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सोमवार को शीतलहर से कांपे लोग
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:54 AM IST
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शीतलहर और कोहरे ने जिंदगी की रफ्तार थामी
मुजफ्फरनगर।
शीतलहर और कोहरे का प्रकोप सोमवार को भी जारी रहा। न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह के समय घना कोहरा छाने के कारण दिन में 10 बजे तक अंधेरे जैसी स्थिति रही। आमने-सामने के वाहन भी दिखाई नहीं दिए। शीतलहर और ठंड के चलते सोमवार को जनजीवन थम गया। वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया। दिन में भी चालक काफी धीमी गति से वाहन चला रहे थे। सूरज निकला, लेकिन ठंड के सामने सूरज की गर्मी बेअसर ही रही।
सोमवार को भी ठंड अपने पूरे पीक पर रही। शीतलहर के चलते आम आदमी कांपता दिखाई दिया। ठंड इतनी अधिक थी कि आम जनमानस पूरी तरह प्रभावित हो गया। ठंड के साथ सुबह के समय आए घने कोहरे ने मानो जिंदगी थाम सी दी। सुबह पांच बजे से दिन में 10 बजे तक इतना घना कोहरा छाया कि चारों ओर अंधेरा सा दिखाई दिया। सड़कों पर हालात ये थे कि सामने के वाहनों की लाइट भी दिखाई नहीं दी, जिन लोगों को सुबह के समय अपने काम से जाना था, उनके सामने समस्या पैदा हुई। सड़कों पर सुबह का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहन चलाना तो अलग बात सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल रहा। दिन में सूरज तो निकला, लेकिन ठंड के सामने सूर्य देवता की गर्मी भी बेअसर ही दिखाई दी। मौसम में ठंड इतनी अधिक थी कि शाम को तीन बजे के बाद ही लोग ठंड में कांपते नजर आए। सोमवार को दिन में ठंड का असर साफ दिखाई दिया। न्यूनतम तापमान यहां 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम में आर्द्रता 100 प्रतिशत रही। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण लोग अपने घरों में ही कैद रहे। स्कूलों में छुट्टी होने के कारण बच्चों ने घरों में ही धमाचौकड़ी मचाई। ठंड का पशु-पक्षियों पर भी सीधा असर दिखाई दिया।
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मुजफ्फरनगर।
शीतलहर और कोहरे का प्रकोप सोमवार को भी जारी रहा। न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह के समय घना कोहरा छाने के कारण दिन में 10 बजे तक अंधेरे जैसी स्थिति रही। आमने-सामने के वाहन भी दिखाई नहीं दिए। शीतलहर और ठंड के चलते सोमवार को जनजीवन थम गया। वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया। दिन में भी चालक काफी धीमी गति से वाहन चला रहे थे। सूरज निकला, लेकिन ठंड के सामने सूरज की गर्मी बेअसर ही रही।
सोमवार को भी ठंड अपने पूरे पीक पर रही। शीतलहर के चलते आम आदमी कांपता दिखाई दिया। ठंड इतनी अधिक थी कि आम जनमानस पूरी तरह प्रभावित हो गया। ठंड के साथ सुबह के समय आए घने कोहरे ने मानो जिंदगी थाम सी दी। सुबह पांच बजे से दिन में 10 बजे तक इतना घना कोहरा छाया कि चारों ओर अंधेरा सा दिखाई दिया। सड़कों पर हालात ये थे कि सामने के वाहनों की लाइट भी दिखाई नहीं दी, जिन लोगों को सुबह के समय अपने काम से जाना था, उनके सामने समस्या पैदा हुई। सड़कों पर सुबह का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहन चलाना तो अलग बात सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल रहा। दिन में सूरज तो निकला, लेकिन ठंड के सामने सूर्य देवता की गर्मी भी बेअसर ही दिखाई दी। मौसम में ठंड इतनी अधिक थी कि शाम को तीन बजे के बाद ही लोग ठंड में कांपते नजर आए। सोमवार को दिन में ठंड का असर साफ दिखाई दिया। न्यूनतम तापमान यहां 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम में आर्द्रता 100 प्रतिशत रही। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण लोग अपने घरों में ही कैद रहे। स्कूलों में छुट्टी होने के कारण बच्चों ने घरों में ही धमाचौकड़ी मचाई। ठंड का पशु-पक्षियों पर भी सीधा असर दिखाई दिया।
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