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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: आत्मविश्वास से अन्याय के विरुद्ध हौसला बुलंद करें बेटियां

Thu, 07 Mar 2019 12:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 07 Mar 2019 12:29 AM IST
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Aparajita Amar Ujala campaign: Yoga practiced by women
महिलाओं ने योगाभ्यास किया - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला की अनूठी पहल अपराजिता:100 मिलियन स्माइल्स के तहत भारतीय योग संस्थान के केंद्र ग्रीन लैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल के परिसर में योगाभ्यास, ध्यान, प्राणायाम और मंत्रोच्चार से महिलाओं एवं बेटियों को आत्मविश्वास जागृत करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से व्यस्त जीवन शैली में योग अपनाकर रोग मुक्त रहने के गुर बताए गए। दैनिक दिनचर्या में योग अपना कर जीवन को आनंदमय बनाने का संदेश दिया गया।

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शहर के मोहल्ला गऊशाला में ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल के योग केंद्र पर साधिकाओं ने अपराजिता की मुहिम को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लिया। योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ कृतिका सिंह, कनिष्का और खुशी सैनी ने गायत्री मंत्र के उच्चारण से किया। सूर्य नमस्कार का अभ्यास अर्चना सिंह, पूनम, आरती, सुमन और कविता ने कराया। प्रशिक्षु महिलाओं ने शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के आसन बताए। वृक्षासन से पेट एवं कमर तथा योगमुद्रा से गुर्दों की बीमारी से सुरक्षा को लेकर योगाभ्यास सिखाया गया।
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उष्ट्रासन से लीवर, फेफड़े और दिल की बीमारियों से लाभ की जानकारी दी गई। केंद्र प्रमुख अर्चना सिंह ने धनुरासन, चक्रासन, हस्तोनपात्तान आसन का आकर्षक प्रदर्शन किया। योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने कहा कि मन की एकाग्रता को ध्यान एवं योग से जुड़े। योग आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। ध्यान और प्राणायाम से बेटियां मानसिक, आत्मिक और शारीरिक सशक्त बन सकती है।

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केंद्र प्रमुख राजसिंह पुंडीर ने महिलाओं से योग से जुड़ने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग स्पर्धा मथुरा में कांस्य पदक विजेता छात्रा अक्षिता पाल ने योग की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन किया। शिविर में अंकुर मान, विपुल सहरावत, अंजलि, किरण वालिया, मुनेश देवी, गायत्री शर्मा, जयवती आदि का सहयोग रहा।

‘शक्ति का नाम ही नारी’
नारी की महिमा में योग साधिकाओं ने गीत और कविता प्रस्तुत की। सविता ने ‘चमचम करती ताज है बेटी, हमको तुझ पर नाज है बेटी’ कविता सुनाई। बेबी सैनी ने ‘जहां लड़की बनना श्राप है’ कविता के माध्यम से बेटियों का दर्द बयां किया। सरिता धीमान ने ‘कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है ’  गीत से नारी के हौसले को प्रस्तुत किया। आरती सिंह, साक्षी, सुमन गर्ग, दीपा सैनी, सविता सैनी, मंजू रघुवंशी, ईशा अरोरा, पूनम वर्मा, कमलेश पुंडीर, जौनी पुंडीर, मंजेश सैनी, वंदना बंसल, वंशिका, गीता प्रजापति, रामश्री आदि शामिल रहीं।

नारी के सम्मान से सशक्त बनेगा राष्ट्र: गुरुदत्त
वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वेदों से यज्ञ, योग और आयुर्वेद की जो संपदा ऋषि मुनियों ने प्राणिमात्र को दी है, उसे जीवन आचरण में अपनाए। योग को अपनाकर महिलाएं दृढ़ और निरोगी बनेगी। नारी के सम्मान से ही समाज और राष्ट्र का सशक्त बनेगा। माताओं के चरित्र, आचरण से ही श्रीराम, वीर शिवाजी जैसे महापुरुष राष्ट्र को मिले। सावित्री, सीता, रानी लक्ष्मीबाई, पन्नाधाय, जीजाबाई, गार्गी जैसी माताओं का जीवन प्रेरित करता है। आचार्य ने योग आसन प्रस्तुत करने वाली दस बालिकाओं को सम्मानित किया।

अपराजिता ने जगा दिया जज्बा: सपना
मुख्य अतिथि वार्ड सभासद सपना मलिक ने कहा कि अपनी क्षमता, परिश्रम और लगन से बेटियां हर क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही हैं। शिक्षित बेटियां दो घरों को दिशा देती हैं। अपराजिता के अभियान से महिलाओं में अन्याय, शोषण और हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद करने का जज्बा पैदा हो रहा है।

 महिलाएं और लड़कियां योग को अपना रहीं हैं। अमर उजाला की ओर से आयोजित शिविर से ऐसी महिलाओं को भी प्रेरणा मिली है जो अब तक इससे दूर रहीं हैं - अपूर्वा वर्मा।

महिलाएं घरों के कामकाज में लगी रहती हैं। उन्हें अपने लिए भी समय निकालना चाहिए। जीवन को सुखी बनाने के लिए योग से बढिय़ा कोई माध्यम नहीं है - वंदना।

महिलाएं संस्कृति और समाज का आधार होती हैं। परिवार को किस दिशा में ले जाना है, यह उन पर निर्भर करता है। इसलिए महिलाओं का शिक्षित और संस्कारित होना बेहद जरूरी है - गीता।

बेटियों को लेकर समाज की सोच में धीरे-धीरे बदलाव आ है। इसमें अभी और सुधार की जरूरत है। अमर उजाला की ओर से चल रहा अपराजिता अभियान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है - बेबी सैनी।

महिलाएं किसी ने कम नहीं हैं। उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिक्षा में बेटियां ने बेटों को पछाड़ऩा शुरू कर दिया है। उन्हें आजादी के पंख मिलेंगे तो उनकी उड़ान को कोई नहीं रोक पाएगा - मंजेश सैनी।

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