{"_id":"603e85648ebc3ee975200edd","slug":"antiquated-students-conference-at-jain-girls-degree-college-muzaffarnagar-news-mrt5280199191","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूली बिसरी यादों में खो गई पुरातन छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूली बिसरी यादों में खो गई पुरातन छात्राएं
विज्ञापन
जैन कन्या पाठशाला स्नाकोत्तर महाविद्यालय में पुरातन छात्रा सम्मेलन का शुभारंभ करती प्राचार्या
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। जैन कन्या डिग्री कॉलेज में पुरातन छात्रा सम्मेलन में भूली बिसरी यादें सामने आई। कई पुरातन छात्राओं ने कहा कि शहर का एकमात्र छात्राओं का कॉलेज होने के कारण उनकी पढ़ाई हुई। परिवार के लोग को-एजुकेशन के खिलाफ थे।
1965 में शहर में बेटियों के लिए पहला कन्या डिग्री कॉलेज जैन कन्या पाठशाला खुला था। डीएवी, एसडी और छोटूराम डिग्री कॉलेज में को-एजुकेशन होने के नाते ऐसे अभिभावकों की संख्या बहुत अधिक थी, जो बेटियों को केवल लड़कियों के कॉलेज में ही भेजना चाहते थे। कॉलेज के पुरातन छात्रा सम्मेलन में कॉलेज की पुरातन छात्राओं ने इस प्रकार के विचार रखे। पुरातन छात्रा अरुणलता मिश्रा यहां की 1970 की पास आउट है। उन्होंने कहा कि छात्राओं का कॉलेज नहीं खुलता तो वह एमए न कर पाती और न ही शिक्षिका बनतीं। उस समय का जैन डिग्री कालेज का मैनेजमेंट इसके लिए बधाई का पात्र है।
मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्या सत्या वर्मा, डा. नीतू वशिष्ठ, पूनम भारद्वाज, डा. निशि शर्मा, डा. योगिता शर्मा, डा. अंजलि और सुशीला ने पुरानी यादों को साझा किया। कार्यक्रम में एमए हिंदी, राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी में पहले स्थान पर रहने वली छात्राओं को गोल्ड मेडल और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ नीता भटनागर, हैड क्लर्क कोतवाल सिंह, चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ निशा गुप्ता को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ सीमा जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में पंजाबी नृत्य, एकल नृत्य की प्रस्तुति हुई। डा. सविता वशिष्ठ, डा. वर्चसा सैनी, डा. पारुल जैन, गीता जिंदल, प्रतिमा शर्मा, निधि, रजनी शर्मा, प्रिया वर्मा का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
1965 में शहर में बेटियों के लिए पहला कन्या डिग्री कॉलेज जैन कन्या पाठशाला खुला था। डीएवी, एसडी और छोटूराम डिग्री कॉलेज में को-एजुकेशन होने के नाते ऐसे अभिभावकों की संख्या बहुत अधिक थी, जो बेटियों को केवल लड़कियों के कॉलेज में ही भेजना चाहते थे। कॉलेज के पुरातन छात्रा सम्मेलन में कॉलेज की पुरातन छात्राओं ने इस प्रकार के विचार रखे। पुरातन छात्रा अरुणलता मिश्रा यहां की 1970 की पास आउट है। उन्होंने कहा कि छात्राओं का कॉलेज नहीं खुलता तो वह एमए न कर पाती और न ही शिक्षिका बनतीं। उस समय का जैन डिग्री कालेज का मैनेजमेंट इसके लिए बधाई का पात्र है।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्या सत्या वर्मा, डा. नीतू वशिष्ठ, पूनम भारद्वाज, डा. निशि शर्मा, डा. योगिता शर्मा, डा. अंजलि और सुशीला ने पुरानी यादों को साझा किया। कार्यक्रम में एमए हिंदी, राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी में पहले स्थान पर रहने वली छात्राओं को गोल्ड मेडल और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ नीता भटनागर, हैड क्लर्क कोतवाल सिंह, चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ निशा गुप्ता को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ सीमा जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में पंजाबी नृत्य, एकल नृत्य की प्रस्तुति हुई। डा. सविता वशिष्ठ, डा. वर्चसा सैनी, डा. पारुल जैन, गीता जिंदल, प्रतिमा शर्मा, निधि, रजनी शर्मा, प्रिया वर्मा का सहयोग रहा।
विज्ञापन