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बुखार हो तो मलेरिया की जांच कराएं
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मलेरिया दिवस आज: बुखार हो तो मलेरिया की जांच कराएं
मुजफ्फरनगर। ठंड लगकर बुखार आना, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण हैं तो मलेरिया की जांच जरूर कराएं। गर्मी के सीजन में मच्छरों के प्रकोप से मलेरिया खूब फलता-फूलता है। लापरवाही पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। जनपद में भी मलेरिया को लेकर कई हाईरिस्क क्षेत्र हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका की टीम सक्रिय हो गई है और मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव के साथ फॉगिंग भी शुरू करा दी गई है।
गर्मियां शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग के लिए मलेरिया की रोकथाम करना सबसे बड़ा काम है। जिले में सोलानी और गंगा खादर के क्षेत्र की करीब 60 हजार की आबादी मलेरिया के लिहाज से संवेदनशील है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी मलेरिया हर साल अपना असर दिखाता है। इससे निपटने के लिए जिला स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका की समन्वय समिति गठित की है। यह समिति मलेरिया की रोकथाम के लिए काम करेगी। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि नगर पालिका जिन क्षेत्रों में फागिंग करेगी, मलेरिया विभाग उनमें सुबह के समय एंटी लार्वा का झिड़काव करेगा। इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर जागरूकता रैली निकाली जाएगी।
पिछले वर्ष मिले थे 199 मलेरिया केस
मौसम बदल रहा है। इसलिए इन दिनों ज्यादा केस सामने आने की संभावना है। हालांकि अभी तक दो ही मलेरिया केस जिले में मिले हैं। 2017 में 867 केस मिले थे, जबकि 2018 में इनकी संख्या 199 थी। अब तक लगभग 3513 रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं हैं।
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मादा एनोफिलीज मच्छर से फैलता है मलेरिया
मलेरिया मच्छरों के कारण फैलने वाली बीमारी है। प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम नामक कीटाणु मादा एनोफिलीज मच्छर के माध्यम से फैलते हैं। ठहरे और गंदे पानी में पनपने वाले ये मच्छर इस बीमारी के वाहक हैं।
मलेरिया के लक्षण
मलेरिया के शुरूआती दौर में सर्दी-जुकाम या पेट में गड़बड़ी जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। सिर, शरीर और जोड़ों में दर्द, ठंड लगकर बुख़ार आना, नब्ज तेज हो जाना, उबकाई, उल्टी या दस्त होना आदि लक्षण मलेरिया के हो सकते हैं। इस तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत मलेरिया की जांच कराएं। लापरवाही पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
मच्छरों को न पनपने दें
मच्छर मलेरिया के वाहक होते हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जलभराव न होने दें। नालियों में समय-समय पर मिट्टी का तेल या प्रयोग हुआ मोबिल ऑयल डाल दें। पूरी तरह ढके हुए कपड़े पहनें जिससे मच्छर हाथों और पैरों पर काट न सकें। मच्छरदानी का प्रयोग करें या मच्छरों से बचाव के लिए अन्य उपाय अपनाएं।
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मुजफ्फरनगर। ठंड लगकर बुखार आना, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण हैं तो मलेरिया की जांच जरूर कराएं। गर्मी के सीजन में मच्छरों के प्रकोप से मलेरिया खूब फलता-फूलता है। लापरवाही पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। जनपद में भी मलेरिया को लेकर कई हाईरिस्क क्षेत्र हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका की टीम सक्रिय हो गई है और मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव के साथ फॉगिंग भी शुरू करा दी गई है।
गर्मियां शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग के लिए मलेरिया की रोकथाम करना सबसे बड़ा काम है। जिले में सोलानी और गंगा खादर के क्षेत्र की करीब 60 हजार की आबादी मलेरिया के लिहाज से संवेदनशील है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी मलेरिया हर साल अपना असर दिखाता है। इससे निपटने के लिए जिला स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका की समन्वय समिति गठित की है। यह समिति मलेरिया की रोकथाम के लिए काम करेगी। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि नगर पालिका जिन क्षेत्रों में फागिंग करेगी, मलेरिया विभाग उनमें सुबह के समय एंटी लार्वा का झिड़काव करेगा। इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर जागरूकता रैली निकाली जाएगी।
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पिछले वर्ष मिले थे 199 मलेरिया केस
मौसम बदल रहा है। इसलिए इन दिनों ज्यादा केस सामने आने की संभावना है। हालांकि अभी तक दो ही मलेरिया केस जिले में मिले हैं। 2017 में 867 केस मिले थे, जबकि 2018 में इनकी संख्या 199 थी। अब तक लगभग 3513 रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं हैं।
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मादा एनोफिलीज मच्छर से फैलता है मलेरिया
मलेरिया मच्छरों के कारण फैलने वाली बीमारी है। प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम नामक कीटाणु मादा एनोफिलीज मच्छर के माध्यम से फैलते हैं। ठहरे और गंदे पानी में पनपने वाले ये मच्छर इस बीमारी के वाहक हैं।
मलेरिया के लक्षण
मलेरिया के शुरूआती दौर में सर्दी-जुकाम या पेट में गड़बड़ी जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। सिर, शरीर और जोड़ों में दर्द, ठंड लगकर बुख़ार आना, नब्ज तेज हो जाना, उबकाई, उल्टी या दस्त होना आदि लक्षण मलेरिया के हो सकते हैं। इस तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत मलेरिया की जांच कराएं। लापरवाही पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
मच्छरों को न पनपने दें
मच्छर मलेरिया के वाहक होते हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जलभराव न होने दें। नालियों में समय-समय पर मिट्टी का तेल या प्रयोग हुआ मोबिल ऑयल डाल दें। पूरी तरह ढके हुए कपड़े पहनें जिससे मच्छर हाथों और पैरों पर काट न सकें। मच्छरदानी का प्रयोग करें या मच्छरों से बचाव के लिए अन्य उपाय अपनाएं।