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हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:51 AM IST
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हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
मुजफ्फरनगर। अपर जिला जज की अदालत ने हत्यारे को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी पर युवक को घर से बुलाकर हत्या करने का आरोप था।
थाना नई मंडी के पचेंडा निवासी सुखबीर सिंह पुत्र बुध सिंह निवासी ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 18/19 अक्तूबर 2013 की रात को उसके 28 वर्षीय पुत्र नितीश को सतवीर उर्फ सत्ता घर से बुलाकर ले गया था। नितीश की ईटों से कुचलकर हत्या कर दी गई थी, जिसकी लाश नसीरपुर के जंगल से बरामद की गई थी। इस मुकदमे में सतवीर उर्फ सत्ते को आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद राय की अदालत संख्या-10 में हुई। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजकुमार त्यागी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सबूतों के साथ गवाहों के बयान पर गौर करते हुए अभियुक्त सतवीर उर्फ सत्ते को हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट ने धारा 302 के तहत सतवीर को आजीवन कारावास के साथ 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्त जेल में बंद है, जो अन्य मुकदमे में दुष्कर्म की सजा भुगत रहा है।
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मुजफ्फरनगर। अपर जिला जज की अदालत ने हत्यारे को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी पर युवक को घर से बुलाकर हत्या करने का आरोप था।
थाना नई मंडी के पचेंडा निवासी सुखबीर सिंह पुत्र बुध सिंह निवासी ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 18/19 अक्तूबर 2013 की रात को उसके 28 वर्षीय पुत्र नितीश को सतवीर उर्फ सत्ता घर से बुलाकर ले गया था। नितीश की ईटों से कुचलकर हत्या कर दी गई थी, जिसकी लाश नसीरपुर के जंगल से बरामद की गई थी। इस मुकदमे में सतवीर उर्फ सत्ते को आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद राय की अदालत संख्या-10 में हुई। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजकुमार त्यागी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सबूतों के साथ गवाहों के बयान पर गौर करते हुए अभियुक्त सतवीर उर्फ सत्ते को हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट ने धारा 302 के तहत सतवीर को आजीवन कारावास के साथ 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्त जेल में बंद है, जो अन्य मुकदमे में दुष्कर्म की सजा भुगत रहा है।
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