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भाकियू तोमर का तहसील में प्रदर्शन
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-जानसठ तहसील में प्रदर्शन करते भाकियू तोमर कार्यकर्ता।
- फोटो : KHATAULI
जानसठ। भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों की हजारों बीघा भूमि का बंदोबस्त खत्म करते हुए गलत तरीके से बिजनौर में क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया का विरोध किया। आरोप है कि एसडीएम ने इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
बुधवार को तहसील में पहुंचे भाकियू तोमर कार्यकर्ता और किसान एसडीएम से मिले। बताया कि गांव मजलिसपुर तौफीर, लुकाधड़ी सहित चार गांवों के किसानों की हजारों बीघा भूमि को बिजनौर प्रशासन ने गत दिवस राजस्व टीम को भेजकर सन 1962 का बंदोबस्त खत्म कर दिया। इन किसानों की भूमि को बिजनौर क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजनौर प्रशासन किसानों को नोटिस भेजा, तब जाकर पता चला। कार्यकर्ताओं व किसानों ने एसडीएम से इस प्रक्रिया को खत्म करते हुए उनकी भूमि को मुजफ्फरनगर की सीमा क्षेत्र में ही शामिल रहने की मांग की। एसडीएम ने उनको संतोषजनक जवाब नहीं दिया। चेतावनी दी कि कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को गांव मजलिसपुर तौफीर में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी रणवीर सिंह, प्रदेश महासचिव नाहर सिंह सैनी, मदन सैनी, मामचंद अंतवाड़ा, चौधरी चंद्रपाल सिंह, अरुण कुमार, प्रदीप, सूरज चंद सैनी, मोनू, सतपाल सैनी आदि कार्यकर्ता व किसान शामिल रहे।भाकियू की बैठक में बकाया भुगतान पर चर्चा
तितावी। भारतीय किसान यूनियन की धौलरा बस स्टेंड स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में बकाया गन्ना भुगतान पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि प्रशासन द्वारा गन्ना किसान के मुद्दे को हल्के में लिया जा रहा है। विगत दिवस बुढ़ाना में अफसरों द्वारा भाकियू के धरने के बीच आकर छह सितंबर तक सभी मिलों द्वारा किसानों के ब्याज सहित बकाया भुगतान का डाटा तैयार करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे लेकर जल्द आंदोलन की रूपरेखा बनाने की बात कही। वहीं, जब तक किसानों व हाईवे निर्माण संस्था के अधिकारियों में सहमति नहीं बनती, तब तक लालूखेड़ी के समीप अनिश्चितकालीन धरना चालू रहेगा। इस मौके पर राजेंद्र सैनी, अजय महंत, छोटू डायरेक्टर, प्रवीण गोलियान, रविंद्र पंवार, मानसिंह मलिक, दीपक बालियान व विकास सैनी आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को तहसील में पहुंचे भाकियू तोमर कार्यकर्ता और किसान एसडीएम से मिले। बताया कि गांव मजलिसपुर तौफीर, लुकाधड़ी सहित चार गांवों के किसानों की हजारों बीघा भूमि को बिजनौर प्रशासन ने गत दिवस राजस्व टीम को भेजकर सन 1962 का बंदोबस्त खत्म कर दिया। इन किसानों की भूमि को बिजनौर क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजनौर प्रशासन किसानों को नोटिस भेजा, तब जाकर पता चला। कार्यकर्ताओं व किसानों ने एसडीएम से इस प्रक्रिया को खत्म करते हुए उनकी भूमि को मुजफ्फरनगर की सीमा क्षेत्र में ही शामिल रहने की मांग की। एसडीएम ने उनको संतोषजनक जवाब नहीं दिया। चेतावनी दी कि कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को गांव मजलिसपुर तौफीर में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी रणवीर सिंह, प्रदेश महासचिव नाहर सिंह सैनी, मदन सैनी, मामचंद अंतवाड़ा, चौधरी चंद्रपाल सिंह, अरुण कुमार, प्रदीप, सूरज चंद सैनी, मोनू, सतपाल सैनी आदि कार्यकर्ता व किसान शामिल रहे।भाकियू की बैठक में बकाया भुगतान पर चर्चा
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तितावी। भारतीय किसान यूनियन की धौलरा बस स्टेंड स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में बकाया गन्ना भुगतान पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि प्रशासन द्वारा गन्ना किसान के मुद्दे को हल्के में लिया जा रहा है। विगत दिवस बुढ़ाना में अफसरों द्वारा भाकियू के धरने के बीच आकर छह सितंबर तक सभी मिलों द्वारा किसानों के ब्याज सहित बकाया भुगतान का डाटा तैयार करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे लेकर जल्द आंदोलन की रूपरेखा बनाने की बात कही। वहीं, जब तक किसानों व हाईवे निर्माण संस्था के अधिकारियों में सहमति नहीं बनती, तब तक लालूखेड़ी के समीप अनिश्चितकालीन धरना चालू रहेगा। इस मौके पर राजेंद्र सैनी, अजय महंत, छोटू डायरेक्टर, प्रवीण गोलियान, रविंद्र पंवार, मानसिंह मलिक, दीपक बालियान व विकास सैनी आदि मौजूद रहे।
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