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मुत्ताहिदा महाज ने नागरिकता संसोधन विधेयक का विरोध किया
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- कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। विधेयक को भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्षता की मूल भावना के विरुद्ध बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि विधेयक ना केवल असंवैधानिक है, बल्कि अनैतिक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25 और 26 के खिलाफ है। सरकार या राज्य, धर्म या संप्रदाय के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं कर सकते, मगर मौजूदा विधेयक धर्म के आधार पर विभेद कर रहा है, क्योंकि इससे मुस्लिम समुदाय को बाहर रखा गया है। देश की शीर्ष अदालत ने भी कई अहम फैसलों में कहा है कि मानवीय आधार पर कोई भी शरणार्थी पनाह मांगता है तो धर्म के आधार पर उसे इंकार नहीं किया जा सकता है। जहां तक बात घुसपैठियों की है, निश्चित रूप से उन्हें देश से बाहर किया जाना चाहिए, लेकिन देखने में आ रहा है कि इस विधेयक का असली मकसद एक वर्ग विशेष में भय का माहौल बनाना है।
ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज मांग करता है कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 की खामियों को दूर कराया जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहनवाज आफताब, महबूब आलम एडवोकेट, अमीर आजम खान एडवोकेट, गौहर सिद्दीकी, आसिफ राही, इकराम कस्सार, हसीन पुंडीर, मौलाना ताहिर कासमी, डॉ मुर्तुजा सलमानी, फैजय़ाब खान एडवोकेट, हाजी मुनव्वर एडवोकेट, अमीर फैसल खान, शफीक अहमद थानवी, शमीम कस्सार, बदरुजमा खान, शाहबाज खान, परवेज आलम आदि रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। विधेयक को भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्षता की मूल भावना के विरुद्ध बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि विधेयक ना केवल असंवैधानिक है, बल्कि अनैतिक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25 और 26 के खिलाफ है। सरकार या राज्य, धर्म या संप्रदाय के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं कर सकते, मगर मौजूदा विधेयक धर्म के आधार पर विभेद कर रहा है, क्योंकि इससे मुस्लिम समुदाय को बाहर रखा गया है। देश की शीर्ष अदालत ने भी कई अहम फैसलों में कहा है कि मानवीय आधार पर कोई भी शरणार्थी पनाह मांगता है तो धर्म के आधार पर उसे इंकार नहीं किया जा सकता है। जहां तक बात घुसपैठियों की है, निश्चित रूप से उन्हें देश से बाहर किया जाना चाहिए, लेकिन देखने में आ रहा है कि इस विधेयक का असली मकसद एक वर्ग विशेष में भय का माहौल बनाना है।
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ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज मांग करता है कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 की खामियों को दूर कराया जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहनवाज आफताब, महबूब आलम एडवोकेट, अमीर आजम खान एडवोकेट, गौहर सिद्दीकी, आसिफ राही, इकराम कस्सार, हसीन पुंडीर, मौलाना ताहिर कासमी, डॉ मुर्तुजा सलमानी, फैजय़ाब खान एडवोकेट, हाजी मुनव्वर एडवोकेट, अमीर फैसल खान, शफीक अहमद थानवी, शमीम कस्सार, बदरुजमा खान, शाहबाज खान, परवेज आलम आदि रहे।
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