बसपा को बड़ा झटका: मुजफ्फरनगर से सलमान सईद ने पार्टी को कहा अलविदा, फिर से थामा कांग्रेस का दामन
मुज़फ्फरनगर से बसपा नेता और मीरापुर से टिकट के दावेदार सलमान सईद ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। माना जा रहा है की टिकट की दौड़ मे पिछड़ जाने के कारण यह कदम उठाया गया है।।उनके पिता सईदुजमां पूर्व मंत्री रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर में बसपा को बड़ा झटका लगा है। यहां बहुजन समाज पार्टी के सिम्बल पर चरथावल विधानसभा सीट से चुनाव लड़े सलमान सईद पार्टी को अलविदा कह दिया है। वह फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए है। उन्होंने रायबरेली में कांग्रेस के नेता व संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात की। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय रॉय ने उन्हे कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। सलमान सईद ने अपना राजनितिक कैरियर कांग्रेस से ही शुरू किया था। विस चुनाव में कुछ मतभेद हुए तो उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी।
बता दें कि अधिवक्ता सलमान सईद राष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ पुरकाजी स्थित एस.एम डिग्री कॉलेज के प्रबंधक हैं। पूर्व सांसद और गृह मंत्री सईदुज्जमा के पुत्र व पूर्व विधायक, सांसद और मंत्री रहे सईद मुर्तजा के पोते हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति से हुई, जहां उन्होंने बी.कॉम, एमएसडब्ल्यू, और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
सलमान सईद ने कांग्रेस पार्टी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। एनएसयूआई के वाइस प्रेसिडेंट, प्रदेश युवा कांग्रेस में उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव और महासचिव वे मेरठ, बिजनौर और मुरादाबाद मंडल के प्रभारी भी रहे।
उन्होंने 2002 में पहली बार मीरापुर से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और 2016 में मुजफ्फरनगर विधानसभा के उपचुनाव में भाग लिया। 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर चरथावल विधानसभा से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ा।
अब मीरापुर सीट पर हो रहे उपचुनाव के मद्देनजर उन्होंने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया है। सलमान सईद अपने दादा और वालिद की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।