{"_id":"5b33da3a4f1c1b64068b88c0","slug":"army-bomb-squad-team-collected-submitted","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरवट कांड: आर्मी बम स्क्वॉड टीम ने जुटाए सुबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरवट कांड: आर्मी बम स्क्वॉड टीम ने जुटाए सुबूत
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:11 AM IST
विज्ञापन
सरवट गांव में सुबूत जुटाते सेना के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर के सरवट विस्फोट कांड में बुधवार को आर्मी बम स्क्वॉड की छह सदस्यीय टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर रही सेना की टीम ने मिट्टी के नमूने लिए। टीम ने मिट्टी में शामिल बारूद व मेटल के बारीक कणों को संकलित किया।
दीवारों पर चिपके खून व मांस के भी नमूने लिए। घटनास्थल के बाद आर्मी टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची और वहां विस्फोट के बाद सुरक्षित रखे गए नमूनों के साथ ही बम की तली बताई जा रही कथित प्लेट को भी कब्जे में लेकर अफसरों से मुलाकात कर लखनऊ लौट गई।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट में सोमवार सुबह नवाजिश के घर के बाहर स्थित कबाड़ी निसार की दुकान में स्क्रैप तोड़ते हुए विस्फोट हो गया था। विस्फोट में कबाड़ी निसार व नवाजिश के साथ ही पड़ोसी दुकानदार ताजिम व बाइक सवार राहगीर शहजाद आलम की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
वहीं, यूसुफ, नौशाद, शोएब व कौसरजहां घायल हो गए थे। सनसनीखेज विस्फोट कांड के बाद सहारनपुर से आए बम डिस्पोजल स्क्वॉड के साथ ही एटीएस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मामले में पुलिस ने अपनी तरफ से कबाड़ी निसार व नवाजिश के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करते हुए जांच एटीएस के हवाले कर दी थी। विस्फोट कांड में जान गंवाने वाले चारों लोगों में से तीन की लाशों से पोस्टमार्टम के दौरान बारूद के कण में लोहे टुकड़े बरामद हुए थे, जिन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेज दिया गया था।
वहीं, विस्फोटक की पहचान के लिए लखनऊ आर्मी कैंट की 201 बम डिस्पोजल स्क्वॉड को भी लिखा गया था। बुधवार को आर्मी की उक्त छह सदस्यीय टीम नायक सूबेदार जेपी सिंह के नेतृत्व में जनपद मुख्यालय पहुंची। यहां आमद दर्ज कराने के बाद आर्मी टीम सीओ सिटी हरीश भदौरिया और सिविल लाइन इंस्पेक्टर डीके त्यागी के साथ सरवट में घटनास्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने पहले तो घटनास्थल का निरीक्षण किया।
इसके बाद मौके से मिट्टी के नमूने लेते हुए मिट्टी को छानकर उसमें से बारूद व मेटल के महीन कणों को निकालकर उन्हें भी कब्जे में ले लिया। इसके अलावा, टीम ने घटनास्थल के आसपास दीवारों पर चिपके खून व मांस के भी नमूने लेकर उन्हें सीलबंद किया। करीब डेढ़ घंटे तक आर्मी की टीम घटनास्थल पर ही रहकर हर स्तर से नमूने संकलित करती रही।
इसके बाद आर्मी टीम सिविल लाइंस थाने पहुंचे, जहां से उन्होंने पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों के साथ ही बम की तली बताई जा रही कथित कढ़ाई को भी कब्जे में ले लिया। इसके बाद आर्मी टीम एसपी सिटी ओमबीर सिंह से मिलकर लखनऊ लौट गई। आर्मी टीम में नायक सूबेदार जितेंद्र पाल सिंह, हवलदार वीबी पाटिल, नायक बीडी जाधव, नायक एमआई खान और लांसनायक पीवी सांवले आदि शामिल रहे।
लखनऊ में होगी जांच
मुजफ्फरनगर। आर्मी के बम डिस्पोजल स्क्वाड में शामिल हवलदार पीबी पाटिल ने बताया कि घटनास्थल की मिट्टी से बारूद और बारीक मेटल के नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनकी लखनऊ में जांच की जाएगी। जांच के बाद पता चलेगा कि यह किस प्रकार का विस्फोटक था। उन्होंने बताया कि करीब एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी जाएगी।
