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Muzaffarnagar News: हैदरपुर से पानी निकाला तो उड़ान भर गए परिंदे

Sun, 22 Jan 2023 03:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sun, 22 Jan 2023 03:49 PM IST
सार

सर्दियों में हैदरपुर वेटलैंड पर विदेशी पक्षी कलरव करते हुए नजर आते हैं, लेकिन पक्षी दिखाई नहीं देंगे। पिछले साल रामसर स्थल घोषित किया गया था। हाल ही के दिनों में करीब 35 हजार प्रवासी पक्ष यहां जमे हुए थे। 

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Birds flew away when water was drawn from Haiderpur
हैदरपुर वेटलैंड

विस्तार

रामसर स्थल घोषित किए जा चुके हैदरपुर वेटलैंड को पानी से खाली कर दिए जाने के कारण यहां से करीब 35 हजार प्रवासी पक्षी उड़ान भर गए हैं। पक्षी प्रेमियों का कहना है कि समय से पहले वेटलैंड को पानी से खाली कर दिया गया है। वन विभाग भविष्य में समय बढ़ाने को लेकर शासन को पत्र लिखेगा।
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सर्दियों में हैदरपुर वेटलैंड पर विदेशी पक्षी कलरव करते हुए नजर आते हैं। इनमें कई दुर्लभ पक्षी भी शामिल है, जिन्हें आसानी से हैदरपुर में देखा जा सकता है। मगर, इस बार अब यह पक्षी दिखाई नहीं देंगे। इसकी वजह यह है कि सिंचाई विभाग ने वैटलेंड के पानी को गंगा में निकाल दिया है, जिससे पूरा वेटलैंड खाली हो गया है। प्रवासी पक्षी उड़ान भर गए हैं, जबकि जलीय जीवों के सामने संकट खड़ा हो गया है। सैकड़ों मछलियां भी यहां पर मर गई है। पक्षी विशेषज्ञ आशीष लोया का कहना है कि गलत समय पर पानी निकाला गया है। विदेशी परिंदे चले गए हैँ।
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पिछले साल मिली थी रामसर स्थल की मान्यता
हैदरपुर वेटलैंड को रामसर स्थल के रूप में पिछले साल मान्यता मिल गई थी। गंगा और सोलानी नदी के बीच छह हजार हेक्टेयर में फैले हैदरपुर वेटलैंड जैव विविधता का केंद्र बना हुआ है।
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हैदरपुर वेटलैंड

हैदरपुर वेटलैंड

 

ये है रामसर साइट
ईरान के शहर रामसर में दो फरवरी सन 1971 को एक सम्मेलन हुआ। इसमें शामिल राष्ट्रों ने वेटलैंड के संरक्षण से संबंधित एक समझौता हुआ और यह 21 दिसंबर 1975 से प्रभाव में आ गया। रामसर स्थल की परिभाषा के अनुसार वेटलैंड ऐसा स्थान है, जहां वर्ष में कम से कम आठ माह पानी भरा रहता हो और 200 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी रहती हो।

डीएफओ शासन को लिखेंगे पत्र
वन विभाग के रेंजर पीएन कुकरेती का कहना है कि डीएफओ को अवगत करा दिया गया है। जलीय जीवों को समस्या हुई है। शासन को पत्र लिखकर भविष्य में पानी निकालने का समय मार्च महीने तक बढ़ाने की मांग रखी जाएगी। उधर, शनिवार को मेरठ में आयोजित सिंचाई विभाग की बैठक में भी यह मामला रखा गया है।


पर्यटकों के हाथ लग रही मायूसी
विदेशी पक्षियों के वापस चले जाने के कारण यहां पर पहुंच रहे पर्यटकों के हाथ मायूसी लग रही है। बड़ी संख्या में दूर-दराज से लोग विदेशी पक्षियों को देेखने के लिए यहां पहुंचते हैं।

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