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एआरटीओ में डीएल बनवाने को लगी होड
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एआरटीओ ऑफिस में डीएल के लिए कतार में खड़े आवेदक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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एआरटीओ में डीएल बनवाने के लिए लगी होड़
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की नई परिवहन नीति ने हर किसी को डरा दिया है। वाहन चलाने के लिए पहली शर्त ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) है। काफी संख्या में लोगों के पास डीएल ही नहीं थे। अब डीएल बनवाने को लेकर भी मारामारी है। ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं, जिसमें 15 दिन की डेट पेंडिंग चल रही है। एक दिन में विभाग 200 डीएल बनाने की प्रक्रिया ही कर रहा है।
परिवहन विभाग ने डीएल बनवाने के लिए ऑनलाइन फीस जमा करने की व्यवस्था कर दी है। जिस व्यक्ति को अपना डीएल बनवाना है उसे लोकवाणी केंद्र पर ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। एआरटीओ ऑफिस में टेस्ट देने के लिए किस दिन जाना है, इसकी डेट भी कंप्यूटर ही देगा। इस समय 15 दिन की डेट पेंडिंग चल रही है। एआरटीओ ऑफिस एक दिन में 200 नए लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया होती है, उसमें टेस्ट भी शामिल है। पास होने वाले अभ्यर्थियों का ही डीएल जारी किया जाता है। उसी हिसाब से टेस्ट की तारीख मिलती है। आगमी 15 दिन तक पंजीयन हो गए, उन्हें तारीख 22 सितंबर तक की दी गई है, यानि डेट पेंडिंग चलने का मतलब तीन हजार लोग पहले से ही डीएल बनवाने की लाइन में है। अगस्त माह में 4661 ड्राइविंग लाइसेंस जारी हुए, इनमें 3100 लर्निंग और 1561 डीएल शामिल है। इस महीने में इसका रिकार्ड टूटने वाला है, क्योंकि सितंबर माह की छह तारीख तक ही करीब तीन हजार अभ्यर्थी डीएल के लिए अपना पंजीयन करा चुके है।
प्रदूषण जांच केंद्रों पर भीड़
(फोटो)
मुजफ्फरनगर। वाहन की प्रदूषण जांच बेहद जरूरी है। पेट्रोल पंपों पर वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों पर लोगों की भीड़ है। दुपहिया वाहन का 40 और चौपहिया का 60 रुपये लिए जा रहे हैं। आम आदमी चालान के भय से इस औपचारिकता को पूरा करने में लगा है। जांच करने वालों की आमदनी भी अचानक बढ़ गई है। एआरटीओ दफ्तर के पास प्रदूषण की जांच करने वाले इंतजार हुसैन कहते हैं कि नए नियमों के कारण प्रदूषण खूब कराया जा रहा है, पहले खाली बैठे रहते थे अब फुर्सत नहीं है। प्रदूषण जांच भी उन्हें वाहनों की होती है, जो परिवहन विभाग में ऑनलाइन पंजीकृत हैं।
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इंश्योरेंस में लापरवाही नहीं
मुजफ्फरनगर। नई परिवहन नीति में चालान से बचने के लिए वे लोग भी अपने वाहनों का इंश्योरेंस करा रहे हैं, अब से पहले जो इसे बहुत हल्के में ले रहे थे। चालान न कटे इसके लिए बीमा एजेंट से संपर्क साधा जा रहा है। बीमा करने वालों के यहां भी लोगों की मारामारी है। बीमा कंपनी से जुड़े केतन कर्णवाल का कहना है कि नई परिवहन नीति में वाहन की बीमा राशि बढ़ गई है, लेकिन यह लाभकारी है। पहले वाहन चालक का मात्र एक लाख का बीमा होता था अब 15 लाख का बीमा है।
-----------
इन्होंने कहा---
