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सरकारी नौकरी दिलाने का मामला: सरगना के खातों के लेनदेन पर प्रतिबंध
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मुजफ्फरनगर। सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने वाले गिरोह के सरगना के खातों को पुलिस ने फ्रीज करा दिया गया है। अब इन खातों से कोई लेनदेन नहीं हो सकता।
थाना सिविल लाइन पुलिस ने सोमवार को मोहम्मद राशिद पुत्र मोहम्मद नत्थू निवासी इंद्रानगर लखनऊ, रोहित पुत्र राजकुमार, निवासी मछली फाटक कालोनी, ठाकुरगंज लखनऊ, लक्खी पांडेय पुत्र आनंद पांडेय निवासी टूडा कालोनी, तेज बाग, थाना पीजीआई लखनऊ व अंकित वर्मा पुत्र संतराम वर्मा, निवासी ग्राम करपिया, थाना मंसूरी, बाराबंकी को गिरफ्तार किया था। इन चारों ने जनपद मुजफ्फरनगर क्षेत्र के आधा दर्जन युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये की ठगी की थी।
गिरोह के सरगना राशिद ने पीड़ित युवकों से एक कोचिंग सेंटर में पहुंच कर सेंटर संचालक की मदद से संपर्क किया था। इसके बाद पीड़ितों से लाखों की रकम अपने तीन खातों में जमा कराई थी। आठ लाख रुपये नकद भी लिए थे। युवकों की नौकरी नहीं लग पाई थी लेकिन शातिर ठगों ने युवकों को लखनऊ एक डाकखाने में संविदा की नौकरी पर रखवा कर उन्हें ट्रेनिंग कराना बताया था। पोल खुलने पर पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी थी। इस पर सरगना राशिद ने सेंटर संचालक को धमकी दी थी। इसके बाद पीड़ितों ने एसएसपी से संपर्क कर मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार किए।
सूत्र बताते है कि चूंकि लाखों की रकम सरगना राशिद ने अपने तीन अलग अलग खातों में जमा कराई थी। इसी के चलते पुलिस ने खातों के बारे में जानकारी जुटाई और सभी खाते फ्रीज करा दिए गए है, ताकि कोई भी इस खाते से किसी भी प्रकार का लेनदेन न कर सकें। एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि रकम खातों में जमा की गई थी। इसलिए खातों के लेनदेन पर रोक लगवाई गई है।
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थाना सिविल लाइन पुलिस ने सोमवार को मोहम्मद राशिद पुत्र मोहम्मद नत्थू निवासी इंद्रानगर लखनऊ, रोहित पुत्र राजकुमार, निवासी मछली फाटक कालोनी, ठाकुरगंज लखनऊ, लक्खी पांडेय पुत्र आनंद पांडेय निवासी टूडा कालोनी, तेज बाग, थाना पीजीआई लखनऊ व अंकित वर्मा पुत्र संतराम वर्मा, निवासी ग्राम करपिया, थाना मंसूरी, बाराबंकी को गिरफ्तार किया था। इन चारों ने जनपद मुजफ्फरनगर क्षेत्र के आधा दर्जन युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये की ठगी की थी।
गिरोह के सरगना राशिद ने पीड़ित युवकों से एक कोचिंग सेंटर में पहुंच कर सेंटर संचालक की मदद से संपर्क किया था। इसके बाद पीड़ितों से लाखों की रकम अपने तीन खातों में जमा कराई थी। आठ लाख रुपये नकद भी लिए थे। युवकों की नौकरी नहीं लग पाई थी लेकिन शातिर ठगों ने युवकों को लखनऊ एक डाकखाने में संविदा की नौकरी पर रखवा कर उन्हें ट्रेनिंग कराना बताया था। पोल खुलने पर पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी थी। इस पर सरगना राशिद ने सेंटर संचालक को धमकी दी थी। इसके बाद पीड़ितों ने एसएसपी से संपर्क कर मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार किए।
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सूत्र बताते है कि चूंकि लाखों की रकम सरगना राशिद ने अपने तीन अलग अलग खातों में जमा कराई थी। इसी के चलते पुलिस ने खातों के बारे में जानकारी जुटाई और सभी खाते फ्रीज करा दिए गए है, ताकि कोई भी इस खाते से किसी भी प्रकार का लेनदेन न कर सकें। एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि रकम खातों में जमा की गई थी। इसलिए खातों के लेनदेन पर रोक लगवाई गई है।
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