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मोरना मिल पर भाकियू का धरना
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:35 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। चीनी मिल के विस्तारीकरण और गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर चीनी मिल पर धरने में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की नीतियों ने देश के किसान को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने किसानों से 13 अगस्त को भोपा बाईपास पर धरने और 23 सितंबर को हरिद्वार से प्रारंभ हो रही किसान क्रांति यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया।
मोरना सहकारी चीनी मिल पर 12 दिनों से किसानों का धरना चल रह है। शुक्रवार को धरने पर पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों की वजह से देश बर्बादी की तरफ बढ़ रहा है। सब्जी वाले, दुग्ध उत्पादक व छोटे व्यापारी तक सभी परेशान है। छोटे व्यापारी आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं, क्रेडिट कार्ड बनने से किसान गन्ना मूल्य की लड़ाई से दूर हो गया है, दूसरी ओर शुगर मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं कर रही हैं, जिस कारण किसान कर्जदार होते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक हजारों किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेेकिन पोस्टमार्टम के आधार पर सरकार किसानों की गिनती करती है।
कहा कि, गंगा सफाई के नाम पर अरबों रुपयों की बंदरबांट की जा रही है, इससे अच्छा तो सरकार को किसानों के पुराने ट्रैक्टर बदलने का काम करना चाहिए। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि किसानों की समस्याएं नहीं सुनने वाले विधायकों व सांसद को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। धरने पर मौजूद जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि चीनी के मार्केट रेट कम हो जाने से गन्ना भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। वहीं, मिल के विस्तारीकरण को लेकर प्रधान प्रबंधक की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। धरने की अध्यक्षता श्यामलाल कादीपुर व संचालन विकास
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डायरेक्टर व महकपाल प्रधान ने संयुक्त रूप से किया।
इस दौरान योगेश शर्मा, मांगा त्यागी, मनीष प्रधान, मुकेश ठाकुर, धर्मपाल राठी, अशोक घटायन, विकास शर्मा, प्रधान नवीन राठी, ओमपाल मलिक, ओमबीर सिंह, उदयवीर सिंह, सतबीर बाबा, अफसर कुरैशी व गुफरान किशनपुर मौजूद रहे।
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मोरना सहकारी चीनी मिल पर 12 दिनों से किसानों का धरना चल रह है। शुक्रवार को धरने पर पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों की वजह से देश बर्बादी की तरफ बढ़ रहा है। सब्जी वाले, दुग्ध उत्पादक व छोटे व्यापारी तक सभी परेशान है। छोटे व्यापारी आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं, क्रेडिट कार्ड बनने से किसान गन्ना मूल्य की लड़ाई से दूर हो गया है, दूसरी ओर शुगर मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं कर रही हैं, जिस कारण किसान कर्जदार होते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक हजारों किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेेकिन पोस्टमार्टम के आधार पर सरकार किसानों की गिनती करती है।
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कहा कि, गंगा सफाई के नाम पर अरबों रुपयों की बंदरबांट की जा रही है, इससे अच्छा तो सरकार को किसानों के पुराने ट्रैक्टर बदलने का काम करना चाहिए। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि किसानों की समस्याएं नहीं सुनने वाले विधायकों व सांसद को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। धरने पर मौजूद जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि चीनी के मार्केट रेट कम हो जाने से गन्ना भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। वहीं, मिल के विस्तारीकरण को लेकर प्रधान प्रबंधक की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। धरने की अध्यक्षता श्यामलाल कादीपुर व संचालन विकास
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डायरेक्टर व महकपाल प्रधान ने संयुक्त रूप से किया।
इस दौरान योगेश शर्मा, मांगा त्यागी, मनीष प्रधान, मुकेश ठाकुर, धर्मपाल राठी, अशोक घटायन, विकास शर्मा, प्रधान नवीन राठी, ओमपाल मलिक, ओमबीर सिंह, उदयवीर सिंह, सतबीर बाबा, अफसर कुरैशी व गुफरान किशनपुर मौजूद रहे।