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घर-घर तलाशे जाएंगे ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज
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घर-घर तलाशे जाएंगे ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग अब घर-घर जाकर गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग करेगा। ब्लड प्रेशर, शुगर एवं कैंसर के मरीजों को चिह्नित किया जाएगा। फिलहाल 5.36 लाख की आबादी को लक्ष्य मानकर 16 जनवरी से अभियान की शुरुआत होगी, जो कि 15 फरवरी तक चलेगा।
मंगलवार को रेडक्रास भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीएमओ डा. प्रवीण अरोड़ा ने बताया कि जिले में गैर संचारी रोग स्क्रिनिंग अभियान के जिले के 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 25 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर चलाया जाएगा। इसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुषों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच नि:शुल्क की जाएगी। उन्होंने बताया कि आशा घर-घर जाकर 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोगों की जांच के लिए एक फार्म भरेगी। इसके बाद सभी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच नियमित कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग में जो लोग ब्लड प्रेशर, शुगर या कैंसर पीड़ित होंगे उनका उपचार शुरू किया जाएगा। कैंसर रोगियों को हायर सेंटर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुंह एवं स्तन कैंसर की ही जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता जिस परिवार में जांच और सहमति के संबंध में पत्र लेकर जाए, सब लोग उसका सहयोग करें। इस दौरान एसीएमओ डा. वीके सिंह, डा. एसके अग्रवाल, डा. शरण सिंह, डा. घनश्यामदास, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा. गीतांजलि वर्मा, डीपीएम विपिन कुमार, कंसलटेंट सुशील कुमार, अनुज सक्सेना आदि मौजूद रहे।
...ताकि महिलाओं और बच्चों में न हो खून की कमी
मुजफ्फरनगर। महिलाओं और बच्चों में खून की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों और महिलाओं को निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक आयरन सीरप और गोलियां दी जाएंगी।
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सीएमओ डा. प्रवीण चौपड़ा ने बताया कि जनपद में एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत छह माह से लेकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को सप्ताह में दो बार आयरन सीरप पिलाया जाएगा। साथ ही पांच वर्ष से 49 आयु तक के सभी लड़कियों और महिलाओं को आयरन की गोली खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के प्रति जनजागरूकता के लिए सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कलाकार (पोस्टर प्रतियोगिता), स्मार्ट अभिनेता/अभिनेत्री (लघु नाटिका प्रतियोगिता), स्मार्ट शेफ (आयरन युक्त व्यंजन विधि प्रतियोगिता) स्मार्ट खिलाड़ी (खेल प्रतियोगिता), स्मार्ट ब्रेेन (क्विज प्रतियोगिता) का आयोजन कराया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत हिमोग्लोबिन की जांच की जाएगी, ताकि डिलीवरी के समय उनमें खून की कमी न हो। साथ ही जन्म लेने वाला बच्चा भी एनीमिक न हो।
2015-16 के सर्वे में एनीमिया पीड़ितों की स्थिति
छह से 49 माह के बच्चे: 78.7 प्रतिशत
शादीशुदा महिलाएं (गर्भवती नहीं): 64.5 प्रतिशत
गर्भवती महिलाएं : 65.5 प्रतिशत
15 से 49 वर्ष की महिलाएं : 64.6 प्रतिशत
पुरुष : 23.3 प्रतिशत
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मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग अब घर-घर जाकर गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग करेगा। ब्लड प्रेशर, शुगर एवं कैंसर के मरीजों को चिह्नित किया जाएगा। फिलहाल 5.36 लाख की आबादी को लक्ष्य मानकर 16 जनवरी से अभियान की शुरुआत होगी, जो कि 15 फरवरी तक चलेगा।
मंगलवार को रेडक्रास भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीएमओ डा. प्रवीण अरोड़ा ने बताया कि जिले में गैर संचारी रोग स्क्रिनिंग अभियान के जिले के 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 25 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर चलाया जाएगा। इसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुषों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच नि:शुल्क की जाएगी। उन्होंने बताया कि आशा घर-घर जाकर 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोगों की जांच के लिए एक फार्म भरेगी। इसके बाद सभी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच नियमित कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग में जो लोग ब्लड प्रेशर, शुगर या कैंसर पीड़ित होंगे उनका उपचार शुरू किया जाएगा। कैंसर रोगियों को हायर सेंटर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुंह एवं स्तन कैंसर की ही जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता जिस परिवार में जांच और सहमति के संबंध में पत्र लेकर जाए, सब लोग उसका सहयोग करें। इस दौरान एसीएमओ डा. वीके सिंह, डा. एसके अग्रवाल, डा. शरण सिंह, डा. घनश्यामदास, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा. गीतांजलि वर्मा, डीपीएम विपिन कुमार, कंसलटेंट सुशील कुमार, अनुज सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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...ताकि महिलाओं और बच्चों में न हो खून की कमी
मुजफ्फरनगर। महिलाओं और बच्चों में खून की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों और महिलाओं को निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक आयरन सीरप और गोलियां दी जाएंगी।
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सीएमओ डा. प्रवीण चौपड़ा ने बताया कि जनपद में एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत छह माह से लेकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को सप्ताह में दो बार आयरन सीरप पिलाया जाएगा। साथ ही पांच वर्ष से 49 आयु तक के सभी लड़कियों और महिलाओं को आयरन की गोली खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के प्रति जनजागरूकता के लिए सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कलाकार (पोस्टर प्रतियोगिता), स्मार्ट अभिनेता/अभिनेत्री (लघु नाटिका प्रतियोगिता), स्मार्ट शेफ (आयरन युक्त व्यंजन विधि प्रतियोगिता) स्मार्ट खिलाड़ी (खेल प्रतियोगिता), स्मार्ट ब्रेेन (क्विज प्रतियोगिता) का आयोजन कराया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत हिमोग्लोबिन की जांच की जाएगी, ताकि डिलीवरी के समय उनमें खून की कमी न हो। साथ ही जन्म लेने वाला बच्चा भी एनीमिक न हो।
2015-16 के सर्वे में एनीमिया पीड़ितों की स्थिति
छह से 49 माह के बच्चे: 78.7 प्रतिशत
शादीशुदा महिलाएं (गर्भवती नहीं): 64.5 प्रतिशत
गर्भवती महिलाएं : 65.5 प्रतिशत
15 से 49 वर्ष की महिलाएं : 64.6 प्रतिशत
पुरुष : 23.3 प्रतिशत