टिकैत का इंटरव्यू: पीएम मोदी के फैसले पर बोले चौधरी- अब धोखा नहीं होना चाहिए, इन छह बड़े सवालों का दिया जवाब
कृषि कानूनों पर पीएम मोदी द्वारा लिए गए बड़े फैसले के बाद चौधरी नरेश टिकैत से खास बातचीत की गई। उन्होंने इंटरव्यू में हर सवाल का जवाब दिया। साथ ही कहा कि अब किसानों के साथ धोखा नहीं होना चाहिए।
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किसानों का संघर्ष और एकजुटता रंग लाई। आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का एलान कर दिया। सीधी बात करने वाले भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों की जीत हुई है। यह तो बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। अब किसानों के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। आंदोलन पर फैसला संयुक्त किसान मोर्चा करेगा। कृषि कानून वापस होने के एलान पर चौधरी नरेश टिकैत से हुई बातचीत के अंश...
सवाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर आप क्या कहेंगे?
टिकैत : किसानों को खुशी तो है। उनके मुंह से ऐसी बात सुनकर खुशी हुई है। किसानों के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। धोखा अच्छी बात नहीं है। सरकार ने अपना यकीन खो रखा है। पीएम का कुछ खर्च भी नहीं हुआ और किसान खुश कर दिए, यह बहुत अच्छा प्रयास किया गया है।
सवाल : किसानों की मांग पूरी हुई, क्या अब किसान आंदोलन वापस हो जाएगा?
टिकैत : लंबा आंदोलन है, मिनटों और घंटों में खत्म नहीं होगा। संयुक्त किसान मोर्चा ही इस पर अंतिम फैसला करेगा। एमएसपी पर कानून की मांग पर सरकार ने जवाब नहीं दिया। सरकार ने अच्छी पहल की है और किसान भी सकारात्मक ही सोच रहे हैं। इसके नतीजे अच्छे ही आएंगे।
सवाल : क्या विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है?
टिकैत: यह तो सरकार ही जाने। लोग जानते हैं कि किसानों ने ही भाजपा की सरकार बनवाई थी। किसान सादा और भोला होता है। सरकार ने कदम उठाने में एक साल लगा दिया, यह तो पहले ही होना चाहिए था। लेकिन देर आए दुरुस्त आए। किसान तो बस इतना जानते हैं कि काले कानून वापस हो जाएंगे। किसान अभी तक आंदोलनजीवी, परजीवी और पाकिस्तानी, खालिस्तानी जैसे शब्दों को भी नहीं भूल सके हैं।
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सवाल : विधानसभा चुनाव को लेकर किसानों की क्या रणनीति रहेगी?
टिकैत : स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बाद हमने जितना खुला समर्थन भाजपा का किया, इतना किसी का नहीं। भाजपा का समर्थन करना हमारी भूल थी। भाकियू पूरी तरह अराजनैतिक रहेगी। किसानों को अपनी वोट आजादी से देने का पूरा हक है। हम किसी का समर्थन नहीं करते हैं।
सवाल : गांव-गांव किए गए भाजपा नेताओं के विरोध पर अब आप क्या कहेंगे?
टिकैत : भाजपा का कोई विरोध नहीं किया। भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया गया है। भाजपा नेताओं का नाम भी हमेशा सम्मानजनक तरीके से लिया। किसी के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाई। किसानों ने किसी नेता का विरोध नहीं किया। सबकी आवाजाही होनी चाहिए, सरकार झुकी है तो किसान भी नरम दिल है।
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सवाल : आप किसानों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
टिकैत : एकजुटता ही किसानों की ताकत है। लंबे संघर्ष में किसान बिखरे नहीं, एक ही रहे। कुछ लोगों ने आंदोलन को खराब करने का प्रयास किया, लेकिन किसान अड़े रहे। एकता और भरोसे से ही कोई भी आंदोलन सफल होता है। किसान हमेशा एकजुट बनकर रहे।