UP: छापा मारकर बनाया भोकाल, अधिकारियों के जाते ही फिर दुकान खोलकर बैठ गए दलाल
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मुजफ्फरनगर एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह व एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों की दुकानों को बंद कराने के लिए छापा मारा। कुछ लोगों को पकड़कर पुलिस की गाड़ी में बैठाया, जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अधिकारियों के जाते ही दलाल फिर दुकान खोलकर बैठ गए।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी अभिषेक यादव ने दो दिन पहले बैठक लेकर एआरटीओ सुरेंद्र सिंह को उनके कार्यालय के बाहर दलालों द्वारा चलाई जा रही दुकानों को बंद कराने के आदेश दिए थे।
एआरटीओ ने दुकानें बंद करा दी थीं। बुधवार सुबह एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गीय ने सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार, सीओ नई मंडी हिमांशु गौरव, नई मंडी कोतवाली पुलिस, ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी सहित कई अधिकारियों की नौ गाड़ियों के साथ छापा मारा। इससे वहां अफरा तफरा मच गई, हालांकि इस दौरान इक्का दुक्का दुकानें ही खुली थीं।
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अधिकारियों ने मौजूद मिले लोगों से पूछताछ की और उन्हें विभाग संबंधी कार्य न करने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय के अंदर मिले चार, पांच लोगों को पकड़ा। संतोषजनक जवाब न देने पर उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
उधर, अधिकारियों का काफिला कार्रवाई के बाद एआरटीओ कार्यालय से रवाना हुआ ही था कि एक के बाद कई दलालों ने अपनी दुकानों के शटर उठा डाले और कार्य शुरू भी कर दिया।
आखिर किसका मिला है संरक्षण
छापा मारने वाली टीम तो चली गई लेकिन परिवहन विभाग के किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर जानकारी तक लेना जरूरी नहीं समझा। इसका फायदा उठाकर दलाल अपनी दुकान खोल कर बैठे रहे।
इन्होंने कहा
एआरटीओ कार्यालय के बाहर परिवहन विभाग से संबंधित काम करने वाले लोगों की दुकानों के खुले होने की सूचना पर छापा मारा था। वहां कुछ लोगों को चेतावनी दी है। मौजूद मिले लोगों को परिवहन विभाग कार्यालय से ही अपना काम कराने के लिए जागरुक किया। -अर्पित विजय वर्गीय, एसपी सिटी।