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लंपी की चपेट में पशु, आज बरेली से आएगी चिकित्सकों की टीम
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- जिले के प्रत्येक ब्लॉक में सामने आ रहे मामले, पशुपालक परेशान
- संक्रमण फैलने की दर कम, सावधानी से ही बचाव संभव
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पशुओं की स्किन की बीमारी लंपी ने जिले में भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। प्रत्येक विकास खंड में संक्रमित पशु मिल रहे हैं। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली की टीम शनिवार को जिले के बघरा ब्लॉक का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी। जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
लंपी ने पशुपालकों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। गाय के शरीर पर गांठ बन रही है। प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी दिनेश तोमर ने बताया कि पशु चिकित्सकों के सर्वे में बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। पशुपालकों को बचाव के सुझाव दिए जा रहे हैं। संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से अलग रखकर ही बीमारी का फैलाव रोका जा सकता है। पशुपालक घबराने के बजाए सावधानी से काम लें। बरेली की टीम बघरा ब्लॉक के विभिन्न गांव का दौरा करेगी ।
यह लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
- गाय को हल्का बुखार
- पशु के शरीर पर जगह-जगह गांठ
- दुग्ध उत्पादन में अत्यधिक कमी
- पशु में गर्भपात या बांझपन
पशु बीमार तो यह यह करें उपाय
- बीमारी से ग्रस्त पशु को स्वस्थ पशु से अलग करें
- जिस पशु में लक्षण दिखें, उसे आइसोलेट कर दें
- मक्खी, चिचड़ी और मच्छर से पशु को बचाएं
- पशु बांधने के स्थान पर विशेष सफाई रखें
कीटनाशक का इस तरह करें इस्तेमाल
संक्रमित पशु को बांधने वाले स्थान पर फोरमेलिन, ईथर, क्लोरोफार्म, एल्कोहल और अन्य उपलब्ध कीटनाशक से छिड़काव कर सकते हैं।
पशुओं के लिए टीकों की मांग भेजी
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी दिनेश तोमर का कहना है कि बीमारी से बचाव का अभी टीका जारी नहीं किया गया है। हमने विभाग को करीब पौने तीन लाख पशुओं के लिए टीके की डिमांड भेजी है।
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पशु चिकित्साधिकारी करें निगरानी
जिले के पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दें। अगर कहीं संक्रमित पशु है तो पशुपालक को जागरूक करें। लालूखेड़ी में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि निगरानी की जा रही है।
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- संक्रमण फैलने की दर कम, सावधानी से ही बचाव संभव
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पशुओं की स्किन की बीमारी लंपी ने जिले में भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। प्रत्येक विकास खंड में संक्रमित पशु मिल रहे हैं। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली की टीम शनिवार को जिले के बघरा ब्लॉक का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी। जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
लंपी ने पशुपालकों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। गाय के शरीर पर गांठ बन रही है। प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी दिनेश तोमर ने बताया कि पशु चिकित्सकों के सर्वे में बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। पशुपालकों को बचाव के सुझाव दिए जा रहे हैं। संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से अलग रखकर ही बीमारी का फैलाव रोका जा सकता है। पशुपालक घबराने के बजाए सावधानी से काम लें। बरेली की टीम बघरा ब्लॉक के विभिन्न गांव का दौरा करेगी ।
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यह लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
- गाय को हल्का बुखार
- पशु के शरीर पर जगह-जगह गांठ
- दुग्ध उत्पादन में अत्यधिक कमी
- पशु में गर्भपात या बांझपन
पशु बीमार तो यह यह करें उपाय
- बीमारी से ग्रस्त पशु को स्वस्थ पशु से अलग करें
- जिस पशु में लक्षण दिखें, उसे आइसोलेट कर दें
- मक्खी, चिचड़ी और मच्छर से पशु को बचाएं
- पशु बांधने के स्थान पर विशेष सफाई रखें
कीटनाशक का इस तरह करें इस्तेमाल
संक्रमित पशु को बांधने वाले स्थान पर फोरमेलिन, ईथर, क्लोरोफार्म, एल्कोहल और अन्य उपलब्ध कीटनाशक से छिड़काव कर सकते हैं।
पशुओं के लिए टीकों की मांग भेजी
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी दिनेश तोमर का कहना है कि बीमारी से बचाव का अभी टीका जारी नहीं किया गया है। हमने विभाग को करीब पौने तीन लाख पशुओं के लिए टीके की डिमांड भेजी है।
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पशु चिकित्साधिकारी करें निगरानी
जिले के पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दें। अगर कहीं संक्रमित पशु है तो पशुपालक को जागरूक करें। लालूखेड़ी में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि निगरानी की जा रही है।