फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Ancestral business having to leave the cradle

पेट पालने को छोड़ रहे पुश्तैनी धंधा

Mon, 20 Apr 2020 10:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 10:36 PM IST
विज्ञापन
Ancestral business having to leave the cradle
पेट पालने को छोड़ना पड़ रहा पुश्तैनी धंधा
विज्ञापन

चरथावल। लॉकडाउन की पाबंदी के चलते दैनिक कमाई करने वालों के धंधों पर ब्रेक लग गया है। ऐसे में बेरोजगार हो गए युवाओं ने गांव और कस्बे की गलियों में सब्जी और फल बेचना आमदनी का जरिया बना लिया है।

कस्बे की गली हो या फिर गांव का गलियारा। विक्रेताओं की सब्जी ले लो की आवाज लोगों को आकर्षित करती है। क्षेत्र के सैकड़ों नौजवान और बुजुर्गों को मजबूरीवश अधिकांश कार्य बंद होने से पुश्तैनी धंधा छोड़ने को विवश हैं। कस्बे के तीरगरान निवासी काला का कबाड़ी का काम बंद है। कहता है अब फल बेचकर रोजमर्रा का खर्चा चल रहा है। कस्बे के शेखजादगान मोहल्ला निवासी नसीम आलू प्याज बेचने को मजबूर है। चौकड़ा निवासी शुभम हलवाई की दुकान चलाता था। बकौल उनके रोज कमाना, रोज खाने वाली.. स्थिति के कारण सब्जी बेचनी पड़ रही है। चरथावल नहर बस्ती के खलील झिंझाना में वेल्डर थे। लॉकडाउन में कस्बे और देहात में सब्जी बेचकर राशन, दवाई आदि का खर्च निकाल रहे हैं। चरथावल देहात लडवा रोड निवासी दिलशाद अन्य प्रांतों में फेरी लगाकर परफ्यूम बेचता था। अब मुजफ्फरनगर मंडी से सब्जी लाकर दुकानदारों को बेचता है। गांवों में साइकिल से घूमकर टॉफी नमकीन बेचने वाले कस्बे के हलवाइयान निवासी प्रदीप कहते हैं कि अब उन्हें रेहडे़ से सब्जी बेचने में कोई गुरेज नहीं है। कस्बे का चुन्नू राज मिस्त्री थे। बताते है कि अब उन्हें गलियों में सब्जी बेचकर पेट पालना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed