{"_id":"5ebd737a8ebc3e90835ddb58","slug":"advocates-will-get-five-five-thousand-rupees-muzaffarnagar-news-mrt4817904144","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ताओं को मिलेंगे पांच-पांच हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिवक्ताओं को मिलेंगे पांच-पांच हजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिवक्ताओं को मिलेंगे पांच-पांच हजार रुपये
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। बार एसोसिएशन बुढ़ाना में पंजीकृत तथा तहसील मुख्यालय पर कार्यरत सभी अधिवक्ताओं को बार एसोसिएशन ने पांच-पांच हजार रुपये आर्थिक सहायता के रूप में देने की घोषणा की है।
बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अध्यक्ष सुरेशपाल वर्मा व महासचिव ओमपाल मलिक ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद से तहसील में अधिवक्ताओं का काम काज ठप पड़ा है। जिससे अधिवक्ताओं के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। संकट की इस घड़ी में बार एसोसिएशन बुढ़ाना के पदाधिकारियों की मीटिंग में सर्वसम्मति से बार के पंजीकृत अधिवक्ताओं को पांच-पांच हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया। यह राशि केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को मिलेेगी जो उनकी बार में पंजीकृत हैं और तहसील मुख्यालय पर बैठकर प्रैक्टिस करते हैं। जो अधिवक्ता बीमार है, तहसील मुख्यालय में नहीं आ सकते उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। जो अधिवक्ता स्वेच्छा से आर्थिक सहायता नहीं लेना चाहता उसे यह धनराशि नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। बार एसोसिएशन बुढ़ाना में पंजीकृत तथा तहसील मुख्यालय पर कार्यरत सभी अधिवक्ताओं को बार एसोसिएशन ने पांच-पांच हजार रुपये आर्थिक सहायता के रूप में देने की घोषणा की है।
बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अध्यक्ष सुरेशपाल वर्मा व महासचिव ओमपाल मलिक ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद से तहसील में अधिवक्ताओं का काम काज ठप पड़ा है। जिससे अधिवक्ताओं के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। संकट की इस घड़ी में बार एसोसिएशन बुढ़ाना के पदाधिकारियों की मीटिंग में सर्वसम्मति से बार के पंजीकृत अधिवक्ताओं को पांच-पांच हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया। यह राशि केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को मिलेेगी जो उनकी बार में पंजीकृत हैं और तहसील मुख्यालय पर बैठकर प्रैक्टिस करते हैं। जो अधिवक्ता बीमार है, तहसील मुख्यालय में नहीं आ सकते उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। जो अधिवक्ता स्वेच्छा से आर्थिक सहायता नहीं लेना चाहता उसे यह धनराशि नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन