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आखिर कहां से सप्लाई हो रहा अवैध डीजल-पेट्रोल

Sun, 26 Jul 2020 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 11:45 PM IST
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Biodiesel Pump Case Muzaffarnagar
आखिर कहां से सप्लाई हो रहा अवैध डीजल-पेट्रोल
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मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध बायोडीजल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री की पुष्टि होने के बाद जांच टीम अब इन्हें सप्लाई होने वाले तेल के स्त्रोत का पता लगाना बड़ी चुनौती है। जांच टीम बायोडीजल पंपों पर नजदीकी प्रांत हरियाणा व उत्तराखंड से तेल की तस्करी किए जाने की संभावना पर भी काम कर रही है।
भोपा क्षेत्र के गांव रुड़कली में बायोडीजल पंप पर हुए अग्निकांड में दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन द्वारा प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। जांच टीम ने शनिवार से प्रकरण की पड़ताल शुरू की, जिसमें पहले ही दिन इन अवैध पंपों पर अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल की बिक्री किए जाने की पुष्टि खुद हादसे में घायल अय्याज ने कर दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त बायोडीजल पंप संचालकों द्वारा किसी भी वैध पेट्रोल पंप से डीजल-पेट्रोल नहीं खरीदा जाता। ऐसे में अवैध बायोडीजल पंपों पर हो रही डीजल-पेट्रोल की बिक्री की पुष्टि के बाद अब जांच टीम के समक्ष यह बड़ी चुनौती है कि आखिर इन पंपों पर बिक्री के लिए अवैध डीजल-पेट्रोल कहां और किस माध्यम से सप्लाई किया जा रहा था। जांच टीम फिलहाल नजदीकी प्रांत हरियाणा व उत्तराखंड से डीजल-पेट्रोल की तस्करी की संभावना पर काम कर रही है, जिसके सूत्र तलाशना टीम के लिए टेढ़ी खीर है। कुछ माह पहले हरियाणा में डीजल और पेट्रोल के दाम कम होने पर तेल का खेल करने वाले काफी मात्रा में हरियाणा से तेल की आपूूर्ति भी करते थे। अप्रैल माह में भौराकलां पुलिस ने भी हरियाणा से अपमित्रित कर आए गए डीजल के 18 ड्रम पकड़ेे थे।
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नकली डीजल-पेट्रोल की तो नहीं हो रही थी बिक्री
मुजफ्फरनगर। अवैध बायोडीजल पंपों पर वैध तरीके से डीजल-पेट्रोल की सप्लाई नहीं होने और सप्लाई का स्त्रोत ज्ञात न होने से यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन पंपों से नकली डीजल-पेट्रोल की बिक्री तो नहीं की जा रही थी। दरअसल, जिले में नकली डीजल-पेट्रोल का पुराना इतिहास रहा है और मंसूरपुर व खतौली क्षेत्र इसके गढ़ माने जाते थे। कई रसूखदार इस अवैध धंधे से जुड़े पाए जा चुके हैं, जो इस काले धंधे से धनकुबेर बन चुके हैं। कई बार पुलिस-प्रशासन ने तेल माफिया के इस धंधे का खुलासा कर चुकी है और फिलहाल बीते कुछ सालों से जनपद में इसकी धरपकड़ नहीं हो पाई है। ऐसे में आशंका यह भी जताई जा रही है कि कहीं बायोडीजल पंपों पर इसी नकली पेट्रोल-डीजल की तो बिक्री नहीं की जा रही थी।
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पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश गुप्ता का कहना है जनपद में किसी भी पंप से बायोडीजल पंप को डीजल-पेट्रोल की सप्लाई नहीं की जाती है। ऐसे में ये पंप संचालक कहां से इन्हें लाकर बेच रहे थे, यह जांच का विषय है।

डीएसओ जाकिर हुसैन का कहना है कि बायोडीजल पंपों पर किसी तरह की सप्लाई वैध स्तर से नहीं की जाती। ऐसे में आशंका यही है कि ऐसे पंप संचालक नजदीकी प्रांत से डीजल-पेट्रोल की तस्करी करते होंगे। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी, जिसके बाद उनके स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
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