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आसिफ को मारी गईं थी नौ गोलियां
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आसिफ को मारी गईं थी नौ गोलियां
मुजफ्फरनगर। महमूदनगर निवासी आसिफ की हत्या की साजिश पहले ही रच ली गई थी। घटनास्थल तक उसे ले जाने के लिए संदिग्ध बाइक का इस्तेमाल किया गया। पुलिस को चकमा देने के लिए बाइक पर स्थानीय रजिस्ट्रेशन की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। आसिफ किसी भी सूरत में बच न सके, इसलिए उसे नौ गोलियां मारी गईं।
शहर के मोहल्ला महमूदनगर निवासी आसिफ पुत्र नसीम की हत्या करने से पहले हत्यारोपियों ने पूरी तरह साजिश रची। हत्या के लिए मिमलाना रोड पर ऐसा ठिकाना तलाश किया गया, जहां किसी तरह का आवागमन न हो। आसिफ को घटनास्थल तक जिस बाइक से ले जाया गया, उस पर नंबर प्लेट स्थानीय रजिस्ट्रेशन नंबर की लगाई गई, ताकि यदि सीसीटीवी फुटेज में बाइक कैद भी हो जाए, तो भी पुलिस उन तक न पहुंच सके। हुआ भी यही, मिमलाना रोड पर घटनास्थल पर जाते समय दो स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों में कैद होने और पुलिस जांच में उक्त बाइक अब तक चिह्नित नहीं हो सकी है। इससे भी एक कदम आगे बढ़कर यह निश्चित किया गया कि हत्या करते समय आसिफ किसी तरह का कोई विरोध न कर पाए। इसके लिए घटनास्थल पर ही शराब पार्टी भी की गई, जिसमें जमकर अंग्रेजी शराब व बीयर केन पी गई। आसिफ किसी भी सूरत में बच न सके, इसके लिए उस पर पिस्टल से ताबड़तोड़ नौ गोलियां बरसाईं गईं और सभी का निशाना उसके शरीर का ऊपरी हिस्सा रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आसिफ को लगने वाली सभी गोलियां उसके सीने में, बगल में, गर्दन पर और सिर में पाई गईं हैं। हालांकि, घटनास्थल से केवल सात गोलियों के ही खोखे बरामद किए जा सके हैं।
बाइक सवार दोनों युवक भी नहीं हुए चिह्नित
मुजफ्फरनगर। महमूदनगर निवासी आसिफ की हत्या से पूर्व उसे बाइक सवार दो युवक घटनास्थल तक लेकर पहुंचे थे, लेकिन उक्त दोनों ही युवक अब तक चिह्नित नहीं हो सके हैं। सीसीटीवी फुटेज में कैद उक्त दोनों युवकों की फोटो पुलिस द्वारा आसिफ के परिजनों को दिखाई गई है, लेकिन उक्त युवकों को उन्होंने पहचानने से पूरी तरह इंकार किया है। यही नहीं, आसिफ के अन्य दोस्तों को भी फुटेज में कैद दोनों युवक दिखाए गए, लेकिन वे भी उन्हें पहचान नहीं पाए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर वे कौन युवक थे, जिन पर भरोसा कर आसिफ खुद मौत के मुंह में चला गया और उनके साथ शराब पार्टी भी की।
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घटना में शामिल है सोनू सक्का
मुजफ्फरनगर। आसिफ हत्याकांड में पुलिस जांच पूरी तरह सोनू सक्का के ईदगिर्द घूम रही है। अब तक की जांच में सोनू सक्का इस हत्याकांड में पूरी तरह शामिल पाया जा रहा है, लेकिन आसिफ को गोलियां मारने में वह खुद भी शामिल रहा या नहीं, इसके अब तक पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सके हैं। इस बाबत पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया हुआ है, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि आसिफ को घटनास्थल तक ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक चोरी की भी हो सकती है। जो नंबर बाइक पर डाला गया है, वह जांच में अब तक ट्रेस नहीं हो सका है। आसिफ को घटनास्थल तक ले जाने वाले दोनों युवकों को भी परिजन व दोस्तों ने पहचानने से इंकार किया है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। महमूदनगर निवासी आसिफ की हत्या की साजिश पहले ही रच ली गई थी। घटनास्थल तक उसे ले जाने के लिए संदिग्ध बाइक का इस्तेमाल किया गया। पुलिस को चकमा देने के लिए बाइक पर स्थानीय रजिस्ट्रेशन की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। आसिफ किसी भी सूरत में बच न सके, इसलिए उसे नौ गोलियां मारी गईं।
