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प्राचार्य के निलंबन पर बखेड़ा
Muzaffar nagar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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शामली। आरकेपीजी कालेज में प्राचार्य को निलंबित कर प्रबंध समिति सचिव ने वरिष्ठ प्रवक्ता को चार्ज दे दिया, जिस पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हाथापाई और अभद्रता के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर बमुश्किल मामला शांत किया।
शुक्रवार सुबह कॉलेज की प्रबंध समिति के सचिव वेदसिंह ने अनियमितताओं और अनुशासनहीनता के आरोप में प्राचार्य डॉ. एमएस काकरान को निलंबित कर दिया। इस बाबत नोटिस भी प्राचार्य कक्ष के बाहर चस्पा कर दिया गया। इसके बाद सचिव ने कुछ लोगों के साथ प्राचार्य कक्ष में पहुंचकर वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह को प्राचार्य का चार्ज दे दिया। इसकी जानकारी मिलने पर डॉ. काकरान प्राचार्य कक्ष में पहुंचे, जहां विरोध स्वरूप दोनों पक्षों में गाली-गलौज और हाथापाई हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस कॉलेज में पहुंची और दोनों पक्षों को बमुश्किल शांत किया। इसके कुछ देर बाद ही सचिव वेद सिंह ने तहरीर देकर प्राचार्य डॉ. काकरान पर कॉलेज में बाहरी तत्वों को बुलाकर प्रवक्ताओं से धक्का-मुक्की करने तथा धमकी देने की शिकायत की। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्राचार्य पक्ष के छह लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसके बाद प्राचार्य डॉ. काकरान ने भी तहरीर देकर सचिव वेद सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर देकर कार्य में बाधा डालने और प्राचार्य कक्ष की अलमारी पर जबरन ताला लगाने का आरोप लगाया। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर पर मामले की जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। दोनों पक्षों को उच्चाधिकारियों के माध्यम से विधिक रूप से विवाद निपटाने को कहा गया है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई
कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव वेद सिंह ने बताया कि पिछले दिनों हुए शिक्षकों के वेतन बिल प्रकरण में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में डॉ. एमएस काकरान को प्राचार्य पद से निलंबित किया गया है। इस बाबत नोटिस चस्पा करने के बावजूद डॉ. काकरान जबरन कार्यालय में जाकर प्राचार्य की कुर्सी पर बैठ गए और कॉलेज प्रवक्ताओं को बाहरी तत्वों को बुलाकर धमकाया।
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सचिव को निलंबन का अधिकार नहीं
कॉलेज प्राचार्य डॉ. काकरान का कहना है कि वे सुबह 11 बजे अपने कार्यालय में बैठे थे। उसी समय सचिव बाहरी व्यक्तियों के साथ आए और उनके साथ बदतमीजी कर अवैधानिक रूप से उन्हें प्राचार्य पद से मुक्त करने की असफल चेष्टा की। उन्हें निलंबित करने को लेकर प्रबंध समिति की कोई बैठक नहीं हुई, ऐसे में सचिव को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है।
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शुक्रवार सुबह कॉलेज की प्रबंध समिति के सचिव वेदसिंह ने अनियमितताओं और अनुशासनहीनता के आरोप में प्राचार्य डॉ. एमएस काकरान को निलंबित कर दिया। इस बाबत नोटिस भी प्राचार्य कक्ष के बाहर चस्पा कर दिया गया। इसके बाद सचिव ने कुछ लोगों के साथ प्राचार्य कक्ष में पहुंचकर वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह को प्राचार्य का चार्ज दे दिया। इसकी जानकारी मिलने पर डॉ. काकरान प्राचार्य कक्ष में पहुंचे, जहां विरोध स्वरूप दोनों पक्षों में गाली-गलौज और हाथापाई हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस कॉलेज में पहुंची और दोनों पक्षों को बमुश्किल शांत किया। इसके कुछ देर बाद ही सचिव वेद सिंह ने तहरीर देकर प्राचार्य डॉ. काकरान पर कॉलेज में बाहरी तत्वों को बुलाकर प्रवक्ताओं से धक्का-मुक्की करने तथा धमकी देने की शिकायत की। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्राचार्य पक्ष के छह लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसके बाद प्राचार्य डॉ. काकरान ने भी तहरीर देकर सचिव वेद सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर देकर कार्य में बाधा डालने और प्राचार्य कक्ष की अलमारी पर जबरन ताला लगाने का आरोप लगाया। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर पर मामले की जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। दोनों पक्षों को उच्चाधिकारियों के माध्यम से विधिक रूप से विवाद निपटाने को कहा गया है।
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उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई
कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव वेद सिंह ने बताया कि पिछले दिनों हुए शिक्षकों के वेतन बिल प्रकरण में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में डॉ. एमएस काकरान को प्राचार्य पद से निलंबित किया गया है। इस बाबत नोटिस चस्पा करने के बावजूद डॉ. काकरान जबरन कार्यालय में जाकर प्राचार्य की कुर्सी पर बैठ गए और कॉलेज प्रवक्ताओं को बाहरी तत्वों को बुलाकर धमकाया।
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सचिव को निलंबन का अधिकार नहीं
कॉलेज प्राचार्य डॉ. काकरान का कहना है कि वे सुबह 11 बजे अपने कार्यालय में बैठे थे। उसी समय सचिव बाहरी व्यक्तियों के साथ आए और उनके साथ बदतमीजी कर अवैधानिक रूप से उन्हें प्राचार्य पद से मुक्त करने की असफल चेष्टा की। उन्हें निलंबित करने को लेकर प्रबंध समिति की कोई बैठक नहीं हुई, ऐसे में सचिव को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है।