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भाकियू का पराली जलाने पर हंगामा, प्रदर्शन, धरना

Wed, 25 Nov 2020 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Nov 2020 12:27 AM IST
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BKU took the tehsil complex Parali
खतौली में तहसीलदार के कमरे के सामने पराली डालते हुए भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
भाकियू ने तहसील परिसर में भरी पराली
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। पराली जलाने पर एक किसान से जुर्माना वसूलने और उससे माफी मंगवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। मंगलवार को भाकियू मंडल महासचिव के नेतृत्व में किसानों ने तहसील परिसर में पराली भर दी। किसानों ने पराली को तहसीलदार के कमरे के बाहर भी डाल दिया। काफी देर चली वार्ता के बाद जुर्माने की रकम वापस किए जाने के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी किसान अशोक ने अपने खेत में पराली जलाई थी। इस मामले की शिकायत लेखपाल द्वारा किए जाने के बाद किसान अशोक को नोटिस भेजकर तहसीलदार ने अपने कार्यालय में तलब किया था। किसान से शासन के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में 2500 रुपये जुर्माना वसूला गया था, साथ ही उस किसान से माफी भी मंगवाई गई थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर भाकियू ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार की सुबह भाकियू के मंडल महासचिव राजू अहलावत के नेतृत्व में किसान तहसील परिसर पहुंचे। उन्होंने वहां पर पराली डाली और धरने पर बैठ गए।
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भाकियू नेता राजू अहलावत ने कहा कि किसान ने कोई गुनाह नहीं किया था, जो उससे जुर्माना के साथ माफी मंगवाई गई। प्रशासन किसानों को मूर्ख बना रहा है। खतौली गन्ना सीमति पर मात्र दो मलचर हैं, अगर मलचर रात दिन किसानों की पत्तियों का निस्तारण करें, तो नौ साल लगेंगे। गन्ने की पत्तियों का निस्तारण करने के लिए अब किसान नौ साल तक क्या करेगा। प्रशासन हर गांव में 10 मलचर नहीं दे सकता, तो किसान खेतों में ही पत्ती फूंकने को मजबूर होगा या फिर शुगर मिल में पत्ती सहित गन्ना तौलने को मजबूर होगा। उन्होंने धरने पर भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी को भी बैठाया। काफी देर चली वार्ता के बाद एसडीएम द्वारा आश्वासन दिया गया कि किसान पर किया गया जुर्माना वापस कराया जाएगा। उन्होंने इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से भी बात करने का आश्वासन दिया। धरने पर कपिल सोम, गुड्डू, सचिन, प्रवेंद्र ढाका, प्रभात सैनी, खड़क सिंह, बिट्टू प्रधान, सुबोध प्रधान, मुजमिल राणा, जुल्फकार, फुरकान, नफीस सैफी, इरशाद, भूरा आदि उपस्थित रहे।
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