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बैंकों में हड़ताल, ताले लटके, ग्राहक रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:43 AM IST
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केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंक कर्मी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। बैंककर्मियों ने बैंकों के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन भी किया। बैंकों में हड़ताल होने से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
देश के सभी नौ संगठनों के बैंक अधिकारी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। सुबह दस बजे नगर के सभी बैंकों के कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल के संयोजक आरपी शर्मा और राकेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के नाम पर बैंककर्मियों के हितों पर आघात कर रही है। बैंकों में जमा विशाल धनराशि पर गिद्घदृष्टि रखने वाले बड़े कारपोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए सरकारी पूंजी अंश घटा निजी एवं विदेशी पूंजी का अंशदान बढ़ाना चाहती है।
श्रम विरोधी कानून बनाना, बैंकों का विलय करना, छोटे निजी बैंकों को लाइसेंस जारी करना, बैंकों में जमा राशि पर देय ब्याज दर घटाकर जमाकर्ता को बैंकों में पैसा जमा करने के लिए निरुत्साहित किया जा रहा है। यूनियन यह मांग करती है कि खराब ऋणों की वसूली की जाए, जान-बूझकर बैंक का पैसा न देने वालों से वसूली की जाए, डिफाल्टरों और कारपोरेट घरानों को नए बैंक लाइसेंस न दिए जाएं। बैंककर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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यूनियन के मंत्री अरविंद शर्मा, एसडी शर्मा ने विचार रखे। इस दौरान एमसी भार्गव, तेजराज गुप्ता, रविंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अशोक गर्ग, जसमीत सिंह, मन्नू मलिक, प्रमोद कुमार, अनिल धारीवाल, सुशील धारिवाल, सचिन कुमार, राहुल भारद्वाज, डीके बंसल, निहारिका, बीके सूर्यवंशी, आरएस वर्मा, एके भटनागर, राजीव जैन, अनिल गोयल, धर्मपाल सिंह, विक्रम सिंह, दिनेश गुुप्ता, वीर सिंह, सुमन कुमार, आर्यन प्रताप, राजेश आदि मौजूद रहे।
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देश के सभी नौ संगठनों के बैंक अधिकारी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। सुबह दस बजे नगर के सभी बैंकों के कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल के संयोजक आरपी शर्मा और राकेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के नाम पर बैंककर्मियों के हितों पर आघात कर रही है। बैंकों में जमा विशाल धनराशि पर गिद्घदृष्टि रखने वाले बड़े कारपोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए सरकारी पूंजी अंश घटा निजी एवं विदेशी पूंजी का अंशदान बढ़ाना चाहती है।
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श्रम विरोधी कानून बनाना, बैंकों का विलय करना, छोटे निजी बैंकों को लाइसेंस जारी करना, बैंकों में जमा राशि पर देय ब्याज दर घटाकर जमाकर्ता को बैंकों में पैसा जमा करने के लिए निरुत्साहित किया जा रहा है। यूनियन यह मांग करती है कि खराब ऋणों की वसूली की जाए, जान-बूझकर बैंक का पैसा न देने वालों से वसूली की जाए, डिफाल्टरों और कारपोरेट घरानों को नए बैंक लाइसेंस न दिए जाएं। बैंककर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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यूनियन के मंत्री अरविंद शर्मा, एसडी शर्मा ने विचार रखे। इस दौरान एमसी भार्गव, तेजराज गुप्ता, रविंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अशोक गर्ग, जसमीत सिंह, मन्नू मलिक, प्रमोद कुमार, अनिल धारीवाल, सुशील धारिवाल, सचिन कुमार, राहुल भारद्वाज, डीके बंसल, निहारिका, बीके सूर्यवंशी, आरएस वर्मा, एके भटनागर, राजीव जैन, अनिल गोयल, धर्मपाल सिंह, विक्रम सिंह, दिनेश गुुप्ता, वीर सिंह, सुमन कुमार, आर्यन प्रताप, राजेश आदि मौजूद रहे।