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वेद विश्व का सबसे पुराना, सर्वोत्तम ज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:26 AM IST
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आर्य समाज के कार्यक्रम में विचार रखते डॉ. संजीव बालियान।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि वेद विश्व का सबसे पुराना एवं सर्वोत्तम ज्ञान है। इसमें भौतिक और अध्यात्मिक दोनों की जानकारी वैज्ञानिक आधार पर दी गई है।
गांव दादारी में तीन दिन तक चले आर्य महासम्मेलन में मुख्य अतिथि डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि सारे संसार को श्रेष्ठ बनाने की बात केवल आर्य समाज करता है। देश की आजादी में भी आर्य समाज की भूमिका रही थी। चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां, सरदार भगत सिंह, राजेंद्र लहरी, विजय सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल, राजगुरु जैसे समस्त क्रांतिकारी आर्य समाजी ही थे।
चेयरमैन पारस जैन ने कहा कि आर्य समाज को परमात्मा की भक्ति के लिए किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं पड़ती। स्वामी तेजानंद सरस्वती, मोहित शास्त्री, सत्यवीर आर्य, कंवरपाल शास्त्री, देवपाल आर्य ने भी विचार रखे। अजय आर्य, अजेश गुप्ता, सुनील आर्य यजमान रहे। कार्यक्रम में करीब 25 छात्रों को संस्कार दीक्षा दी गई।
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जिन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष मेरठ सीमा प्रधान ने पुरस्कृत किया। महेशचंद, अभयराम आर्य, जगबीर शास्त्री, मंशाराम, विजयपाल, पवन एडवोकेट, बनवारी लाल, अभिषेक, अशू, कपिल, गीता, धनपाल सिंह, विशाल शर्मा, मांगेराम प्रधान आदि रहे। अध्यक्षता डॉ. बीपी सिंह और संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया।
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गांव दादारी में तीन दिन तक चले आर्य महासम्मेलन में मुख्य अतिथि डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि सारे संसार को श्रेष्ठ बनाने की बात केवल आर्य समाज करता है। देश की आजादी में भी आर्य समाज की भूमिका रही थी। चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां, सरदार भगत सिंह, राजेंद्र लहरी, विजय सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल, राजगुरु जैसे समस्त क्रांतिकारी आर्य समाजी ही थे।
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चेयरमैन पारस जैन ने कहा कि आर्य समाज को परमात्मा की भक्ति के लिए किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं पड़ती। स्वामी तेजानंद सरस्वती, मोहित शास्त्री, सत्यवीर आर्य, कंवरपाल शास्त्री, देवपाल आर्य ने भी विचार रखे। अजय आर्य, अजेश गुप्ता, सुनील आर्य यजमान रहे। कार्यक्रम में करीब 25 छात्रों को संस्कार दीक्षा दी गई।
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जिन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष मेरठ सीमा प्रधान ने पुरस्कृत किया। महेशचंद, अभयराम आर्य, जगबीर शास्त्री, मंशाराम, विजयपाल, पवन एडवोकेट, बनवारी लाल, अभिषेक, अशू, कपिल, गीता, धनपाल सिंह, विशाल शर्मा, मांगेराम प्रधान आदि रहे। अध्यक्षता डॉ. बीपी सिंह और संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया।