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धरती पर पाप बढने पर भगवान अवतार लेते हैं
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:28 AM IST
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धरती पर पाप बढ़ने पर भगवान अवतार लेते हैं
जानसठ (मुजफ्फरनगर) । श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक सत्यानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म और लीला का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ता है, उसका अंत करने के लिए धरती पर भगवान अवतार लेते हैं। जब कंस ने श्रीकृष्ण भगवान को मारने के लिए पूतना को भेजा, तो पूतना द्वारा कृष्ण को विषैला दूध पान कराया। हालांकि श्रीकृष्ण ने पूतना का भी उद्धार कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुल को छोड़कर यमुना तट पर वृंदावन धाम को बसा दिया। कथा के आयोजन में बृजेश रस्तोगी, सुरेंद्र बंसल, मूलचंद सैनी, पवन गुप्ता, सतीश खटीक, महेश चंद शर्मा, राकेश मिर्गान, राजीव गुप्ता, राजा कर्ण लाल, जगत सिंह सैनी, गौरव भटनागर, प्रदीप सिंघल, राजेश सिंघानिया, जनक ठाकुर आदि का सहयोग रहा।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर) । श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक सत्यानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म और लीला का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ता है, उसका अंत करने के लिए धरती पर भगवान अवतार लेते हैं। जब कंस ने श्रीकृष्ण भगवान को मारने के लिए पूतना को भेजा, तो पूतना द्वारा कृष्ण को विषैला दूध पान कराया। हालांकि श्रीकृष्ण ने पूतना का भी उद्धार कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुल को छोड़कर यमुना तट पर वृंदावन धाम को बसा दिया। कथा के आयोजन में बृजेश रस्तोगी, सुरेंद्र बंसल, मूलचंद सैनी, पवन गुप्ता, सतीश खटीक, महेश चंद शर्मा, राकेश मिर्गान, राजीव गुप्ता, राजा कर्ण लाल, जगत सिंह सैनी, गौरव भटनागर, प्रदीप सिंघल, राजेश सिंघानिया, जनक ठाकुर आदि का सहयोग रहा।