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गौड़ीय मठ का प्रकरण:-मठ संचालक और शिष्य पर आरोप तय
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मुजफ्फरनगर। गौड़ीय मठ में बच्चों का यौन उत्पीड़न किए जाने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने मठ संचालक और उसके शिष्य पर आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही मुुकदमे में ट्रायल शुरू हो गया है। अदालत ने साक्ष्य और गवाहों की गवाही के लिए 15 सितंबर की तारीख लगाई है।
चाइल्ड हेल्पलाइन ने जुलाई माह में शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ से दस बच्चों को मुक्त कराया था। बच्चों के बयान और मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने पर मठ संचालक भक्ति भूषण गोविंद और उसके शिष्य कृष्ण मोहनदास के खिलाफ संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मठ संचालक और उसके शिष्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मिजोरम के मामित जिले के छह और त्रिपुरा के नॉर्थ त्रिपुरा जिले के चार बच्चों के साथ गौड़ीय मठ में यौन शोषण होने के मामले में भोपा पुलिस न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संजीव कुमार तिवारी की अदालत में यह मामला है।
विशेष अधिवक्ता पॉक्सो दिनेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में शुक्रवार को तारीख थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने भक्ति भूषण गोविंद और उसके शिष्य कृष्ण मोहनदास पर आरोप तय किए। इसके साथ ही मुकदमे में ट्रायल शुरू हो गया है। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों की गवाही के लिए 15 सितंबर की तारीख नियत की है। आरोप तय के दौरान दोनों आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे।
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त्रिपुरा के बच्चों को साथ ले जाना चाहते हैं परिजन
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ में शोषण का शिकार हुए नॉर्थ त्रिपुरा के बच्चों को अपने साथ ले जाने के लिए परिजन प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। हालंाकि इससे न्यायालय में बच्चों की गवाही बाधित हो सकती है।
नॉर्थ त्रिपुरा के चार बच्चों के परिजनों ने डीएम सेल्वा कुमारी जे को पत्र लिखकर कहा है कि उनके बच्चे गांधी कॉलोनी के बालगृह में रह रहे हैं। वे बच्चों को अपने साथ नॉर्थ त्रिपुरा ले जाना चाहते हैं। जब न्यायालय कहेगा वह गवाही दिलाने के लिए बच्चों को ले आएंगे। दूसरी तरफ न्यायालय में मुकदमे में ट्रायल शुरू हो गया है। ऐसे में बच्चों को साथ लेने का दबाव बनाया जाना न्यायिक प्रक्रिया में देरी कर सकता है। हालाकि प्रशासन ने गवाही के बाद ही बच्चों को भेजने की बात कही है।
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चाइल्ड हेल्पलाइन ने जुलाई माह में शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ से दस बच्चों को मुक्त कराया था। बच्चों के बयान और मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने पर मठ संचालक भक्ति भूषण गोविंद और उसके शिष्य कृष्ण मोहनदास के खिलाफ संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मठ संचालक और उसके शिष्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मिजोरम के मामित जिले के छह और त्रिपुरा के नॉर्थ त्रिपुरा जिले के चार बच्चों के साथ गौड़ीय मठ में यौन शोषण होने के मामले में भोपा पुलिस न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संजीव कुमार तिवारी की अदालत में यह मामला है।
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विशेष अधिवक्ता पॉक्सो दिनेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में शुक्रवार को तारीख थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने भक्ति भूषण गोविंद और उसके शिष्य कृष्ण मोहनदास पर आरोप तय किए। इसके साथ ही मुकदमे में ट्रायल शुरू हो गया है। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों की गवाही के लिए 15 सितंबर की तारीख नियत की है। आरोप तय के दौरान दोनों आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे।
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त्रिपुरा के बच्चों को साथ ले जाना चाहते हैं परिजन
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ में शोषण का शिकार हुए नॉर्थ त्रिपुरा के बच्चों को अपने साथ ले जाने के लिए परिजन प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। हालंाकि इससे न्यायालय में बच्चों की गवाही बाधित हो सकती है।
नॉर्थ त्रिपुरा के चार बच्चों के परिजनों ने डीएम सेल्वा कुमारी जे को पत्र लिखकर कहा है कि उनके बच्चे गांधी कॉलोनी के बालगृह में रह रहे हैं। वे बच्चों को अपने साथ नॉर्थ त्रिपुरा ले जाना चाहते हैं। जब न्यायालय कहेगा वह गवाही दिलाने के लिए बच्चों को ले आएंगे। दूसरी तरफ न्यायालय में मुकदमे में ट्रायल शुरू हो गया है। ऐसे में बच्चों को साथ लेने का दबाव बनाया जाना न्यायिक प्रक्रिया में देरी कर सकता है। हालाकि प्रशासन ने गवाही के बाद ही बच्चों को भेजने की बात कही है।