए मारामारी शुरू हो गई है। ट्रैफिक विभाग के साथ एआरटीओ को भी सख्त हिदायत दी गई है। परिवहन निगम भी राजस्व वसूली में जुट गया है। पंजीकरण के साथ टैक्स वसूली के लिए अफसरों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
एआरटीओ ने जुर्माना, टैक्स दबाए बैठे वाहनों की कुंडली खंगाली है, जिसमें सबसे दिलचस्प यह है कि ट्रांसपोर्ट वाहनों के अलावा लग्जरी कारों में शुमार वाहन भी जुर्माने की जद में आए हैं। छह लाख रुपये की कीमत से ऊपर के वाहनों को लग्जरी कारों में माना गया है, जबकि सात सीटर से ऊपर के वाहनों की फिटनेस कराना अनिवार्य है। जनपद में करीब 308 लग्जरी वाहन विभाग का 46 लाख रुपये से अधिक दबाकर दौड़ रहे हैं। अब विभाग इन वाहनों के स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विभाग इनसे जुर्माना वसूलने की तैयारी में लगा है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि सात सीटर से ऊपर के सभी वाहनों की फिटनेस करानी जरुरी है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिए हैं। जिले में करीब 308 वाहन सात सीटर से ऊपर के मिले हैं, जो दिसंबर 2016 से अक्टूबर 2017 तक पंजीकृत हैं। इनसे जुर्माना वसूला जाएगा।
बोलेरो-स्कार्पियो अधिक शामिल
मुजफ्फरनगर। जनपद में बिना फिटनेस के बोलेरो, स्कॉर्पियों के साथ अन्य आठ सीटर वाहन दौड़ रहे हैं। स्वामी फिटनेस नहीं कराते हैं, तो स्पेशल रूप से आरआई, एआरटीओ प्रवर्तन को लगाकर वाहनों की लगातार जांच कराई जाएगी। पकड़े जाने पर तत्काल वाहनों को सीज कर जुर्माना वसूला जाएगा। खास यह है कि इस नियम में सफेदपोशों की लग्जरी कारें भी आ रही हैं।
ऐसे लगाया जा रहा है जुर्माना
मुजफ्फरनगर। 29 दिसंबर 2016 से प्रदेश सरकार और परिवहन निगम ने निर्धारित समय के भीतर वाहनों की फिटनेस नहीं कराने पर 50 रुपये रोजाना की पेनाल्टी लगाई है। जनपद में एक वाहन पर दिसंबर 2016 से अक्टूबर 2017 तक 15 हजार रुपये पैनल्टी बनी है, जबकि ऐसे करीब 308 वाहन मिले हैं। जिन पर अक्टूबर 2017 तक 46,20,000 लाख रुपये बनता है।
विज्ञापन
नवंबर माह लगते ही सरकारी विभागों में राजस्व वसूली की पूर्ति के लिए मारामारी शुरू हो गई है। ट्रैफिक विभाग के साथ एआरटीओ को भी सख्त हिदायत दी गई है। परिवहन निगम भी राजस्व वसूली में जुट गया है। पंजीकरण के साथ टैक्स वसूली के लिए अफसरों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
एआरटीओ ने जुर्माना, टैक्स दबाए बैठे वाहनों की कुंडली खंगाली है, जिसमें सबसे दिलचस्प यह है कि ट्रांसपोर्ट वाहनों के अलावा लग्जरी कारों में शुमार वाहन भी जुर्माने की जद में आए हैं। छह लाख रुपये की कीमत से ऊपर के वाहनों को लग्जरी कारों में माना गया है, जबकि सात सीटर से ऊपर के वाहनों की फिटनेस कराना अनिवार्य है। जनपद में करीब 308 लग्जरी वाहन विभाग का 46 लाख रुपये से अधिक दबाकर दौड़ रहे हैं। अब विभाग इन वाहनों के स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विभाग इनसे जुर्माना वसूलने की तैयारी में लगा है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि सात सीटर से ऊपर के सभी वाहनों की फिटनेस करानी जरुरी है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिए हैं। जिले में करीब 308 वाहन सात सीटर से ऊपर के मिले हैं, जो दिसंबर 2016 से अक्टूबर 2017 तक पंजीकृत हैं। इनसे जुर्माना वसूला जाएगा।
बोलेरो-स्कार्पियो अधिक शामिल
मुजफ्फरनगर। जनपद में बिना फिटनेस के बोलेरो, स्कॉर्पियों के साथ अन्य आठ सीटर वाहन दौड़ रहे हैं। स्वामी फिटनेस नहीं कराते हैं, तो स्पेशल रूप से आरआई, एआरटीओ प्रवर्तन को लगाकर वाहनों की लगातार जांच कराई जाएगी। पकड़े जाने पर तत्काल वाहनों को सीज कर जुर्माना वसूला जाएगा। खास यह है कि इस नियम में सफेदपोशों की लग्जरी कारें भी आ रही हैं।
ऐसे लगाया जा रहा है जुर्माना
मुजफ्फरनगर। 29 दिसंबर 2016 से प्रदेश सरकार और परिवहन निगम ने निर्धारित समय के भीतर वाहनों की फिटनेस नहीं कराने पर 50 रुपये रोजाना की पेनाल्टी लगाई है। जनपद में एक वाहन पर दिसंबर 2016 से अक्टूबर 2017 तक 15 हजार रुपये पैनल्टी बनी है, जबकि ऐसे करीब 308 वाहन मिले हैं। जिन पर अक्टूबर 2017 तक 46,20,000 लाख रुपये बनता है।