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आधार से लिंक नहीं खाता अब रुपयों के लिए काट रहे चक्कर
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आधार से लिंक नहीं खाता अब रुपयों के लिए काट रहे चक्कर
मुजफ्फरनगर। बैंक खाते से आधार लिंक नहीं होने पर किसानों का धान का पैसा लटक रहा है। परेशान किसानों को अफसरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एक आधार का कई खातों से लिंक होने पर भी यहीं स्थिति बनी है।
जिले में धान खरीद नौ क्रय केंद्रों पर हो रही है। प्रदेश सरकार किसानों को धान का मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है। जिले के अब तक 594 किसान धान क्रय केंद्रों पर फसल बेच चुके हैं। इन किसानों ने चार करोड़ 31 लाख 77 हजार का धान डाला है। विभाग अब तक तीन करोड़ 50 लाख 10 हजार का यानी 81.76 प्रतिशत भुगतान कर चुका है। विभाग 48 घंटे में भुगतान का दावा कर रहा है। बावजूद इसके काफी किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। रोहाना के किसान राममोहन ने बताया कि जब एक माह तक उनका पैसा नहीं आया तो उन्होंने संपर्क किया। तब उन्हें बताया गया कि उनका खाता आधार से लिंक नहीं है। आधार से लिंक होने के दो दिन बाद उसका पैसा आया है। उन्हें इस बीच परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे भी कई किसान है जिनका आधार दो खातों से लिंक है, उन्हें भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह का कहना है कि खाते का आधार से लिंक नहीं होने पर ही किसानों के सामने समस्या आई है। खाता अपडेट होने के बाद पैसा जारी हो रहा है।
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लक्ष्य के सापेक्ष 62 प्रतिशत हुई खरीद
जिले में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 62 प्रतिशत खरीद हो गई है। जिले में 4200 मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष जनपद में 2225 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है।
जिले में नौ क्रय केंद्र बनाए
जनपद में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र बनाए गए है, इनमें नवीन मंडी स्थल, पुरकाजी, मोरना, जानसठ, चरथावल, खतौली, शेरपुर, सिखरेडा, हुसैनपुर रामराज का धान क्रय केंद्र शामिल हैं।
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मुजफ्फरनगर। बैंक खाते से आधार लिंक नहीं होने पर किसानों का धान का पैसा लटक रहा है। परेशान किसानों को अफसरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एक आधार का कई खातों से लिंक होने पर भी यहीं स्थिति बनी है।
जिले में धान खरीद नौ क्रय केंद्रों पर हो रही है। प्रदेश सरकार किसानों को धान का मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है। जिले के अब तक 594 किसान धान क्रय केंद्रों पर फसल बेच चुके हैं। इन किसानों ने चार करोड़ 31 लाख 77 हजार का धान डाला है। विभाग अब तक तीन करोड़ 50 लाख 10 हजार का यानी 81.76 प्रतिशत भुगतान कर चुका है। विभाग 48 घंटे में भुगतान का दावा कर रहा है। बावजूद इसके काफी किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। रोहाना के किसान राममोहन ने बताया कि जब एक माह तक उनका पैसा नहीं आया तो उन्होंने संपर्क किया। तब उन्हें बताया गया कि उनका खाता आधार से लिंक नहीं है। आधार से लिंक होने के दो दिन बाद उसका पैसा आया है। उन्हें इस बीच परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे भी कई किसान है जिनका आधार दो खातों से लिंक है, उन्हें भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह का कहना है कि खाते का आधार से लिंक नहीं होने पर ही किसानों के सामने समस्या आई है। खाता अपडेट होने के बाद पैसा जारी हो रहा है।
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लक्ष्य के सापेक्ष 62 प्रतिशत हुई खरीद
जिले में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 62 प्रतिशत खरीद हो गई है। जिले में 4200 मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष जनपद में 2225 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है।
जिले में नौ क्रय केंद्र बनाए
जनपद में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र बनाए गए है, इनमें नवीन मंडी स्थल, पुरकाजी, मोरना, जानसठ, चरथावल, खतौली, शेरपुर, सिखरेडा, हुसैनपुर रामराज का धान क्रय केंद्र शामिल हैं।