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पुलिस रवैये से क्षुब्ध होकर गांव छोड़ा
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बघरा से पलायन करता परिवार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
पुलिस रवैये से क्षुब्ध होकर गांव छोड़ा
तितावी (मुजफ्फरनगर)। बघरा बस स्टैंड पर 31 जनवरी को छात्र हर्षदीप की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में तीन अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत परिजन बुधवार को गांव छोड़कर चले गए। परिवार के सदस्यों ने पुलिस रवैये पर नाराजगी जताई है। परिवार के सदस्य अपने मकान की दीवार पर भी ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। वहीं, मामले की जांच एक पखवाड़े पूर्व ही क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित की जा चुकी है।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव बघरा निवासी छात्र हर्षदीप 31 जनवरी की शाम घर से सामान लेने मार्केट गया था। वहां किसी बात को लेकर उसकी गांव के ही कुछ युवकों से कहासुनी हो गई थी, जिसकी शिकायत उसने बघरा पुलिस चौकी पर की थी। इस पर पुलिस ने उक्त युवकों को पकड़ लिया था, लेकिन चौकी से निकलते ही हर्षदीप की संदिग्ध हालात में ट्रक के नीचे आने से मौत हो गई थी। हर्षदीप के पिता संदीप सैनी ने अमित, नितिन, गौरव व अक्षित को नामजद करते हुए कई अज्ञात के खिलाफ जान-बूझकर बेटे को ट्रक के आगे धक्का देकर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
चार अप्रैल को मृतक के पिता संदीप सैनी ने तितावी थाने में एक और तहरीर देकर गांव निवासी तीन अन्य युवकों को भी घटना में शामिल होना बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि पुलिस जांच में इनकी संलिप्तता नहीं पाई गई। पिछले तीन दिन से संदीप सैनी उक्त आरोपियों से जान का खतरा जताते हुए परिवार समेत छोड़ने की चेतावनी दे रहा था। इस बाबत प्रमुख सचिव गृह को भी शिकायती पत्र भेजा गया था। परिजनों द्वारा मकान की दीवार पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर बुधवार को परिवार ने सामान ट्रक में लादकर बघरा से गांव छोड़कर अन्यत्र स्थान के लिए चले गए। परिजनों का कहना है कि उक्त तीन युवकों द्वारा उन पर फैसले का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें जान का खतरा है। जब तक उक्त युवकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे घर नहीं लौटेंगे।
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एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि इस मामले की जांच एक पखवाड़े पूर्व क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित की जा चुकी है। परिजनों ने चार युवक नामजद किए थे, जिन्हें जेल भेजा जा चुका है। जो तीन नाम बाद में दिए गए, जांच में वे बेकसूर पाए गए हैं। किसी भी बेगुनाह को किसी भी कीमत पर जेल नहीं भेजा जाएगा।
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तितावी (मुजफ्फरनगर)। बघरा बस स्टैंड पर 31 जनवरी को छात्र हर्षदीप की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में तीन अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत परिजन बुधवार को गांव छोड़कर चले गए। परिवार के सदस्यों ने पुलिस रवैये पर नाराजगी जताई है। परिवार के सदस्य अपने मकान की दीवार पर भी ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। वहीं, मामले की जांच एक पखवाड़े पूर्व ही क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित की जा चुकी है।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव बघरा निवासी छात्र हर्षदीप 31 जनवरी की शाम घर से सामान लेने मार्केट गया था। वहां किसी बात को लेकर उसकी गांव के ही कुछ युवकों से कहासुनी हो गई थी, जिसकी शिकायत उसने बघरा पुलिस चौकी पर की थी। इस पर पुलिस ने उक्त युवकों को पकड़ लिया था, लेकिन चौकी से निकलते ही हर्षदीप की संदिग्ध हालात में ट्रक के नीचे आने से मौत हो गई थी। हर्षदीप के पिता संदीप सैनी ने अमित, नितिन, गौरव व अक्षित को नामजद करते हुए कई अज्ञात के खिलाफ जान-बूझकर बेटे को ट्रक के आगे धक्का देकर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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चार अप्रैल को मृतक के पिता संदीप सैनी ने तितावी थाने में एक और तहरीर देकर गांव निवासी तीन अन्य युवकों को भी घटना में शामिल होना बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि पुलिस जांच में इनकी संलिप्तता नहीं पाई गई। पिछले तीन दिन से संदीप सैनी उक्त आरोपियों से जान का खतरा जताते हुए परिवार समेत छोड़ने की चेतावनी दे रहा था। इस बाबत प्रमुख सचिव गृह को भी शिकायती पत्र भेजा गया था। परिजनों द्वारा मकान की दीवार पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर बुधवार को परिवार ने सामान ट्रक में लादकर बघरा से गांव छोड़कर अन्यत्र स्थान के लिए चले गए। परिजनों का कहना है कि उक्त तीन युवकों द्वारा उन पर फैसले का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें जान का खतरा है। जब तक उक्त युवकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे घर नहीं लौटेंगे।
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एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि इस मामले की जांच एक पखवाड़े पूर्व क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित की जा चुकी है। परिजनों ने चार युवक नामजद किए थे, जिन्हें जेल भेजा जा चुका है। जो तीन नाम बाद में दिए गए, जांच में वे बेकसूर पाए गए हैं। किसी भी बेगुनाह को किसी भी कीमत पर जेल नहीं भेजा जाएगा।

बघरा से पलायन करता परिवार।- फोटो : MUZAFFARNAGAR