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प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों को रखने के लिए स्कूलों का जायजा लिया
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खतौली में एडिशनल सेंटर बनाने का स्कूलों का निरीक्षण करते एडीएम।
- फोटो : KHATAULI
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प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों को रखने के लिए स्कूलों का जायजा लिया
खतौली। प्रतिदिन कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन ने आसपास के स्कूलों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। स्कूलों को एडिशनल एल-वन व एल-टू सेंटर बनाकर कोरोना के संक्रमित मरीजों को रखकर उनका उपचार किया जा सके।
सोमवार को एडीएम प्रशासन अमित कुमार के साथ जेल अधीक्षक एके सक्सेना खतौली में पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ बुढ़ाना रोड स्थित गोल्डन हार्ड एकेडमी स्कूल की जांच पड़ताल की। इसके अलावा भी आसपास के स्कूलों को देखा और परखा भी जा रहा है। प्रशासन की कसौटी पर जो स्कूल सही निकलेगा, उस स्कूल को एडिशनल एल-वन व एल-टू सेंटर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे लगातार बढ़ रहे मरीजों को उपचार के लिए वहां पर रखा जा सके। एडीएम अमित कुमार ने बताया कि शासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार काम शुरू किया गया है। एडिशनल सेंटर बनाए जाने की योजना है। बेगराजपुर मेडिकल कालेज में अधिकतम 650 मरीज रखे जा सकते है। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है, तब उन्हें दूसरे स्थानों पर रखकर उपचार दिया जाएगा। इसके लिए एडिशनल एल- वन तथा एडिशनल एल-टू सेंटर बनाए जाएंगे। एडिशन एल-वन में मरीजों के खाने पीने के साथ सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाता है। जबकि एडिशनल एल-टू मरीजों की देखभाल अधिक करनी पड़ती है। 60 साल से ऊपर के मरीजों को एल-टू की श्रेणी में रखा गया है। उन्हें ऑक्सीजन आदि की आवश्यकता पड़ती है। एल-टू मरीजों को बेगराजपुर मेडिकल कालेज में ही रखा जाएगा, जिससे उनकी देखभाल की जा सके।
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खतौली। प्रतिदिन कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन ने आसपास के स्कूलों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। स्कूलों को एडिशनल एल-वन व एल-टू सेंटर बनाकर कोरोना के संक्रमित मरीजों को रखकर उनका उपचार किया जा सके।
सोमवार को एडीएम प्रशासन अमित कुमार के साथ जेल अधीक्षक एके सक्सेना खतौली में पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ बुढ़ाना रोड स्थित गोल्डन हार्ड एकेडमी स्कूल की जांच पड़ताल की। इसके अलावा भी आसपास के स्कूलों को देखा और परखा भी जा रहा है। प्रशासन की कसौटी पर जो स्कूल सही निकलेगा, उस स्कूल को एडिशनल एल-वन व एल-टू सेंटर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे लगातार बढ़ रहे मरीजों को उपचार के लिए वहां पर रखा जा सके। एडीएम अमित कुमार ने बताया कि शासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार काम शुरू किया गया है। एडिशनल सेंटर बनाए जाने की योजना है। बेगराजपुर मेडिकल कालेज में अधिकतम 650 मरीज रखे जा सकते है। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है, तब उन्हें दूसरे स्थानों पर रखकर उपचार दिया जाएगा। इसके लिए एडिशनल एल- वन तथा एडिशनल एल-टू सेंटर बनाए जाएंगे। एडिशन एल-वन में मरीजों के खाने पीने के साथ सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाता है। जबकि एडिशनल एल-टू मरीजों की देखभाल अधिक करनी पड़ती है। 60 साल से ऊपर के मरीजों को एल-टू की श्रेणी में रखा गया है। उन्हें ऑक्सीजन आदि की आवश्यकता पड़ती है। एल-टू मरीजों को बेगराजपुर मेडिकल कालेज में ही रखा जाएगा, जिससे उनकी देखभाल की जा सके।
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