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जन्मकल्याणक महोत्सव पर भव्य पालकी यात्रा निकाली
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देवबंद (सहारनपुर)। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2618वां जन्मकल्याणक महोत्सव जैन समाज द्वारा धूमधाम से मनाया गया। इस उपलक्ष्य में बुधवार को जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के बाद नगर में भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर द्वारा दिखाए अहिंसा के मार्ग पर चलकर उनकी जीयो और जीने दो की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्री दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा, मंदिर नेचलगढ़, कानूनगोयान और जैन मंदिर बाहरा में सुबह के समय नित्य नियम पूजन, श्री जी का अभिषेक एवं भगवान महावीर की विशेष पूजा अर्चना की गई। जैन समाज द्वारा पालकी यात्रा निकालकर भगवान महावीर के संदेशों को घर-घर पहुंचाने का प्रयास किया गया। पालकी यात्रा श्री दिगंबर जैन सरागवाडा मंदिर से प्रारंभ होकर मित्रसेन चौक, हनुमान चौक, सराफा बाजार, मेन बाजार व एमबीडी चौक होते हुए श्री दिगंबर जैन मंदिर नेचलगढ़ में पहुंची। जहां पर इंद्रों द्वारा भगवान महावीर का सहस्त्र कलशों से अभिषेक किया गया। रात्रि में चारों मंदिरों में महाआरती का आयोजन किया गया। पालकी यात्रा से पूर्व मंदिर जी श्री दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में हुई बोलियों में भगवान का ख्वासी बनने का सौभाग्य महेश चंद जैन व रजनीश जैन और खजांची बनने का सौभाग्य नमन कुमार जैन, संजीव कुमार जैन और रजत कुमार जैन को प्राप्त हुआ। जबकि दायीं और बायीं ओर इन्द्र बनने का सौभाग्य योगेश चंद, विजेंद्र जैन और अजय जैन को प्राप्त हुआ। संत आचार्य प्रदीप शास्त्री पीयूष ने बताया कि भगवान महावीर का जन्म 2618 वर्ष पूर्व मां त्रिशाला के गर्भ से कुंडलपुर ग्राम में हुआ था। उन्होंने बताया कि उस समय सृष्टि पर हिंसा एवं राग द्वेष का बोल बाला था। जिसके बाद भगवान महावीर ने लोगों को अहिंसा के मार्ग पर चलकर अपना जीवन व्यतीत करने की शिक्षा दी। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान महावीर के दिए संदेश जीयो और जीने दो को अपने जीवन में अपनाने की शिक्षा दी। पालकी यात्रा में समिति अध्यक्ष अखिलेश जैन, मुनेश जैन, संगीता जैन, रीता जैन, नितिका जैन, शिल्पी जैन, अंजलि जैन, पायल जैन, विकास जैन, ऋषभ जैन, अंशु जैन, प्रांशु जैन, मुनीश जैन, मोनिका जैन, विकास जैन, अजय जैन, अतुल जैन, सुधीर जैन, सुरेश जैन, अंकित जैन, राकेश जैन, बिजेन्द्र जैन, अनिल जैन आदि रहे।
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श्री दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा, मंदिर नेचलगढ़, कानूनगोयान और जैन मंदिर बाहरा में सुबह के समय नित्य नियम पूजन, श्री जी का अभिषेक एवं भगवान महावीर की विशेष पूजा अर्चना की गई। जैन समाज द्वारा पालकी यात्रा निकालकर भगवान महावीर के संदेशों को घर-घर पहुंचाने का प्रयास किया गया। पालकी यात्रा श्री दिगंबर जैन सरागवाडा मंदिर से प्रारंभ होकर मित्रसेन चौक, हनुमान चौक, सराफा बाजार, मेन बाजार व एमबीडी चौक होते हुए श्री दिगंबर जैन मंदिर नेचलगढ़ में पहुंची। जहां पर इंद्रों द्वारा भगवान महावीर का सहस्त्र कलशों से अभिषेक किया गया। रात्रि में चारों मंदिरों में महाआरती का आयोजन किया गया। पालकी यात्रा से पूर्व मंदिर जी श्री दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में हुई बोलियों में भगवान का ख्वासी बनने का सौभाग्य महेश चंद जैन व रजनीश जैन और खजांची बनने का सौभाग्य नमन कुमार जैन, संजीव कुमार जैन और रजत कुमार जैन को प्राप्त हुआ। जबकि दायीं और बायीं ओर इन्द्र बनने का सौभाग्य योगेश चंद, विजेंद्र जैन और अजय जैन को प्राप्त हुआ। संत आचार्य प्रदीप शास्त्री पीयूष ने बताया कि भगवान महावीर का जन्म 2618 वर्ष पूर्व मां त्रिशाला के गर्भ से कुंडलपुर ग्राम में हुआ था। उन्होंने बताया कि उस समय सृष्टि पर हिंसा एवं राग द्वेष का बोल बाला था। जिसके बाद भगवान महावीर ने लोगों को अहिंसा के मार्ग पर चलकर अपना जीवन व्यतीत करने की शिक्षा दी। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान महावीर के दिए संदेश जीयो और जीने दो को अपने जीवन में अपनाने की शिक्षा दी। पालकी यात्रा में समिति अध्यक्ष अखिलेश जैन, मुनेश जैन, संगीता जैन, रीता जैन, नितिका जैन, शिल्पी जैन, अंजलि जैन, पायल जैन, विकास जैन, ऋषभ जैन, अंशु जैन, प्रांशु जैन, मुनीश जैन, मोनिका जैन, विकास जैन, अजय जैन, अतुल जैन, सुधीर जैन, सुरेश जैन, अंकित जैन, राकेश जैन, बिजेन्द्र जैन, अनिल जैन आदि रहे।
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