फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   पहचान खुलने के डर से दादा को मार डाला

पहचान खुलने के डर से दादा को मार डाला

Fri, 05 Dec 2014 05:30 AM IST
Muzaffar nagar
Muzaffar nagar Updated Fri, 05 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
कांधला। पुलिस ने भनेड़ा के उमराव हत्याकांड का खुलासा करते हुए वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपी फरार होने में सफल रहे। पुलिस खुलासे में मृतक का पोता वारदात का सूत्रधार निकला।
विज्ञापन

भनेड़ा निवासी 75 वर्षीय किसान उमराव सिंह 29 नवंबर की रात अपने घेर में सोया था। 30 नवंबर की सुबह उमराव का खून से लथपथ शव घेर से बरामद हुआ था। किसान के चेहरे को बेरहमी से ईंट से पीटा गया था। घेर से एक भैंस भी गायब थी। परिजन पशु चोरी का विरोध करने पर बदमाशों द्वारा किसान की हत्या का शक जता रहे थे। वारदात के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी बाल्लो की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तफतीश शुरू कर दी थी। गुरुवार को थानाध्यक्ष पंकज वर्मा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग पिकअप गाड़ी में चोरी की भैंस लादकर बेचने के लिए जा रहे हैं। पुलिस ने चेकिंग शुरू करते हुए एलम पुलिस चौकी के पास भैंस लदी एक पिकअप को रुकने का इशारा किया। पुलिस पार्टी को देखकर पिकअप चालक ने रफ्तार तेज कर मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए पिकअप सवार गांव भनेड़ा निवासी सोनू, गौरव और सिरसली बागपत निवासी शिवकुमार को दबोच लिया, जबकि दो अन्य मौके से भाग निकले। मौके से पकड़े गए भनेड़ा निवासी सोनू ने बताया कि वह कक्षा नौ का छात्र है। उसने साथियों की मदद से गांव के ही अपने बाबा उमराव की हत्या के बाद भैंस चुराई थी। चोरी की वारदात के दौरान बाबा ने उसे पहचान लिया था। पहचान खुलने के डर से उन्होंने ईंटों से पीट-पीटकर बाबा की हत्या कर दी।
विज्ञापन


ऐश करने के लिए चुराई थी भैंस
कांधला। थानाध्यक्ष ने बताया कि सोनू मृतक का पारिवारिक पौत्र है। सोनू की बहन की शादी बागपत क्षेत्र के गांव सिरसली निवासी फौजी अनिल के साथ हुई थी। बहन की ससुराल से संदीप नाम का एक युवक बीस दिन पूर्व गांव भनेड़ा में आया था। सोनू ने संदीप के साथ मिलकर अपने बाबा उमराव की भैंस चुराने की साजिश रची थी। 29 नवंबर की रात संदीप अपने साथी नीटू और शिवकुमार के साथ भैंस चोरी करने के लिए गाड़ी लेकर भनेड़ा पहुंचा था। उधर, वारदात को अंजाम देने के लिए सोनू भी गांव के ही अपने साथी 11वीं कक्षा के छात्र गौरव के साथ तैयार था। पांचों ने किसान के घेर में घुसने के बाद भैंस को गाड़ी में चढ़ा लिया था, लेकिन इसी बीच उमराव की आंख खुल गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि उमराव ने पशु चोरों के साथ मौजूद सोनू को पहचान लिया था। पहचान खुलने के डर से आरोपियों ने उमराव की ईंटों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने मौके से गिरफ्तार आरोपियों समेत वारदात में शामिल पिकअप गाड़ी और चोरी की भैंस को बरामद कर लिया है। मौके से फरार हुए संदीप और नीटू की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed