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नरेश टिकैत के घर भोजन पर पहुंचे अजित सिंह, सियासी गलियारों में मची हलचल
Wed, 27 Mar 2019 12:09 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Wed, 27 Mar 2019 12:09 AM IST
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नरेश टिकैत के साथ भोजन करते चौधरी अजित सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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रालोद सुप्रीमो एवं गठबंधन प्रत्याशी चौधरी अजित सिंह की भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत की सिसौली में हुई गुफ्तगू के कई सियासी मायने हैं। लोकसभा चुनाव लड़ रहे अजित सिंह ने बाबा टिकैत के परिवार के साथ अपना वक्त ही नहीं व्यतीत किया, बल्कि रात्रि भोजन भी किया। उन्होंने टिकैत बंधुओं से किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर बातचीत की।
भाकियू के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसान आंदोलनों में संघर्ष से सिसौली को देश की राजनीति का केंद्र बना दिया था। बाबा टिकैत के दमखम पर सिसौली को किसानों की राजधानी से ख्याति मिली। गठबंधन प्रत्याशी चौधरी अजित सिंह नामांकन के बाद जिले में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को बुढ़ाना क्षेत्र में उन्होंने कई सभाएं की और देर रात एकाएक सिसौली पहुंच गए। इस कार्यक्रम के दौरान रालोद के पूर्व सांसद, विधायकों को दूर रखा।
रालोद मुखिया ने किसान मसीहा चौधरी चरणसिंह तथा बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर वह भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के घर पहुंचे। छोटे चौधरी ने परिजनों से मुलाकात की। टिकैत के घेर में किसानों की तादाद बढ़ने लगी। पारिवारिक माहौल में रच बस गए रालोद नेता ने रात्रि भोजन भी सादगी के साथ चौधरी नरेश टिकैत और राकेश टिकैत के साथ ही किया। बीचबीच में किसानों की दिक्कतों पर चर्चा हुई। किसानों की दुर्दशा के बारे में बताया।
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इस दौरान भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने स्पष्ट कुछ नहीं कहा, लोगों से यह जरूर कहा कि इस बार मौका है। छोटे चौधरी सिसौली में दो घंटे रहे। चौधरी अजित सिंह पिछले वर्ष 15 मई को चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में शिरकत किए थे। सपा, बसपा, रालोद गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर इस सीट से छोटे चौधरी के चुनाव पर सबकी सियासी नजरें टिकी है। उनकी टिकैत बंधुओं से मुलाकात के अपने सियासी मायने हैं। जाट बिरादरी की सबसे बड़ी खाप बालियान की पगड़ी भी चौधरी नरेश टिकैत के सिर है। खाप के जिले में 84 गांव हैं।
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भाकियू के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसान आंदोलनों में संघर्ष से सिसौली को देश की राजनीति का केंद्र बना दिया था। बाबा टिकैत के दमखम पर सिसौली को किसानों की राजधानी से ख्याति मिली। गठबंधन प्रत्याशी चौधरी अजित सिंह नामांकन के बाद जिले में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को बुढ़ाना क्षेत्र में उन्होंने कई सभाएं की और देर रात एकाएक सिसौली पहुंच गए। इस कार्यक्रम के दौरान रालोद के पूर्व सांसद, विधायकों को दूर रखा।
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रालोद मुखिया ने किसान मसीहा चौधरी चरणसिंह तथा बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर वह भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के घर पहुंचे। छोटे चौधरी ने परिजनों से मुलाकात की। टिकैत के घेर में किसानों की तादाद बढ़ने लगी। पारिवारिक माहौल में रच बस गए रालोद नेता ने रात्रि भोजन भी सादगी के साथ चौधरी नरेश टिकैत और राकेश टिकैत के साथ ही किया। बीचबीच में किसानों की दिक्कतों पर चर्चा हुई। किसानों की दुर्दशा के बारे में बताया।
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इस दौरान भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने स्पष्ट कुछ नहीं कहा, लोगों से यह जरूर कहा कि इस बार मौका है। छोटे चौधरी सिसौली में दो घंटे रहे। चौधरी अजित सिंह पिछले वर्ष 15 मई को चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में शिरकत किए थे। सपा, बसपा, रालोद गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर इस सीट से छोटे चौधरी के चुनाव पर सबकी सियासी नजरें टिकी है। उनकी टिकैत बंधुओं से मुलाकात के अपने सियासी मायने हैं। जाट बिरादरी की सबसे बड़ी खाप बालियान की पगड़ी भी चौधरी नरेश टिकैत के सिर है। खाप के जिले में 84 गांव हैं।