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श्रेष्ठ संस्कारों का होना आवश्यक: प्रवेश
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:03 AM IST
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श्रेष्ठ संस्कारों का होना आवश्यक: प्रवेश
मोरना। महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज में बहन प्रवेश ने कहा कि जीवन को सफल बनाने के लिए श्रेष्ठ संस्कारों का होना आवश्यक है, जिसके लिए खान-पान की शुद्धि से बुद्धि की शुद्धि होती है और मन को एकाग्र करने में सरलता आती है। मन की एकाग्रता हमें विकास की ओर ले जाती है।
ब्रह्कुमारी ओम शांति सेंटर शुक्रताल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज मानव अपनी संस्कृति को नजरअंदाज कर पश्चिम सभ्यता के पीछे भागने से वह पतन की ओर जा रहा है, जिसे हमें रोकना होगा। क्योंकि युवा अगर गलत संगत की ओर जाता है तो, उस देश और समाज का विनाश तय है। उन्होंने प्रतिदिन योग करने पर बल दिया। इस मौके पर प्रबंधक वरुण सहरावत, प्रधानाचार्य फूलचंद, उमाकांत तिवारी, रेशुका, शालिनी, कवंरपाल, योगेश, राजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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मोरना। महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज में बहन प्रवेश ने कहा कि जीवन को सफल बनाने के लिए श्रेष्ठ संस्कारों का होना आवश्यक है, जिसके लिए खान-पान की शुद्धि से बुद्धि की शुद्धि होती है और मन को एकाग्र करने में सरलता आती है। मन की एकाग्रता हमें विकास की ओर ले जाती है।
ब्रह्कुमारी ओम शांति सेंटर शुक्रताल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज मानव अपनी संस्कृति को नजरअंदाज कर पश्चिम सभ्यता के पीछे भागने से वह पतन की ओर जा रहा है, जिसे हमें रोकना होगा। क्योंकि युवा अगर गलत संगत की ओर जाता है तो, उस देश और समाज का विनाश तय है। उन्होंने प्रतिदिन योग करने पर बल दिया। इस मौके पर प्रबंधक वरुण सहरावत, प्रधानाचार्य फूलचंद, उमाकांत तिवारी, रेशुका, शालिनी, कवंरपाल, योगेश, राजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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