{"_id":"601c32698ebc3ed28325789d","slug":"bankers-protest-against-policies-muzaffarnagar-news-mrt523764082","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों का प्रदर्शन
विज्ञापन
नई मंडी में प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों का प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की बैंक संबंधी नीतियों को जनता विरोधी बताते हुए बैंक कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार शाम नई मंडी स्थित पीएनबी के समक्ष प्रदर्शन किया।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस से जुड़े बैंक कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार शाम नई मंडी स्थित पीएनबी के सामने प्रदर्शन किया। इससे पहले पीएनबी के समक्ष बैंक कर्मियों ने बैठक की। यूनियन के अध्यक्ष कामरेड आरपी शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने जिस तरह पांच बैंकों को एसबीआई में और नौ अन्य बैंकों को आपस में मिलाकर पांच बैंकों के रूप में मर्ज किया है, इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों की कार्यप्रणाली में भी इससे अंतर आ गया है।
वहीं, कामरेड अशोक शर्मा व गौरव किशोर ने कहा कि इस वर्ष के बजट में भी केंद्र सरकार ने दो राष्ट्रीयकृत बैंक व आईडीबीआई को निजी पूंजीपतियों को सौंपने का निर्णय लिया है, जो सरासर गलत है। इस निर्णय से भी आम जनता की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। बैंक कर्मियों ने सरकार की इन नीतियों का पुरजोर विरोध करने की घोषणा की। राजीव जैन, प्रदीप मलिक, मुकेश भार्गव, तेजराज गुप्ता, रविंद्र सिंह, आशीष भटनागर, अनुज गुप्ता, राजेश, एमसी भार्गव, निहारिका वशिष्ठ, डीके बंसल और बीके सूर्यवंशी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की बैंक संबंधी नीतियों को जनता विरोधी बताते हुए बैंक कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार शाम नई मंडी स्थित पीएनबी के समक्ष प्रदर्शन किया।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस से जुड़े बैंक कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार शाम नई मंडी स्थित पीएनबी के सामने प्रदर्शन किया। इससे पहले पीएनबी के समक्ष बैंक कर्मियों ने बैठक की। यूनियन के अध्यक्ष कामरेड आरपी शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने जिस तरह पांच बैंकों को एसबीआई में और नौ अन्य बैंकों को आपस में मिलाकर पांच बैंकों के रूप में मर्ज किया है, इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों की कार्यप्रणाली में भी इससे अंतर आ गया है।
विज्ञापन
वहीं, कामरेड अशोक शर्मा व गौरव किशोर ने कहा कि इस वर्ष के बजट में भी केंद्र सरकार ने दो राष्ट्रीयकृत बैंक व आईडीबीआई को निजी पूंजीपतियों को सौंपने का निर्णय लिया है, जो सरासर गलत है। इस निर्णय से भी आम जनता की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। बैंक कर्मियों ने सरकार की इन नीतियों का पुरजोर विरोध करने की घोषणा की। राजीव जैन, प्रदीप मलिक, मुकेश भार्गव, तेजराज गुप्ता, रविंद्र सिंह, आशीष भटनागर, अनुज गुप्ता, राजेश, एमसी भार्गव, निहारिका वशिष्ठ, डीके बंसल और बीके सूर्यवंशी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन