अलीगढ़ हादसा: रंजिश में जेल में बंद था कैदी गुल सन्नवर, पेशी पर लेकर आ रहे थे पुलिसकर्मी, हादसे में हुई मौत
Aligarh Accident: अलीगढ़ से न्यायालय में पेश करने के लिए कैदी को लेकर जा रही पुलिस वैन कैंटर से जा टकराई। हादसे में एक दरोगा, तीन कांस्टेबल और कैदी की मौत हो गई।
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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से न्यायालय में पेश करने के लिए कैदी को लेकर निकली पुलिस वैन कैंटर से जा टकराई। हादसे में एक दरोगा, तीन कांस्टेबल और कैदी की मौत हो गई। एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
अलीगढ़ हादसे में पुलिसकर्मियों के साथ मरने वाला गुल सन्नवर मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। वह गांव की रंजिश में जेल में बंद था। गांव के पूर्व प्रधान अम्मार की हत्या के मामले में तीन अलग-अलग जेलों से साजिश रची गई थी, इसमें गुल सन्नवर को भी आरोपी बनाया गया था।
जिला पंचायत चुनाव की रंजिश में सीकरी गांव में 16 अक्तूबर 2015 को भूरा पर जानलेवा हमला हुआ था। सगे भाई जमशेद, गुल सन्नवर और नौशाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में गुलसन्नवर को 10 साल की सजा सुनाई जा चुकी थी।
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इस रंजिश में आरोपी था गुल सन्नवर
भोपा क्षेत्र के सीकरी गांव में गुल सन्नवर की पत्नी हसरूबा और पूर्व प्रधान अम्मार की पत्नी शगुफ्ता ने वार्ड 43 से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ा था। मतदान के दिन दोनों पक्षों के लोगों के बीच तनाव बन गया।
इसके बाद पूर्व प्रधान अम्मार पक्ष के खालिद उर्फ भूरा पर जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद तस्लीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तस्लीम की हत्या की पैरवी पूर्व प्रधान अम्मार कर रहे थे। यही नहीं वह सीकरी से शहर में आकर रहने लगे थे।
वारदात के समय आरोपी जमशेद मिर्जापुर, गुल सन्नवर फिरोजाबाद और नौशाद मुजफ्फरनगर जेल में बंद थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि अन्य मामलों में जेल मेंं बंद आरोपियों की लगातार हमलावरों से बात हुई है।
पुलिस ने इसी आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया। लेकिन साक्ष्यों के अभाव में सगे भाई गुल सन्नवर और नौशाद को दोषमुक्त करार दिया गया था। अलीगढ़ से पुलिसकर्मी गुन सन्नवर को पेशी पर लेकर आ रहे थे, इस दौरान हादसा हो गया।