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किसानों की ललकार, न्याय तक जारी रहेगी जंग
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 18 Jan 2016 12:26 AM IST
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मुजफ्फरनगर। गन्ने का रेट घोषित करने और बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर कचहरी में भाकियू के बैनर तले किसानों का धरना नौवें दिन भी जारी रहा। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों के आंदोलन के चलते डीएम अपने ऑफिस पर बीते नौ दिनों से नहीं बैठ पा रहे हैं।
गन्ना किसानों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार बढ़ता जा रहा है। नौ दिन धरना चलने के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। किसान प्रदेश सरकार पर गन्ना मूल्य घोषित नहीं करने के पीछे मिल मालिकों से साठ गांठ करने का आरोप लगा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने धरने पर बैठे किसानों से कहा कि उनकी लड़ाई बेकार नहीं जाएगी। किसानों की समस्याओं का जब तक निराकरण नहीं होता तब तक लड़ाई जारी रहेगी। इस समय किसानों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। आधा सत्र जा चुका है, बावजूद इसके गन्ना मूल्य तक घोषित नहीं हो पाया है। तितावी चीनी मिल पर बीते वर्ष का भी 140 करोड़ से ज्यादा बकाया है।
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मिल वाले जिस गन्ने को गत वर्ष सामान्य प्रजाति में ले रहे थे, अबकी बार उसे अन्य प्रजाति में लेकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। मिल मालिकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी नहीं सुनी जाती डीएम ऑफिस पर कब्जा बरकरार रहेगा।
हालत यह है कि नौ दिन से डीएम ऑफिस पर किसानों का कब्जा होने के कारण डीएम नहीं बैठ पा रहे हैं। इससे आम फरियादी अपनी पीड़ा भी डीएम के सामने नहीं रख पा रहे हैं। सतेंद्र प्रधान, विजय गोयल, अनीस, प्रेमपाल मलिक आदि रहे।
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गन्ना किसानों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार बढ़ता जा रहा है। नौ दिन धरना चलने के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। किसान प्रदेश सरकार पर गन्ना मूल्य घोषित नहीं करने के पीछे मिल मालिकों से साठ गांठ करने का आरोप लगा रहे हैं।
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जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने धरने पर बैठे किसानों से कहा कि उनकी लड़ाई बेकार नहीं जाएगी। किसानों की समस्याओं का जब तक निराकरण नहीं होता तब तक लड़ाई जारी रहेगी। इस समय किसानों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। आधा सत्र जा चुका है, बावजूद इसके गन्ना मूल्य तक घोषित नहीं हो पाया है। तितावी चीनी मिल पर बीते वर्ष का भी 140 करोड़ से ज्यादा बकाया है।
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मिल वाले जिस गन्ने को गत वर्ष सामान्य प्रजाति में ले रहे थे, अबकी बार उसे अन्य प्रजाति में लेकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। मिल मालिकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी नहीं सुनी जाती डीएम ऑफिस पर कब्जा बरकरार रहेगा।
हालत यह है कि नौ दिन से डीएम ऑफिस पर किसानों का कब्जा होने के कारण डीएम नहीं बैठ पा रहे हैं। इससे आम फरियादी अपनी पीड़ा भी डीएम के सामने नहीं रख पा रहे हैं। सतेंद्र प्रधान, विजय गोयल, अनीस, प्रेमपाल मलिक आदि रहे।