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Muzaffarnagar News: 28 साल बाद स्वीकार किया जुर्म, तीन हजार रुपये अर्थदंड
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मुजफ्फरनगर। करीब 28 साल पहले जिप्सी की टक्कर से सिपाही की मौत के मामले में आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया। अदालत ने दोषी पर तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। सिविल जज जूनियर डिजीवन कोर्ट संख्या-दो के पीठासीन अधिकारी तुषार जायसवाल ने फैसला सुनाया।
मामला 28 अगस्त 1996 का है। पुरकाजी थाने के भूराहेड़ी चेकपोस्ट पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। उत्तराखंड की ओर से आई जिप्सी ने सिपाही सत्यपाल सिंह को टक्कर मार दी थी। घायल सिपाही की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी जगबीर सिंह पुत्र सूबे सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
आरोपी के खिलाफ धारा 279 व धारा 304 ए में आरोप पत्र दाखिल किया गया। प्रकरण की लंबे समय तक सुनवाई की। बचाव पक्ष ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। आरोपी ने 28 साल बाद जुर्म स्वीकार किया। साथ ही कहा कि वह बीमार और बुजुर्ग है, इस प्रकरण को अब आगे नहीं चलाना चाहता। अदालत ने आरोपी पर दोष सिद्ध किया। आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा के दंड के अलावा धारा 279 में एक हजार और धारा 304 ए में दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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मामला 28 अगस्त 1996 का है। पुरकाजी थाने के भूराहेड़ी चेकपोस्ट पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। उत्तराखंड की ओर से आई जिप्सी ने सिपाही सत्यपाल सिंह को टक्कर मार दी थी। घायल सिपाही की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी जगबीर सिंह पुत्र सूबे सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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आरोपी के खिलाफ धारा 279 व धारा 304 ए में आरोप पत्र दाखिल किया गया। प्रकरण की लंबे समय तक सुनवाई की। बचाव पक्ष ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। आरोपी ने 28 साल बाद जुर्म स्वीकार किया। साथ ही कहा कि वह बीमार और बुजुर्ग है, इस प्रकरण को अब आगे नहीं चलाना चाहता। अदालत ने आरोपी पर दोष सिद्ध किया। आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा के दंड के अलावा धारा 279 में एक हजार और धारा 304 ए में दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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