शहर के मोहल्ला महमूदनगर निवासी आसिफ पुत्र नसीम की हत्या करने से पहले हत्यारोपियों ने पूरी तरह साजिश रची। हत्या के लिए मिमलाना रोड पर ऐसा ठिकाना तलाश किया गया, जहां किसी तरह का आवागमन न हो। आसिफ को घटनास्थल तक जिस बाइक से ले जाया गया, उस पर नंबर प्लेट स्थानीय रजिस्ट्रेशन नंबर की लगाई गई, ताकि यदि सीसीटीवी फुटेज में बाइक कैद भी हो जाए, तो भी पुलिस उन तक न पहुंच सके। हुआ भी यही, मिमलाना रोड पर घटनास्थल पर जाते समय दो स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों में कैद होने और पुलिस जांच में उक्त बाइक अब तक चिह्नित नहीं हो सकी है। इससे भी एक कदम आगे बढ़कर यह निश्चित किया गया कि हत्या करते समय आसिफ किसी तरह का कोई विरोध न कर पाए। इसके लिए घटनास्थल पर ही शराब पार्टी भी की गई, जिसमें जमकर अंग्रेजी शराब व बीयर केन पी गई। आसिफ किसी भी सूरत में बच न सके, इसके लिए उस पर पिस्टल से ताबड़तोड़ नौ गोलियां बरसाईं गईं और सभी का निशाना उसके शरीर का ऊपरी हिस्सा रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आसिफ को लगने वाली सभी गोलियां उसके सीने में, बगल में, गर्दन पर और सिर में पाई गईं हैं। हालांकि, घटनास्थल से केवल सात गोलियों के ही खोखे बरामद किए जा सके हैं।
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बाइक सवार दोनों युवक भी नहीं हुए चिह्नित
मुजफ्फरनगर। महमूदनगर निवासी आसिफ की हत्या से पूर्व उसे बाइक सवार दो युवक घटनास्थल तक लेकर पहुंचे थे, लेकिन उक्त दोनों ही युवक अब तक चिह्नित नहीं हो सके हैं। सीसीटीवी फुटेज में कैद उक्त दोनों युवकों की फोटो पुलिस द्वारा आसिफ के परिजनों को दिखाई गई है, लेकिन उक्त युवकों को उन्होंने पहचानने से पूरी तरह इंकार किया है। यही नहीं, आसिफ के अन्य दोस्तों को भी फुटेज में कैद दोनों युवक दिखाए गए, लेकिन वे भी उन्हें पहचान नहीं पाए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर वे कौन युवक थे, जिन पर भरोसा कर आसिफ खुद मौत के मुंह में चला गया और उनके साथ शराब पार्टी भी की।
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घटना में शामिल है सोनू सक्का
मुजफ्फरनगर। आसिफ हत्याकांड में पुलिस जांच पूरी तरह सोनू सक्का के ईदगिर्द घूम रही है। अब तक की जांच में सोनू सक्का इस हत्याकांड में पूरी तरह शामिल पाया जा रहा है, लेकिन आसिफ को गोलियां मारने में वह खुद भी शामिल रहा या नहीं, इसके अब तक पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सके हैं। इस बाबत पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया हुआ है, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि आसिफ को घटनास्थल तक ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक चोरी की भी हो सकती है। जो नंबर बाइक पर डाला गया है, वह जांच में अब तक ट्रेस नहीं हो सका है। आसिफ को घटनास्थल तक ले जाने वाले दोनों युवकों को भी परिजन व दोस्तों ने पहचानने से इंकार किया है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।