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Baghpat: शूटर दादी प्रकाशी तोमर की तबीयत फिर बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती, दूसरी बार फटी नाक की नस
Tue, 21 Apr 2026 11:36 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:36 AM IST
सार
बागपत के जौहड़ी गांव निवासी शूटर प्रकाशी तोमर ने 60 साल की उम्र में निशानेबाजी शुरू की और कई पदक जीते। उनकी तबीयत खराब चल रही है। एक माह पहले भी नाक की नस फटने पर उन्हें नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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शूटर दादी प्रकाशी तोमर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जौहड़ी गांव की विश्वविख्यात शूटर दादी प्रकाशी तोमर की तबीयत रविवार शाम को एक बार फिर बिगड़ गई। नाक की नस फटने के कारण उन्हें गंभीर रक्तस्राव हुआ, जिसके बाद उन्हें बड़ौत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बेटे रामबीर सिंह और शूटर सीमा तोमर उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
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रामबीर सिंह ने बताया कि रविवार रात दादी अपने बिस्तर पर लेटी थीं, तभी उनकी नाक से खून बहने लगा जो रुका नहीं। रात में ही उन्हें बड़ौत के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने दादी की नाक में बत्ती लगाकर खून बहने से रोका।
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उनकी बेटी शूटर सीमा तोमर ने जानकारी दी कि करीब एक महीने पहले भी इसी तरह नाक की नस फटने से खून बहा था। तब उन्हें नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 18 मार्च को वहां से छुट्टी मिलने के बाद वह घर लौट आई थीं। अब एक माह बाद यह समस्या फिर से सामने आई है। उनकी बिगड़ती हालत से प्रशंसक भी चिंतित हैं।
60 वर्ष की उम्र में शुरू की थी निशानेबाजी
प्रकाशी तोमर ने 60 वर्ष की उम्र में पिस्तौल से निशानेबाजी शुरू की थी। इस उम्र में उन्होंने कई पदक जीतकर विश्वभर में ख्याति प्राप्त की। उनके जीवन के संघर्ष और उपलब्धियों पर आधारित बॉलीवुड फिल्म ''सांड की आंख'' भी बनी है। उनकी कहानी ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है।
प्रकाशी तोमर ने 60 वर्ष की उम्र में पिस्तौल से निशानेबाजी शुरू की थी। इस उम्र में उन्होंने कई पदक जीतकर विश्वभर में ख्याति प्राप्त की। उनके जीवन के संघर्ष और उपलब्धियों पर आधारित बॉलीवुड फिल्म ''सांड की आंख'' भी बनी है। उनकी कहानी ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है।