{"_id":"5f0364898ebc3e433c613a86","slug":"baljit-singh-relieved-by-chairperson-muzaffarnagar-news-mrt489976262","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेयरपर्सन ने बलजीत सिंह को किया रिलीव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेयरपर्सन ने बलजीत सिंह को किया रिलीव
विज्ञापन
चेयरपर्सन ने बलजीत सिंह को किया रिलीव
मुजफ्फरनगर। नगर निकायों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपों में घिरे जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) बलजीत सिंह को पालिका चेयरपर्सन ने रिलीव कर दिया है। आरोप है कि डीपीएम अपने कार्यों का सही से निर्वहन नहीं करते तथा कार्यों से पालिका की छवि धूमिल हो रही है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत डीपीएम बलजीत सिंह की तैनाती सेवा प्रदाता कंपनी मैसर्स रामा इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा 16 जनवरी 2018 को हुई थी। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा है कि बलजीत सिंह के प्रमाणपत्रों के साथ ही पत्रावली में भी न तो उनका सरनेम और न ही पिता का नाम अंकित है। डीपीएम के रूप में उन्हें एसबीएम के कार्यों में तकनीकी सहायता प्रदान करना, एमआईएस कार्य योजना तैयार करना, प्रशिक्षण देना, प्रगति की रिपोर्ट मिशन निदेशक को देना था, लेकिन वह यह काम नहीं करते। पालिका में उपस्थिति भी दर्ज नहीं करते। जून में एक बार भी पालिका नहीं आए। गोल मार्केट पर आवंटित भवन में डीपीएम कार्यालय भी शुरू नहीं किया। किराये पर ली गई गाड़ी का प्रयोग करते हुए समाज में रुतबा दिखाकर लोगों को प्रभाव में लिया तथा एसबीएम में खरीदारी के नाम पर धोखाधड़ी एवं नौकरी के नाम पर ठगी की गई। इस तरह की कई ऑडियो, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। ठेकेदार लवी त्यागी ने भी उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। इससे नगर पालिका की छवि खराब हुई है। आरोप यह भी है कि डीपीएम बलजीत सिंह ने बिना टेंडर एवं पालिका के कार्यादेश के रेडियो एसडी एफएम से प्रचार-प्रचार कराया तथा 1.56 लाख रुपये का बिल अपने नाम से विभाग को भुगतान के लिए प्राप्त कराए। इसके अलावा भी अन्य पत्रावलियों में स्वीकृति से अधिक बिल प्राप्त कराए गए। चेयरपर्सन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरएस राठी एवं ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी की आख्या के आधार पर डीपीएम बलजीत सिंह को कार्यमुक्त कर दिया है। कुछ सभासदों ने भी चेयरपर्सन से डीपीएम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी।
अफसर की तरह रहे डीपीएम
एसबीएम डीपीएम बलजीत सिंह जिले में अफसर की तरह काम कर रहे थे। वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घूमते थे। शहर में उनका रुतबा एक अफसर की तरह ही रहा जबकि उनकी तैनाती आउटसोर्सिंग कंपनी से रही।
विज्ञापन
यह है मामला...
डीपीएम बलजीत सिंह एवं नवीन राणा पर ठेकेदार लवी त्यागी ने सात करोड़ रुपये का ठेका दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये ठगी का आरोप लगाया था। शिकायत के कई दिनों बाद 26 जून को इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके अलावा भी कई अन्य लोगों ने बलजीत सिंह पर नौकरी लगवाने के नाम पर धनराशि हड़पने की शिकायतें की थीं।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नगर निकायों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपों में घिरे जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) बलजीत सिंह को पालिका चेयरपर्सन ने रिलीव कर दिया है। आरोप है कि डीपीएम अपने कार्यों का सही से निर्वहन नहीं करते तथा कार्यों से पालिका की छवि धूमिल हो रही है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत डीपीएम बलजीत सिंह की तैनाती सेवा प्रदाता कंपनी मैसर्स रामा इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा 16 जनवरी 2018 को हुई थी। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा है कि बलजीत सिंह के प्रमाणपत्रों के साथ ही पत्रावली में भी न तो उनका सरनेम और न ही पिता का नाम अंकित है। डीपीएम के रूप में उन्हें एसबीएम के कार्यों में तकनीकी सहायता प्रदान करना, एमआईएस कार्य योजना तैयार करना, प्रशिक्षण देना, प्रगति की रिपोर्ट मिशन निदेशक को देना था, लेकिन वह यह काम नहीं करते। पालिका में उपस्थिति भी दर्ज नहीं करते। जून में एक बार भी पालिका नहीं आए। गोल मार्केट पर आवंटित भवन में डीपीएम कार्यालय भी शुरू नहीं किया। किराये पर ली गई गाड़ी का प्रयोग करते हुए समाज में रुतबा दिखाकर लोगों को प्रभाव में लिया तथा एसबीएम में खरीदारी के नाम पर धोखाधड़ी एवं नौकरी के नाम पर ठगी की गई। इस तरह की कई ऑडियो, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। ठेकेदार लवी त्यागी ने भी उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। इससे नगर पालिका की छवि खराब हुई है। आरोप यह भी है कि डीपीएम बलजीत सिंह ने बिना टेंडर एवं पालिका के कार्यादेश के रेडियो एसडी एफएम से प्रचार-प्रचार कराया तथा 1.56 लाख रुपये का बिल अपने नाम से विभाग को भुगतान के लिए प्राप्त कराए। इसके अलावा भी अन्य पत्रावलियों में स्वीकृति से अधिक बिल प्राप्त कराए गए। चेयरपर्सन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरएस राठी एवं ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी की आख्या के आधार पर डीपीएम बलजीत सिंह को कार्यमुक्त कर दिया है। कुछ सभासदों ने भी चेयरपर्सन से डीपीएम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी।
विज्ञापन
अफसर की तरह रहे डीपीएम
एसबीएम डीपीएम बलजीत सिंह जिले में अफसर की तरह काम कर रहे थे। वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घूमते थे। शहर में उनका रुतबा एक अफसर की तरह ही रहा जबकि उनकी तैनाती आउटसोर्सिंग कंपनी से रही।
विज्ञापन
यह है मामला...
डीपीएम बलजीत सिंह एवं नवीन राणा पर ठेकेदार लवी त्यागी ने सात करोड़ रुपये का ठेका दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये ठगी का आरोप लगाया था। शिकायत के कई दिनों बाद 26 जून को इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके अलावा भी कई अन्य लोगों ने बलजीत सिंह पर नौकरी लगवाने के नाम पर धनराशि हड़पने की शिकायतें की थीं।