{"_id":"49-78681","slug":"Muzaffar-nagar-78681-49","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली-सहारनपुर रूट पर सुरक्षित नहीं रहा रेल का सफर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली-सहारनपुर रूट पर सुरक्षित नहीं रहा रेल का सफर
Muzaffar nagar
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:31 AM IST
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शामली। ट्रेन में रेवाड़ी की युवती के साथ लूटपाट के प्रयास और ट्रेन से धक्का देने की घटना ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।
दिल्ली-सहारनपुर रूट पर चलने वाली ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं कोई नई बात नहीं है, आए दिन ट्रेनों में मारपीट, छेड़खानी और लूटपाट की घटनाएं होती हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में लोग पुलिस फजीहत से बचने को थाने तक ही नहीं जाते और मामले लिखा पढ़ी तक में नहीं आते। पिछले साल ही इस रुट पर दिल्ली से सहारनपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन में बड़ौत से शामली के बीच कई यात्रियों से लूटपाट हुई थी। महिलाओं तक को नहीं बख्शा गया था। शामली, थानाभवन के अलावा बागपत के बड़ौत के निकट भी कई यात्रियों को बदमाशों ने अपना शिकार बनाया था। इनमें से कु छ ही यात्रियों ने शामली जीआरपी थाने तक पहुंचने की हिम्मत जुटाई थी। इसके अलावा दो साल पहले भी ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट की घटना हुई थी। यही नहीं ट्रेनों में सीधे साधे यात्रियों से सीट पर बैठने को लेकर मारपीट तो आम बात है, महिलाओं, युवतियों से छेड़खानी भी कम नहीं होती। चैन पुलिंग तो आम बात है, लेकिन इन तमाम घटनाओं के बावजूद रेलवे पुलिस इन्हें रोकने में नाकाम है। दिवाली-से भैया दूज पर ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रहती है, लेकिन इसके बावजूद ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी। हरिद्वार से अजमेर जाने वाली जिस ट्रेन में यह हादसा हुआ वह ट्रेन हरिद्वार से ही रात करीब आठ बजे चलती है, यानि ट्रेन का सफर पूरी तरह रात का है, इस ट्रेन में दिल्ली -राजस्थान की ओर से कई अच्छे परिवार भी हरिद्वार ऋषिकेश के दर्शन को जाते हैं, लिहाजा इस ट्रेन में रेलवे पुलिस के जवानों की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। रेलवे पुलिस दावे तो बहुत करती है, लेकिन यात्री ट्रेनों का सफर पूरी तरह रामभरोसे ही करते हैं। इस घटना के बाद भी इस रुट पर चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा नाम की कोई चीज नजर नहीं आई।
रिपोर्ट में भी पुलिसिया झोल
शामली। ट्रेन में हुई इस घटना को पुलिस ने भले ही लूट के प्रयास में दर्ज किया है, लेकिन इस घटना में कई सवाल ऐसे हैं जो इस घटना में पुलिसिया खेल की ओर इशारा करते हैं।
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सवाल उठता है कि घायल युवती ने जब मुजफ्फरनगर में अपने साथ लूटपाट होने की जानकारी दी तो फिर जीआरपी ने मामला लूटपाट में दर्ज क्यों नहीं किया। दूसरा सवाल उठता है कि यदि युवती से केवल अभद्रता या बदतमीजी ही हुई होती तो उसे इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया ?ट्रेन से धक्का क्यों दिया गया? संभावना है कि बदमाशों की संख्या एक से भी ज्यादा हो सकती है, और उनका इरादा और यात्रियों को भी निशाना बनाना हो सकता है? युवती से मारपीट और उसकी हड्डी तोड़ने की धारा लगाना तो पुलिस की मजबूरी बन गई थी क्योकि उसकी हालत और डॉक्टरी जांच में यह सब बातें सब कुछ बंया कर रही थी। ं
रेवाड़ी की कंपनी में काम करती है युवती
शामली। ट्रेन में लूटपाट का शिकार हुई युवती मूल रूप से उड़ीस की रहने वाली थी, जो वर्तमान में हरियाणा के रेवाड़ी में अपने परिवार के साथ रहती थी। युवती रेवाड़ी की होलस्टर कंपनी में काम करती थी और इसके साथ सात युवतियों का ग्रुप चार दिन पूर्व हरिद्वार-ऋषिकेश घूमने के लिए आया था और शुक्रवार रात आठ बजे हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार थे। भीड़ अधिक होने के कारण युवतियां अलग-अलग डिब्बों में सवार थी और संभवत: उनकी साथी युवतियों को घटना का पता नहीं चला और वह घटना के बाद ट्रेन से आगे रवाना हो गए। जीआरपी पुलिस के अनुसार युवती