{"_id":"674362e97ec59a0e0704e49c","slug":"air-getting-poisonous-quality-still-bad-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-134504-2024-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: जहरीली हो रही हवा, गुणवत्ता अभी भी खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: जहरीली हो रही हवा, गुणवत्ता अभी भी खराब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। जनपद में वायु प्रदूषण का स्तर अभी भी खराब चल रहा है। जिस कारण सांस के रोगियों को मुश्किल हो रही है। सुबह-शाम कोहरा आने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब स्तर पर चल रहा है। रविवार को जनपद का एक्यूआइ 273 रहा। जिससे सांस के रोगियों के लिए बेहतर नहीं माना जा सकता।
एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के प्रभाव को देखते हुए कुछ दिन पहले सभी स्कूल कालेज बंद कर दिये गए थे। डीएम ने अपने आदेश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए सीएक्यूएम की सिफारिश और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के कारण लागू किए गए ग्रेप-4 का हवाला दिया था। एमडीए, जल निगम सहित 20 विभागों और अधिकारियों को ग्रेप-4 की पाबंदियों का पूर्ण रूप से सख्ती के साथ पालन करने के निर्देश दिये गए थे। हालांकि डीएम ने सोमवार से स्कूल-कालेज फिर से खोलने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं है। जिससे सांस और दमा रोगियों की मुश्किल बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
वातावरण में स्माॅग से हो रही है लोगों को परेशानी
सुबह और शाम कोहरा छाने के कारण लोगों को दिक्कत हो रही है। कोहरे में धूल के कण धुएं से मिलकर स्मॉग बनाते हैं। हवा में जमें धूल के कण सांस के साथ फेंफड़ो में जाते हैं तो उससे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अंगीठी आदि जलाने से धुआं एलर्जी करता है। जिससे विशेष तौर से सांस के रोगियों को दिक्कत बढ़ने की आशंका पैदा हो जाती है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉक्टर योगेन्द्र त्रिखा के अनुसार, यह मौसम सांस के रोगियों के लिए मुश्किल भरा होता है। इसलिए धुएं से और धूल से बचना चाहिए। ऐसे मौसम में मॉस्क और चश्मे का प्रयोग किया जाना चाहिए। सांस के रोगी सुबह और शाम के समय खुली हवा में निकलने से भी बचे।
सांस रोगी ठंड में ऐसे करें बचाव--
- सुबह-शाम घर से निकलने से परहेज करें
- ठंड के समय गरम पानी का सेवन करें
- सुबह के समय धूप में जरूर बैठें
- घर से निकलते समय मॉस्क का प्रयोग करें
विज्ञापन
एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के प्रभाव को देखते हुए कुछ दिन पहले सभी स्कूल कालेज बंद कर दिये गए थे। डीएम ने अपने आदेश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए सीएक्यूएम की सिफारिश और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के कारण लागू किए गए ग्रेप-4 का हवाला दिया था। एमडीए, जल निगम सहित 20 विभागों और अधिकारियों को ग्रेप-4 की पाबंदियों का पूर्ण रूप से सख्ती के साथ पालन करने के निर्देश दिये गए थे। हालांकि डीएम ने सोमवार से स्कूल-कालेज फिर से खोलने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं है। जिससे सांस और दमा रोगियों की मुश्किल बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
विज्ञापन
वातावरण में स्माॅग से हो रही है लोगों को परेशानी
सुबह और शाम कोहरा छाने के कारण लोगों को दिक्कत हो रही है। कोहरे में धूल के कण धुएं से मिलकर स्मॉग बनाते हैं। हवा में जमें धूल के कण सांस के साथ फेंफड़ो में जाते हैं तो उससे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अंगीठी आदि जलाने से धुआं एलर्जी करता है। जिससे विशेष तौर से सांस के रोगियों को दिक्कत बढ़ने की आशंका पैदा हो जाती है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉक्टर योगेन्द्र त्रिखा के अनुसार, यह मौसम सांस के रोगियों के लिए मुश्किल भरा होता है। इसलिए धुएं से और धूल से बचना चाहिए। ऐसे मौसम में मॉस्क और चश्मे का प्रयोग किया जाना चाहिए। सांस के रोगी सुबह और शाम के समय खुली हवा में निकलने से भी बचे।
सांस रोगी ठंड में ऐसे करें बचाव
- सुबह-शाम घर से निकलने से परहेज करें
- ठंड के समय गरम पानी का सेवन करें
- सुबह के समय धूप में जरूर बैठें
- घर से निकलते समय मॉस्क का प्रयोग करें