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दिल को स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती: सत्यम
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दिल को स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती: सत्यम
मुजफ्फरनगर। हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कम उम्र में भी लोग हृदय रोग से पीड़ित हो रहे हैं। खानपान और नियमित दिनचर्या परिवर्तन भी आपकी स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ सत्यम राजवंशी का कहना है कि वर्तमान परिवेश में दिल को स्वस्थ रखना हम सबके लिए एक चुनौती बना है। हृदय रोग हर साल पूरे विश्व में 20 लाख लोगों की जानें लेता है। देश में हर 15 सेकंड में एक हार्टअटैक और हर 30 सेकंड में दिल की बीमारी से एक मृत्यु हो जाती है। आधुनिक जीवनशैली में हृदय रोग एक प्रकोप की तरह पूरी दुनिया में गंभीर समस्या बन चुका है।
युवाओं का दिल भी दे रहा धोखा
देश में दुर्भाग्यवश तीस से चालीस वर्ष की छोटी आयु में जानलेवा दिल की बीमारियों में वृद्धि हुई है। पश्चिमी देशों के मुकाबले यहां 10 से 15 वर्ष में दिल की बीमारी घेर रही है। आधुनिक जीवनशैली, धूम्रपान व तंबाकू शराब आदि का नशा, व्यायाम का अभाव, बढ़ता मोटापा, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल का कॉम्बिनेशन, दिमागी तनाव, खाने में अत्यधिक वसा, नमक, मीठा तथा ताजे फल और सब्जिय़ों का अभाव इस प्रकोप को बढ़ावा देने वाले मुख्य कारण हैं।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
छाती में दर्द, भारीपन, जलन, या खिंचाव दिल के दौरे का सबसे प्रमुख लक्षण है। इसके अलावा अत्यधिक सांस फूलना, थकान रहना, ठंडे में पसीने आना,धड़कन का कम या ज्यादा होना, एकाएक बेहोशी आना, अचानक हाथ या पैर का सुन्न पड़ना, हाथों पैरों पर सूजन आना भी दिल और नसों में खून के प्रवाह कम होने के लक्षण हो सकते हैं।
ये पांच मूल मंत्र बनेंगे सुरक्षा कवच
प्रतिदिन 45 मिनट का व्यायाम और योग साधना, हर रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें और 15 मिनट प्राणायाम और सूर्य नमस्कार की क्रिया करें। अपने वजन को हर हफ्ते एक बार नोट करें और उसे बढ़ने न दें। अत्यधिक वजऩ कम करना पूरे शरीर के हर भाग के लिए फायदेमंद है।
संतुलित आहार अपनायें
अत्यधिक नमक, मीठा, वसायुक्त भोजन, डब्बा बंद भोजन, फ़ास्ट फ़ूड, मांसाहारी भोजन की आदत को छोड़ें. इसके विकल्प में ज्यादा से ज्यादा ताजे फल, सब्जी, और बादाम व अखरोट का सेवन करें। गेहूं में चने का आटा मिला कर मिस्सी रोटी खाएं. खाना पकाने के लिए न्यूनतम मात्रा में सरसों के तेल का प्रयोग करें।
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मुजफ्फरनगर। हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कम उम्र में भी लोग हृदय रोग से पीड़ित हो रहे हैं। खानपान और नियमित दिनचर्या परिवर्तन भी आपकी स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ सत्यम राजवंशी का कहना है कि वर्तमान परिवेश में दिल को स्वस्थ रखना हम सबके लिए एक चुनौती बना है। हृदय रोग हर साल पूरे विश्व में 20 लाख लोगों की जानें लेता है। देश में हर 15 सेकंड में एक हार्टअटैक और हर 30 सेकंड में दिल की बीमारी से एक मृत्यु हो जाती है। आधुनिक जीवनशैली में हृदय रोग एक प्रकोप की तरह पूरी दुनिया में गंभीर समस्या बन चुका है।
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युवाओं का दिल भी दे रहा धोखा
देश में दुर्भाग्यवश तीस से चालीस वर्ष की छोटी आयु में जानलेवा दिल की बीमारियों में वृद्धि हुई है। पश्चिमी देशों के मुकाबले यहां 10 से 15 वर्ष में दिल की बीमारी घेर रही है। आधुनिक जीवनशैली, धूम्रपान व तंबाकू शराब आदि का नशा, व्यायाम का अभाव, बढ़ता मोटापा, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल का कॉम्बिनेशन, दिमागी तनाव, खाने में अत्यधिक वसा, नमक, मीठा तथा ताजे फल और सब्जिय़ों का अभाव इस प्रकोप को बढ़ावा देने वाले मुख्य कारण हैं।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
छाती में दर्द, भारीपन, जलन, या खिंचाव दिल के दौरे का सबसे प्रमुख लक्षण है। इसके अलावा अत्यधिक सांस फूलना, थकान रहना, ठंडे में पसीने आना,धड़कन का कम या ज्यादा होना, एकाएक बेहोशी आना, अचानक हाथ या पैर का सुन्न पड़ना, हाथों पैरों पर सूजन आना भी दिल और नसों में खून के प्रवाह कम होने के लक्षण हो सकते हैं।
ये पांच मूल मंत्र बनेंगे सुरक्षा कवच
प्रतिदिन 45 मिनट का व्यायाम और योग साधना, हर रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें और 15 मिनट प्राणायाम और सूर्य नमस्कार की क्रिया करें। अपने वजन को हर हफ्ते एक बार नोट करें और उसे बढ़ने न दें। अत्यधिक वजऩ कम करना पूरे शरीर के हर भाग के लिए फायदेमंद है।
संतुलित आहार अपनायें
अत्यधिक नमक, मीठा, वसायुक्त भोजन, डब्बा बंद भोजन, फ़ास्ट फ़ूड, मांसाहारी भोजन की आदत को छोड़ें. इसके विकल्प में ज्यादा से ज्यादा ताजे फल, सब्जी, और बादाम व अखरोट का सेवन करें। गेहूं में चने का आटा मिला कर मिस्सी रोटी खाएं. खाना पकाने के लिए न्यूनतम मात्रा में सरसों के तेल का प्रयोग करें।