अकेली थी और टॉयलेट के लिए गई थी जहां उसके साथ एक युवती से मारपीट और हाथापाई की। उसके साथ लूट का प्रयास हुआ, विरोध करने पर ही युवती के साथ ऐसा किया गया। जिसका मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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दिल्ली-सहारनपुर रूट पर चलने वाली ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं कोई नई बात नहीं है, आए दिन ट्रेनों में मारपीट, छेड़खानी और लूटपाट की घटनाएं होती हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में लोग पुलिस फजीहत से बचने को थाने तक ही नहीं जाते और मामले लिखा पढ़ी तक में नहीं आते। पिछले साल ही इस रुट पर दिल्ली से सहारनपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन में बड़ौत से शामली के बीच कई यात्रियों से लूटपाट हुई थी। महिलाओं तक को नहीं बख्शा गया था। शामली, थानाभवन के अलावा बागपत के बड़ौत के निकट भी कई यात्रियों को बदमाशों ने अपना शिकार बनाया था। इनमें से कु छ ही यात्रियों ने शामली जीआरपी थाने तक पहुंचने की हिम्मत जुटाई थी। इसके अलावा दो साल पहले भी ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट की घटना हुई थी। यही नहीं ट्रेनों में सीधे साधे यात्रियों से सीट पर बैठने को लेकर मारपीट तो आम बात है, महिलाओं, युवतियों से छेड़खानी भी कम नहीं होती। चैन पुलिंग तो आम बात है, लेकिन इन तमाम घटनाओं के बावजूद रेलवे पुलिस इन्हें रोकने में नाकाम है। दिवाली-से भैया दूज पर ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रहती है, लेकिन इसके बावजूद ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी। हरिद्वार से अजमेर जाने वाली जिस ट्रेन में यह हादसा हुआ वह ट्रेन हरिद्वार से ही रात करीब आठ बजे चलती है, यानि ट्रेन का सफर पूरी तरह रात का है, इस ट्रेन में दिल्ली -राजस्थान की ओर से कई अच्छे परिवार भी हरिद्वार ऋषिकेश के दर्शन को जाते हैं, लिहाजा इस ट्रेन में रेलवे पुलिस के जवानों की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। रेलवे पुलिस दावे तो बहुत करती है, लेकिन यात्री ट्रेनों का सफर पूरी तरह रामभरोसे ही करते हैं। इस घटना के बाद भी इस रुट पर चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा नाम की कोई चीज नजर नहीं आई।
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रिपोर्ट में भी पुलिसिया झोल
शामली। ट्रेन में हुई इस घटना को पुलिस ने भले ही लूट के प्रयास में दर्ज किया है, लेकिन इस घटना में कई सवाल ऐसे हैं जो इस घटना में पुलिसिया खेल की ओर इशारा करते हैं।
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सवाल उठता है कि घायल युवती ने जब मुजफ्फरनगर में अपने साथ लूटपाट होने की जानकारी दी तो फिर जीआरपी ने मामला लूटपाट में दर्ज क्यों नहीं किया। दूसरा सवाल उठता है कि यदि युवती से केवल अभद्रता या बदतमीजी ही हुई होती तो उसे इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया ?ट्रेन से धक्का क्यों दिया गया? संभावना है कि बदमाशों की संख्या एक से भी ज्यादा हो सकती है, और उनका इरादा और यात्रियों को भी निशाना बनाना हो सकता है? युवती से मारपीट और उसकी हड्डी तोड़ने की धारा लगाना तो पुलिस की मजबूरी बन गई थी क्योकि उसकी हालत और डॉक्टरी जांच में यह सब बातें सब कुछ बंया कर रही थी। ं
रेवाड़ी की कंपनी में काम करती है युवती
शामली। ट्रेन में लूटपाट का शिकार हुई युवती मूल रूप से उड़ीस की रहने वाली थी, जो वर्तमान में हरियाणा के रेवाड़ी में अपने परिवार के साथ रहती थी। युवती रेवाड़ी की होलस्टर कंपनी में काम करती थी और इसके साथ सात युवतियों का ग्रुप चार दिन पूर्व हरिद्वार-ऋषिकेश घूमने के लिए आया था और शुक्रवार रात आठ बजे हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार थे। भीड़ अधिक होने के कारण युवतियां अलग-अलग डिब्बों में सवार थी और संभवत: उनकी साथी युवतियों को घटना का पता नहीं चला और वह घटना के बाद ट्रेन से आगे रवाना हो गए। जीआरपी पुलिस के अनुसार युवती अकेली थी और टॉयलेट के लिए गई थी जहां उसके साथ एक युवती से मारपीट और हाथापाई की। उसके साथ लूट का प्रयास हुआ, विरोध करने पर ही युवती के साथ ऐसा किया गया। जिसका मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।