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एक्सक्लूसिव: लॉकडाउन में की ये गलती अब पड़ रही भारी, टूट रहा विदेश जाने का सपना, खारिज हो रहे पासपोर्ट के आवेदन
Thu, 18 Mar 2021 04:57 PM IST
कपिल kapil
सुनील सैनी, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
सुनील सैनी, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 18 Mar 2021 04:57 PM IST
सार
- विदेश यात्रा में बाधा बने लॉकडाउन उल्लंघन के मुकदमे
- सत्यापन के दौरान पुलिस थानों में दर्ज प्राथमिकी का हवाला देकर खारिज कर रही पासपोर्ट आवेदन
- लोगों को थानों में दर्ज रिपोर्टों में किया गया था नामजद
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विस्तार
कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन तोड़ने वाले की गलती कुछ लोगों पर भारी पड़ रही है। थानों में लॉकडाउन का उल्लंघन करने और महामारी अधिनियम के तहत करीब 1135 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें नामजद लोगों के पासपोर्ट आवेदन पुलिस खारिज कर रही है और इनका विदेश जाने का सपना टूट रहा है। प्रदेश सरकार ने इन मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की थी लेकिन उसका शासनादेश नहीं आया है।
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मुजफ्फरनगर में मोहल्ला खालापार निवासी अरशद, शाहपुर निवासी मोहम्मद यामीन और मोहल्ला लद्दावाला निवासी महेश कुमार के पासपोर्ट आवेदन इसी आधार पर खारिज किए गए कि उनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज था। सत्यापन में पुलिस की रिपोर्ट खिलाफ होने और उसमें थाने में दर्ज मामले का जिक्र होने के कारण पासपोर्ट आवेदन खारिज होने वाले मामलों की फेरहिस्त लंबी है। इनमें भी उन युवाओं की संख्या अधिक है, जो घरों से बाहर निकलकर लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे थे। ऐसे लोगों को अब पासपोर्ट आवेदन और नवीनीकरण दोनों ही समस्या आ रही है।
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एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दर्ज अभियोग का उल्लेख करना पुलिस के लिए अनिवार्य है। अभियोग भले ही धारा-188 का हो, लेकिन वह पासपोर्ट बनवाने और नवीनीकरण में बाधक तो बन ही जाता है। जब तक शासन स्तर से इन मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक स्थानीय स्तर पर इस संबंध में कुछ नहीं किया जा सकता।
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