डीएल बनवाने को लेकर लोग जागरूक हुए हैं और आवेदन करने वालों की संख्या प्रतिदिन बढ रही है। विभाग लाइसेंस जारी करने में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है।
- विनीत मिश्रा, एआरटीओ
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की नई परिवहन नीति ने हर किसी को डरा दिया है। वाहन चलाने के लिए पहली शर्त ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) है। काफी संख्या में लोगों के पास डीएल ही नहीं थे। अब डीएल बनवाने को लेकर भी मारामारी है। ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं, जिसमें 15 दिन की डेट पेंडिंग चल रही है। एक दिन में विभाग 200 डीएल बनाने की प्रक्रिया ही कर रहा है।
परिवहन विभाग ने डीएल बनवाने के लिए ऑनलाइन फीस जमा करने की व्यवस्था कर दी है। जिस व्यक्ति को अपना डीएल बनवाना है उसे लोकवाणी केंद्र पर ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। एआरटीओ ऑफिस में टेस्ट देने के लिए किस दिन जाना है, इसकी डेट भी कंप्यूटर ही देगा। इस समय 15 दिन की डेट पेंडिंग चल रही है। एआरटीओ ऑफिस एक दिन में 200 नए लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया होती है, उसमें टेस्ट भी शामिल है। पास होने वाले अभ्यर्थियों का ही डीएल जारी किया जाता है। उसी हिसाब से टेस्ट की तारीख मिलती है। आगमी 15 दिन तक पंजीयन हो गए, उन्हें तारीख 22 सितंबर तक की दी गई है, यानि डेट पेंडिंग चलने का मतलब तीन हजार लोग पहले से ही डीएल बनवाने की लाइन में है। अगस्त माह में 4661 ड्राइविंग लाइसेंस जारी हुए, इनमें 3100 लर्निंग और 1561 डीएल शामिल है। इस महीने में इसका रिकार्ड टूटने वाला है, क्योंकि सितंबर माह की छह तारीख तक ही करीब तीन हजार अभ्यर्थी डीएल के लिए अपना पंजीयन करा चुके है।
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प्रदूषण जांच केंद्रों पर भीड़
(फोटो)
मुजफ्फरनगर। वाहन की प्रदूषण जांच बेहद जरूरी है। पेट्रोल पंपों पर वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों पर लोगों की भीड़ है। दुपहिया वाहन का 40 और चौपहिया का 60 रुपये लिए जा रहे हैं। आम आदमी चालान के भय से इस औपचारिकता को पूरा करने में लगा है। जांच करने वालों की आमदनी भी अचानक बढ़ गई है। एआरटीओ दफ्तर के पास प्रदूषण की जांच करने वाले इंतजार हुसैन कहते हैं कि नए नियमों के कारण प्रदूषण खूब कराया जा रहा है, पहले खाली बैठे रहते थे अब फुर्सत नहीं है। प्रदूषण जांच भी उन्हें वाहनों की होती है, जो परिवहन विभाग में ऑनलाइन पंजीकृत हैं।
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इंश्योरेंस में लापरवाही नहीं
मुजफ्फरनगर। नई परिवहन नीति में चालान से बचने के लिए वे लोग भी अपने वाहनों का इंश्योरेंस करा रहे हैं, अब से पहले जो इसे बहुत हल्के में ले रहे थे। चालान न कटे इसके लिए बीमा एजेंट से संपर्क साधा जा रहा है। बीमा करने वालों के यहां भी लोगों की मारामारी है। बीमा कंपनी से जुड़े केतन कर्णवाल का कहना है कि नई परिवहन नीति में वाहन की बीमा राशि बढ़ गई है, लेकिन यह लाभकारी है। पहले वाहन चालक का मात्र एक लाख का बीमा होता था अब 15 लाख का बीमा है।
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इन्होंने कहा---
डीएल बनवाने को लेकर लोग जागरूक हुए हैं और आवेदन करने वालों की संख्या प्रतिदिन बढ रही है। विभाग लाइसेंस जारी करने में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है।
- विनीत मिश्रा, एआरटीओ