विस्फोटक की मारक क्षमता अधिक
मुजफ्फरनगर। आर्मी की बम डिस्पोजल टीम ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया। जानकारी करने पर बताया कि जिस तरह से घटनास्थल का मंजर है, उससे यह तय है कि विस्फोटक की मारक क्षमता बहुत अधिक थी। थाने से लिए गए मेटल और बारूद की जांच से पता चलेगा कि विस्फोटक कौन सा था।
विज्ञापन
दीवारों पर चिपके खून व मांस के भी नमूने लिए। घटनास्थल के बाद आर्मी टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची और वहां विस्फोट के बाद सुरक्षित रखे गए नमूनों के साथ ही बम की तली बताई जा रही कथित प्लेट को भी कब्जे में लेकर अफसरों से मुलाकात कर लखनऊ लौट गई।
विज्ञापन
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट में सोमवार सुबह नवाजिश के घर के बाहर स्थित कबाड़ी निसार की दुकान में स्क्रैप तोड़ते हुए विस्फोट हो गया था। विस्फोट में कबाड़ी निसार व नवाजिश के साथ ही पड़ोसी दुकानदार ताजिम व बाइक सवार राहगीर शहजाद आलम की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
वहीं, यूसुफ, नौशाद, शोएब व कौसरजहां घायल हो गए थे। सनसनीखेज विस्फोट कांड के बाद सहारनपुर से आए बम डिस्पोजल स्क्वॉड के साथ ही एटीएस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मामले में पुलिस ने अपनी तरफ से कबाड़ी निसार व नवाजिश के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करते हुए जांच एटीएस के हवाले कर दी थी। विस्फोट कांड में जान गंवाने वाले चारों लोगों में से तीन की लाशों से पोस्टमार्टम के दौरान बारूद के कण में लोहे टुकड़े बरामद हुए थे, जिन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेज दिया गया था।
वहीं, विस्फोटक की पहचान के लिए लखनऊ आर्मी कैंट की 201 बम डिस्पोजल स्क्वॉड को भी लिखा गया था। बुधवार को आर्मी की उक्त छह सदस्यीय टीम नायक सूबेदार जेपी सिंह के नेतृत्व में जनपद मुख्यालय पहुंची। यहां आमद दर्ज कराने के बाद आर्मी टीम सीओ सिटी हरीश भदौरिया और सिविल लाइन इंस्पेक्टर डीके त्यागी के साथ सरवट में घटनास्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने पहले तो घटनास्थल का निरीक्षण किया।
इसके बाद मौके से मिट्टी के नमूने लेते हुए मिट्टी को छानकर उसमें से बारूद व मेटल के महीन कणों को निकालकर उन्हें भी कब्जे में ले लिया। इसके अलावा, टीम ने घटनास्थल के आसपास दीवारों पर चिपके खून व मांस के भी नमूने लेकर उन्हें सीलबंद किया। करीब डेढ़ घंटे तक आर्मी की टीम घटनास्थल पर ही रहकर हर स्तर से नमूने संकलित करती रही।
इसके बाद आर्मी टीम सिविल लाइंस थाने पहुंचे, जहां से उन्होंने पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों के साथ ही बम की तली बताई जा रही कथित कढ़ाई को भी कब्जे में ले लिया। इसके बाद आर्मी टीम एसपी सिटी ओमबीर सिंह से मिलकर लखनऊ लौट गई। आर्मी टीम में नायक सूबेदार जितेंद्र पाल सिंह, हवलदार वीबी पाटिल, नायक बीडी जाधव, नायक एमआई खान और लांसनायक पीवी सांवले आदि शामिल रहे।
लखनऊ में होगी जांच
मुजफ्फरनगर। आर्मी के बम डिस्पोजल स्क्वाड में शामिल हवलदार पीबी पाटिल ने बताया कि घटनास्थल की मिट्टी से बारूद और बारीक मेटल के नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनकी लखनऊ में जांच की जाएगी। जांच के बाद पता चलेगा कि यह किस प्रकार का विस्फोटक था। उन्होंने बताया कि करीब एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी जाएगी।
विस्फोटक की मारक क्षमता अधिक
मुजफ्फरनगर। आर्मी की बम डिस्पोजल टीम ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया। जानकारी करने पर बताया कि जिस तरह से घटनास्थल का मंजर है, उससे यह तय है कि विस्फोटक की मारक क्षमता बहुत अधिक थी। थाने से लिए गए मेटल और बारूद की जांच से पता चलेगा कि विस्फोटक कौन सा था।