फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   जीएसटी से ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी ठंडा

जीएसटी से ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी ठंडा

Wed, 05 Jul 2017 12:28 AM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
जीएसटी से ट्रांसपोर्ट  का कारोबार भी ठंडा
बिना टिन नंबर नहीं भेज रहे माल
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। एक जुलाई से लागू हुए नए कर कानून से बाजार प्रभावित हो गया है। व्यापार की चाल बिगड़ने के साथ ही ट्रांसपोर्ट कार्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ गया है। व्यापारियों ने जीएसटी के टिन नंबर के बिना माल को ट्रांसपोर्ट पर भेजने से हाथ खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते ट्रांसपोर्टरों की दुकानों पर तालाबंदी हो गई है।
एक जुलाई से एक देश-एक टैक्स का नियम लागू हो गया है। जीएसटी में टैक्स की चार स्टेज रखी गई हैं। जिनमें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत है। यह दरें अलग-अलग वस्तुओं पर लागू की गई है। व्यापारियों के सामने बड़ी दुविधा यह है कि बिना जीएसटी नंबर के कारोबार संभव नहीं है। वाणिज्यकर विभाग व्यापारियों को जीएसटी में माइग्रेट कर रहा है। हालांकि जो व्यापारी जीएसटी का टेंप्रेरी रेफेंस नंबर भी नहीं ले सका है, उसको कारोबार में परेशानी खड़ी हो गई है। व्यापारियों के जीएसटी के फेर में फंसने के कारण ट्रांसपोर्ट का भी कारोबार ठप हो गया है। व्यापारी बिना जीएसटी नंबर के न तो माल ले रहे हैं और न ही बाहर भेज रहे हैं। नतीजतन एक तरह से ट्रांसपोर्ट कारोबार पर तालाबंदी हो गई है। जीएसटी नंबर के बिना फिलहाल किराना व्यापारी तो कारोबार कर रहे हैं, लेकिन बड़े किराना व्यापारियों को भी जीएसटी में माइग्रेट किया जाएगा। सबसे अहम यह कि ट्रांसपोर्ट से माल की आवाजाही पर व्यापारियों ने ब्रेक टैक्स के कारण लगाया है, क्योंकि जिस कारोबारी के पास जीएसटी नंबर नहीं है, यदि वह माल भेजता है तो इस पर ट्रांसपोर्ट सीएसटी का 2.5 प्रतिशत, एएसटी का 2.5 प्रतिशत चार्ज वसूलेगा। ऐसे में माल की कीमत पर भी प्रभाव पड़ेगा, जबकि ट्रांसपोर्ट और व्यापारी के पास जीएसटी नंबर है तो अतिरिक्त का कोई टैक्स लागू नहीं होगा। न्यू कश्मीर ट्रांसपोर्ट कंपनी के स्वामी लवी चावला ने बताया कि जीएसटी लगने के कारण कारोबार पर विपरीत प्रभाव पड़ गया है। बिना जीएसटी नंबर के व्यापारियों ने माल की आवाजाही पर ब्रेक लगा दिया है, जिसके चलते एक जुलाई से जिले में ट्रांसपोर्टरों की दुकानों पर तालाबंदी पड़ी है। कारोबार करने में जीएसटी के नियम आड़े आ गए हैं।
विज्ञापन

कपड़े की भी बहुतायत में सप्लाई
मुजफ्फरनगर। जिले में कपड़े की सप्लाई अधिक होती है। यहां से कपड़ा सूरज, गुजरात के अलावा अहमदाबाद आदि क्षेत्रों से आता भी है और भिजवाया भी जाता है। वहीं, गारमेंट्स का भी इसी प्रकार लेन-देन है। जिले में प्रतिदिन ट्रांसपोर्ट के माध्यम से लोहा, कपड़ा, किराना आदि का करीब 50 लाख से अधिक का माल ट्रकों, मिनी ट्रकों के माध्यम से भिजवाया जाता है, जो जीएसटी लगने के बाद पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रांसपोर्ट भी होंगे जीएसटी में माइग्रेट
मुजफ्फरनगर। अब तक ट्रांसपोर्टरों के पास सर्विस नंबर होता था, जो अब जीएसटी नंबर में तब्दील होगा। इसको लेकर भी ट्रांसपोर्ट जीएसटी नंबर लेने में लगे है। कारोबारियों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed