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व्यापारियों की सभी समस्याओं का हल होगा  -  भुवनेश कुमार

Tue, 25 Jul 2017 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 25 Jul 2017 12:41 AM IST
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All problems of traders will be solved
कार्यक्रम में मौजूद अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि जीएसटी में उद्यमियों और व्यापारियों के सामने जो भी समस्याएं आएंगी, उन सबका हल किया जाएगा। कार्यशाला में जो समस्याएं उठाई गई हैं, उन सबको शासन तक पहुंचाया जाएगा।        
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भोपा रोड के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यशाला में भुवनेश कुमार ने कहा कि देश में एक साथ जीएसटी लागू किया जाना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कदम है। जीएसटी एक राष्ट्र-एक कर-एक बाजार के सिद्धांत पर आधारित है। यह व्यापारियों, किसानों, उपभोक्ताओं के हित में है। 17 करों को हटाकर एक कर जीएसटी किया गया है। जीएसटी की सभी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी।
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जीएसटी में जीवन उपयोगी वस्तुओं को जैसे खाद्यान्न, गेहूं, चना, दाल, चावल, बेसन, मैदा आदि को करमुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापारी स्वयं रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर को भी माध्यम बना सकते हैं। टेक्नोलॉजी के माध्यम से समय की बचत हुई है और कार्य में तेजी आएगी। नई व्यवस्था से कुछ व्यवहारिक परेशानियां शुरू में आती हैं, उनका निराकरण भी कराया जाएगा।
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जीएसटी के बाद देश के राजस्व में जो बढ़ोतरी होगी, राष्ट्र के विकास में ही यह पैसा लगेगा। इससे देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने जीएसटी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता के प्रयासों की सराहना की। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने जीएसटी को एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि देेश के व्यापारी खुलकर जीएसटी का साथ दे रहे हैं, राष्ट्रहित में यह एक अच्छा निर्णय है। जीएसटी में आने वाली परेशानियों के निराकरण में प्रशासन व्यापारियों के साथ है।

डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि जीएसटी के प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता को लेकर विभिन्न वर्गों की वह लगातार कार्यशाला करा रहे हैं। प्रशासन का यह प्रयास सफल रहा है। जीएसटी आजादी केे बाद से अब तक का सबसे बड़ा कर सुधार है। इस ऐतिहासिक बदलाव में हमें अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी है।  

उन्होंने बताया कि व्यापारी इस नए कॉन्सेप्ट को समझें और अपनी सहभागिता निभाएं। जीएसटी में सभी प्रकार के व्यापारियों का ध्यान रखा गया है।  समाधान योजना अपनाने वाले व्यापारियों को तीन महीने में केवल एक बार नक्शा जमा कराने की जरूरत है। प्रदेश के 80 प्रतिशत व्यापारी इस योजना से सरकारी अधिकारियों और दफ्तरों की भागदौड़ से बाहर हो जाएंगे।  
          
अपर आयुक्त वाणिज्य कर आरसी पाठक ने कहा कि ई वे बिल से व्यापारियों को डरने की आवश्यकता नहीं है। यह पुरानी व्यवस्था है। कुछ व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। मामला शासन के संज्ञान तक पहुंचा दिया जाएगा। मास्टर ट्रेनर डीएस गौतम ने बताया कि जीएसटी से व्यापारी को लाभ ही होगा। किसानों और कृषि के भी यह हित में है। उन्होंने कहा कि कुछ व्यापारियों की शिकायत थी कि  बैंक वैट का चालान का पैसा जमा नहीं कर रहे हैं।

इस संबंध में आयुक्त का पत्र भी आ चुका है और सभी बैंक अधिकारियों से चालान जमा करने के लिए कह दिया गया है। परचेज स्टॉक पर कोई टैक्स जमा नहीं करना है। कम्पोजिशन की डेट 16 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।  देश के बाहर से आने वाले सामान पर भी उसी दर से जीएसटी लगेगा, जिस दर से देश में बनने वाली वस्तुओं पर। उन्होंने कहा कि जीएसटी की इस व्यवस्था से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।  इस दौरान सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल, संयुक्त आयुक्त वाणिज्यकर, उप आयुक्त एवं सभी असिस्टेंट कमिश्नर मौजूद रहे।             

व्यापारियों ने ई वे  बिल का विरोध किया            
मुजफ्फरनगर। कार्यशाला में यूपी सरकार द्वारा ई वे बिल लागू करने को अधिवक्ता एनके अरोरा ने जीएसटी की मूल भावना के खिलाफ बताया। जीएसटी के बाद यह कर लगाया जाना गलत है। उद्यमी कुशपुरी ने कहा कि ई वे बिल ने सभी व्यापारियों को आहत किया है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय का सभी व्यापारी विरोध करते हैं। राकेश बंसल और प्रमोद मित्तल ने कपड़ा व्यापारियों को राहत देने की मांग की।             
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